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New Covid Variant: दो नए वैरिएंट्स ने बढ़ाई वैज्ञानिकों की चिंता, ये अपडेटेड वैक्सीन देंगे जोखिमों से सुरक्षा

Sat, 19 Aug 2023 11:56 AM IST
अभिलाष श्रीवास्तव हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
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नए वैरिएंट्स के जोखिमों को लेकर अलर्ट - फोटो : iStock
कोरोना के नए वैरिएंट्स वैश्विक स्तर पर स्वास्थ्य जोखिमों को बढ़ा रहे हैं। यूके में देखे गए एरिस वैरिएंट के बाद अब अमेरिका सहित कुछ देशों में नए BA.2.86 वैरिएंट के मामले रिपोर्ट किए गए हैं। प्रारंभिक अध्ययनों में दोनों को ही ओमिक्रॉन वैरिएंट का एक रूप माना जा रहा है, हालांकि इनमें जिस प्रकार के म्यूटेशन देखे गए हैं, वह इनकी अधिक संक्रामकता को लेकर अलर्ट करते हैं। शोधकर्ताओं ने बताया कि अतिरिक्त म्यूटेशंस के कारण नए वैरिएंट्स से संक्रमण का खतरा उन लोगों में भी बना हुआ है, जिनका वैक्सीनेशन हो चुका है या फिर पुराने संक्रमण से उनके शरीर में प्रतिरक्षा बनी हुई है।

कोरोना के बढ़ते नए जोखिमों को देखते हुए वैज्ञानिकों ने इससे मुकाबले के लिए वैक्सीन को अपडेट करना भी शुरू कर दिया है। वैक्सीन कंपनी फाइजर ने गुरुवार को जारी अपडेट में बताया कि वो नए वैरिएंट्स को टारगेट करने के लक्ष्य से वैक्सीन को अपडेट कर रही है। एरिस जैसे वैरिएंट्स के खिलाफ सुरक्षा देने में इस वैक्सीन से लाभ मिलने की उम्मीद है। प्रारंभिक शोध और परीक्षण में इसके बेहतर परिणाम भी देखने को मिले हैं।
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फाइजर बना रहा है अपडेटेड वैक्सीन - फोटो : istock
नए वैरिएंट्स के लेकर अपडेटेड वैक्सीन 

फाइजर इंक ने एक बयान में बताया कि हम कोरोना के उभरते नए वैरिेएंट्स से मुकाबले के लिए नए कोविड-19 शॉट्स का परीक्षण कर रहे हैं, चूहों पर किए गए अध्ययन में एरिस सब-वैरिएंट के खिलाफ इसे प्रभावी पाया गया है। फाइजर ने अपने जर्मन पार्टनर बायोएनटेक, मॉडर्ना और नोवावैक्स के साथ मिलकर अपडेटेड वैक्सीन शॉट तैयार किया है, जो XBB.1.5 सब-वेरिएंट के खिलाफ काफी असरदार हो सकती है।

हाल में कोरोना के दो नए वैरिएंट्स देखे गए हैं, जिनमें अतिरिक्त म्यूटेशंस वैक्सीनेशन से बनी प्रतिरक्षा को आसानी से चकमा देने वाले हो सकते हैं। 
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मॉडर्ना वैक्सीन - फोटो : Twitter
मॉडर्ना भी तैयार कर रही है वैक्सीन

नए वैरिएंट्स के जोखिमों को देखते हुए वैक्सीन कंपनी मॉडर्ना ने भी वैक्सीन को अपडेट करना शुरू कर दिया है। इसे नए एरिस वैरिएंट को लक्षित करने के लिए तैयार किया जा रहा है। शोधकर्ताओं ने बताया कि ओमिक्रॉन के ये नए सब-वैरिएंट्स आसानी से प्रतिरक्षा प्रणाली को चकमा देने वाले देखे जाते रहे हैं। इसके अलावा EG.5 के कारण यूएस में 17 फीसदी से अधिक मामले बढ़े हैं। ऐसे नें नए वैरिएंट्स से बचाने में अपडेटेड वैक्सीन्स से लाभ मिल सकता है।

स्वास्थ्य विशेषज्ञ कहते हैं, दो नए वैरिएंट्स तेजी से बढ़ रहे हैं, जिसको लेकर सभी लोगों को अलर्ट रहने की आवश्यकता है।

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अधिक संक्रामकता वाले हो सकते हैं नए वैक्सीन - फोटो : Pixabay
इन दो नए वैरिएंट्स ने बढ़ा दी है चिंता

हालिया मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक पिछले दिनों कोरोना के दो नए वैरिएंट्स के लेकर स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने चिंता जताई है। यूके सहित कई देशों में कोरोना के एरिस वैरिएंट के कारण तेजी से संक्रमण और अस्पताल में रोगियों की संख्या बढ़ते हुए देखी गई है, वहीं हालिया रिपोर्ट में वैज्ञानिकों की टीम ने  इजराइल, डेनमार्क और संयुक्त राज्य अमेरिका सहित कई देशों में एक और नए वैरिएंट BA.2.86 को लेकर चिंता जताई है।

शोधकर्ताओं की टीम ने बताया कि ये कोरोना के अत्यधिक म्यूटेटेड वर्जन्स में से एक हो सकता है, जिसके कारण इसकी संक्रामकता दर अधिक हो सकती है।
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अतिरिक्त म्यूटेशन वाले हो सकते हैं नए वैरिएंट्स - फोटो : Pixabay
नए वैरिएंट्स में देखे गए हैं अतिरिक्त म्यूटेशंस

शोधकर्ताओं की टीम ने बताया कि इन नए वैरिएंट्स में कई जेनिटिक म्यूटेशंस देखे गए हैं। अब तक देख गए कोरोना के मूल वैरिएंट की तुलना में इसके स्पाइक प्रोटीन में 30 से अधिक उत्परिवर्तन हैं, कई देशों में इन नए वैरिएंट्स का पता चलने से वैज्ञानिक सतर्क हो गए हैं।

यूसीएल जेनेटिक्स इंस्टीट्यूट के निदेशक प्रोफेसर फ्रेंकोइस बैलौक्स कहते हैं, बीए.2.86, ओमिक्रॉन का संभवत: अब तक का सबसे खतरनाक कोविड स्ट्रेन हो सकता है और इससे संक्रमण का खतरा उन लोगों को भी बना हुआ है जिनके शरीर में टीकाकरण और प्राकृतिक संक्रमण से बनी प्रतिरक्षा मौजूद है। 




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नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्टस से एकत्रित जानकारियों के आधार पर तैयार किया गया है। 

अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।
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