लंग नोड्यूल की समस्या के बारे में जानिए
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पहले लंग नोड्यूल के बारे में जान लीजिए
लंग नोड्यूल फेफड़ों में बनने वाला एक छोटा, गोल या अंडाकार धब्बे जैसा उभार होता है, जिसे आमतौर पर एक्स-रे या सीटी स्कैन की मदद से पहचाना जाता है। इसे पल्मोनरी नोड्यूल भी कहा जाता है। आमतौर पर इसका आकार 3 सेंटीमीटर तक होता है। इससे बड़ा उभार होने पर उसे लंग मास कहा जा सकता है, जिसमें कैंसर की आशंका अधिक हो सकती है।
- फेफड़ों में नोड्यूल दिखने का मतलब यह नहीं है कि मरीज को कैंसर है। ज्यादातर छोटे लंग नोड्यूल बिना कैंसर वाले होते हैं।
- ये अक्सर किसी दूसरे कारण से होने वाले जांच में सामने आते हैं। कई मामलों में इनमें कोई लक्षण भी नहीं होते।
- डॉक्टर नोड्यूल का आकार, बढ़ने की गति और मरीज की उम्र व धूम्रपान की आदत जैसे जोखिम कारकों को देखकर तय करते हैं कि ये कितना खतरनाक है और इसके आगे की प्रक्रिया क्या होगी?
क्यों होती है ये समस्या?
मेडिकल रिपोर्ट्स से पता चलता है कि लंग नोड्यूल बनने के कई कारण हो सकते हैं। फेफड़ों में संक्रमण या सूजन के कारण फेफड़ों के ऊतकों में होने वाले बदलाव के कारण ये समस्या सबसे ज्यादा देखी जाती रही है।
- ट्यूबरकुलोसिस, फंगल संक्रमण और कुछ अन्य श्वसन संक्रमणों के बाद भी फेफड़ों में छोटे नोड्यूल बन सकते हैं।
- रूमेटाइड आर्थराइटिस जैसी कुछ ऑटोइम्यून बीमारियां और फेफड़ों में लंबे समय तक रहने वाली सूजन इसका खतरा बढ़ाने वाली हो सकती हैं।
उम्र बढ़ने, लंबे समय तक धूम्रपान या तंबाकू के सेवन और पहले कैंसर होने की स्थिति में खतरा और बढ़ सकता है। वायु प्रदूषण और कुछ हानिकारक पदार्थों के लंबे समय तक संपर्क में रहने से भी फेफड़ों के कैंसर का खतरा बढ़ जाता है।