गर्भावस्था की शुरुआत से ही रखें ख़ास ध्यान
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ये हो सकती हैं परेशानियां
गर्भावस्था के समय डायबिटीज़ का सामने आना या इसका पहले से शरीर मे मौजूद रहना, दोनों ही स्थितियों में यह मां और बच्चे दोनों की ज़िंदगी के लिए मुश्किल पैदा कर सकती है। इसके कारण बच्चे में जन्मगत विकार की आशंका बढ़ने के साथ ही प्रसव के समय बच्चे की जान जाने, प्रसव प्रक्रिया में बाधा आने, गर्भपात होने, समय से पहले बच्चे का जन्म होने जैसी कई समस्याएं हो सकती हैं। शरीर और उसमें विकसित हो रहे बच्चे के लिए यह जरूरी हो जाता है कि डायबिटीज का स्तर नियंत्रण में रहे। यही कारण है कि डॉक्टर सामान्य और स्वस्थ गर्भवती महिलाओं के लिए भी रक्त में शकर की मात्रा को प्रथम ट्राइमेस्टर से ही जांचना शुरू कर देते हैं।