पॉलीसिस्टिक ओवरी सिंड्रोम (पीसीओओस) दुनियाभर में महिलाओं में रिपोर्ट की जाने वाली हार्मोनल समस्या रही है, जो मेटाबॉलिज्म, प्रजनन क्षमता और हार्मोन्स को प्रभावित करती है। इस समस्या के कारण पीरियड्स के अनियमित होने, चेहरे या शरीर पर अत्यधिक बाल उगने, मुंहासे और वजन घटाने या गर्भधारण करने में कठिनाई देखी जाती रही है।
कई एक्सपर्ट्स लंबे समय से यह तर्क दे रहे थे कि यह नाम अधूरा और गुमराह करने वाला है। सिर्फ ओवरीज नाम आने की वजह से, इस समस्या से जुड़ी मेटाबॉलिक, हार्मोनल, प्रजनन और मानसिक चुनौतियों पर कम ध्यान दिया जाता है। इस क्रम में अब बड़ा बदलाव आया है। मलेशिया स्थित मोनाश यूनिवर्सिटी की अगुवाई में दुनियाभर में किए गए बड़े और अहम प्रयास के बाद, अब पीसीओएस को 'पॉलीएंडोक्राइन मेटाबॉलिक ओवेरियन सिंड्रोम' (पीएमओएस) नाम दिया गया है।
पीएमओएस से मिलते-जुलते दो शब्द पीसीओएस और पीसीओडी भी काफी चर्चा में रहे हैं। आइए इन तीनों के बारे में जानते हैं और समझते हैं कि तीनों में क्या अंतर है?