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Cancer Risk: आपके घर में ही मौजूद हैं कैंसर कारक कई चीजें, इन चीजों के इस्तेमाल को लेकर बरतें सावधानी

Tue, 23 Apr 2024 09:15 PM IST
अभिलाष श्रीवास्तव हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
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फर्श क्लीनर्स - फोटो : istock
कैंसर वैश्विक स्तर पर मृत्यु के प्रमुख कारणों में से एक है, इसका खतरा किसी भी उम्र के व्यक्ति को हो सकता है। स्वास्थ्य विशेषज्ञ बताते हैं, लाइफस्टाइल और आहार में गड़बड़ी के अलावा कई अन्य कारक भी कैंसर के खतरे को बढ़ा रहे हैं। क्या आप जानते हैं कि हम सभी रोजाना अपने घरों में कई ऐसी चीजों का इस्तेमाल कर रहे हैं जिनसे भी कैंसर का खतरा हो सकता है?

स्वास्थ्य विशेषज्ञ बताते हैं, जिस हवा में हम सांस लेते हैं, जो भोजन खाते हैं उससे लेकर सामान्य घरेलू उपयोग की वस्तुओं तक, कई कारणों से हमारे विषाक्त पदार्थों के संपर्क में आने का जोखिम हो सकता है जिससे दीर्घकालिक रूप में कैंसर होने का खतरा रहता है। अस्वास्थ्यकर आहार और व्यायाम की कमी जैसे जीवनशैली कारक भी आपमें कैंसर के जोखिमों को बढ़ाने वाले हो सकते हैं।

कई मामलों में विषाक्त पदार्थों के संपर्क से पूरी तरह से बच पाना संभव नहीं है पर कुछ चीजों का इस्तेमाल कम करके खतरे को जरूर कम किया जा सकता है। आइए जानते हैं कि दैनिक उपयोग की किन चीजों के कारण आप कैंसर के शिकार हो सकते हैं?
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कैंसर के जोखिम कारक - फोटो : istock
घरेलू आइटम्स में हो सकते हैं कैंसर कारक तत्व

स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने बताया घरों में रोजाना उपयोग की जाने वाली वस्तुओं में मौजूद कार्सिनोजेन के संपर्क पर ध्यान देना जरूरी हो जाता है। नॉन-स्टिक कुकवेयर, प्लास्टिक कंटेनर, घरेलू क्लीनर से लेकर मोमबत्तियों आदि के उपयोग से हम कैंसर कारक तत्वों के संपर्क में आ सकते हैं। माइक्रोप्लास्टिक को लेकर हाल में हुए कई अध्ययनों में सभी लोगों को सावधानी बरतने की सलाह दी गई है। इतना ही नहीं शोध से पता चलता है कि शरीर में माइक्रोप्लास्टिक के कारण  जीन से संबंधित विकारों का भी खतरा बढ़ सकता है।
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नॉन स्टिक तवा - फोटो : istock
नॉन-स्टिक कुकवेयर का इस्तेमाल

हम सभी के घरों में खाना पकाने के लिए नॉन-स्टिक तवे और कुकवेयर का इस्तेमाल किया जाता रहा है। इन पैन को तैयार करते समय टेफ्लॉन नामक तत्व की कोटिंग की जाती है। इसमें  खाना बनाना और बर्तनों की सफाई करना आसान होता है। हालांकि अध्ययनों से पता चलता है कि उच्च तापमान पर गर्म करने पर नॉन-स्टिक बर्तनों से हानिकारक पेरफ्लूरिनेटेड नामक रसायन रिलीज होता है जिसकी अगर शरीर में अधिकता हो जाए तो इससे कैंसर जैसी गंभीर समस्याओं का जोखिम हो सकता है।

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प्लास्टिक वाली चीजें - फोटो : istock
प्लास्टिक वाली चीजों का इस्तेमाल

प्लास्टिक के बर्तन-कंटेनर्स और पॉलिथीन बैग के उपयोग को लेकर लोगों को लगातार सावधान किया जाता रहा है। प्लास्टिक के टिफिन में गर्म खाना रखने से लेकर, प्लास्टिक की बोतलों में पानी पीने तक को अध्ययनों में शरीर के लिए कई प्रकार से हानिकारक प्रभावों वाला पाया गया है। प्लास्टिक के कंटेनर्स में बिस्फेनॉल-ए (बीपीए) और फेथलेट्स हो सकते हैं, इन दोनों को कैंसरकारक दुष्प्रभावों के लिए जाना जाता है। स्वास्थ्य विशेषज्ञ प्लास्टिक वाली चीजों का इस्तेमाल कम से कम करने की सलाह देते हैं।
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फर्श क्लीनर्स - फोटो : istock
पेंट और घरेलू साफ-सफाई के आइटम्स

कुछ प्रकार के पेंट, वार्निश और फर्श क्लीनर्स में बेंजीन, फॉर्मेल्डिहाइड और टोल्यूनि जैसे रसायनों की मौजूदगी पाई गई है जिनके लंबे समय तक संपर्क में रहने से कैंसर और कई अन्य प्रकार की बीमारियों का खतरा हो सकता है। स्वास्थ्य विशेषज्ञ कहते हैं, इन चीजों के अधिक इस्तेमाल से भी शरीर को कई तरह के दीर्घकालिक नुकसान हो सकते हैं।



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नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्टस से एकत्रित जानकारियों के आधार पर तैयार किया गया है। 

अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।
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