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अमर उजाला विशेष: स्वास्थ्य विशेषज्ञों से जानिए ओमिक्रॉन वैरिएंट से जुड़े हर जरूरी सवाल के जवाब

Mon, 29 Nov 2021 07:48 PM IST
Abhilash Srivastava हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
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ओमिक्रॉन से भारत को कितना खतरा - फोटो : Self
Medically reviewed by-
डॉ जतिन अहूजा
संक्रामक रोग विशेषज्ञ

डॉ अमरिंदर सिंह मल्ही
असिस्टेंट प्रोफेसर, एम्स दिल्ली


दुनिया के कई देशों में तेजी से बढ़ता कोरोना का नया वैरिएंट 'ओमिक्रॉन' वैज्ञानिकों के लिए गंभीर चिंता का कारण बना हुआ है। अध्ययन में देखे गए 30 से अधिक म्यूटेशन कोरोना के इस वैरिएंट को काफी घातक और संक्रामक बनाते हैं। दावा किया जा रहा है कि कोरोना का यह वैरिएंट अब तक के सबसे खतरनाक माने जा रहे डेल्टा वैरिएंट से भी अधिक संक्रामक हो सकता है। कोरोना के इस वैरिएंट के सामने आने के बाद से तमाम देशों ने अंतरराष्ट्रीय यातायात प्रतिबंध लगाने के साथ देश में अलर्ट घोषित कर दिया है। कोरोना का ओमिक्रॉन वैरिएंट कितना संक्रामक है, इसके लक्षण क्या हो सकते हैं साथ ही इससे बचाव के लिए किन उपायों को प्रयोग में लाना होगा, आपके मन में भी ऐसे ही सवाल घूम रहे होंगे। 

अमर उजाला ने खास पहल करते हुए लोगों को जागरूक करने के लिए विशेषज्ञों के साथ एक वेब-शो का आयोजन किया, जिसमें स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने इस वैरिएंट से जुड़े हर जरूरी सवालों के जवाब दिए। आइए कुछ इस बारे में विस्तार से जानते हैं।
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खतरनाक हो सकता है ओमिक्रॉन? - फोटो : Pixabay
कितना खतरनाक हो सकता है कोरोना का यह वैरिएंट?
संक्रामक रोग विशेषज्ञ डॉ जतिन अहूजा बताते हैं, इस वैरिएंट की प्रकृति को देखते हुए निश्चित ही इसे खतरनाक माना जा रहा है। फिलहाल इसका सबसे ज्यादा खतरा उन्हीं लोगों में हो सकता है जिन्हें वैक्सीन की अब तक एक भी डोज नहीं मिली है। भारत में इस वैरिएंट के अभी तक एक भी केस नहीं है, हमारे यहां बड़ी संख्या में लोगों का टीकाकरण हो चुका है, ऐसे में भारत को एक हद तक इसके गंभीर संक्रमण से सुरक्षित माना जा सकता है।
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कोरोना के नए वैरिएंट से खतरा - फोटो : पीटीआई
क्या तीसरी लहर का कारण बन सकता है ओमिक्रॉन?
एम्स दिल्ली में असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ अमरिंदर सिंह मल्ही बताते हैं, ओमिक्रॉन को लेकर दुनियाभर में चर्चा की जा रही है, क्या यह तीसरी लहर लाएगा इस बारे में फिलहाल कहा नहीं जा सकता है। खास बात यह है कि कोविड एप्रोप्रिएट बिहेवियर का पालन और वैक्सीन की दोनों डोज लेकर इससे सुरक्षित रहा जा सकता है। जिन इलाकों में सभी लोगों को वैक्सीन की दोनों डोज मिल चुकी है वहां कोरोना के मामले कम देखे जा रहे हैं।

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ओमिक्रॉन वैरिएंट के लक्षण - फोटो : iStock
क्या हो सकते हैं ओमिक्रॉन वैरिएंट के लक्षण?
डॉ जतिन बताते हैं, फिलहाल अध्ययनों में ओमिक्रॉन वैरिएंट के कोई खास लक्षण सामने नहीं आए हैं, माना जा रहा है कि इससे संक्रमित लोगों में भी वैसे ही लक्षण हो सकते हैं जैसे कि डेल्टा और अन्य वैरिएंट में हो सकते हैं। देखने वाली बात यह होगी कि इसका भारतीय लोगों पर किस प्रकार से असर होता है?
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कोरोना वायरस से करें बचाव - फोटो : iStock
ओमिक्रॉन से कैसे करें बचाव?
डॉ अमरिंदर सिंह बताते हैं, कोविड एप्रोप्रिएट बिहेवियर का पालन करना ही इस वैरिएंट से बचाव का सबसे प्रभावी उपाय हो सकता है। मास्क लगाना, सोशल डिस्टेंसिंग और हाथों की साफ-सफाई रखना बहुत आवश्यक है। इसके अलावा आहार को स्वस्थ रखने और इम्यूनिटी बढ़ाने वाले उपाय करके ओमिक्रॉन सहित कोरोना के अन्य वैरिएंट्स से सुरक्षित रहा जा सकता है। 
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वैक्सीन से मिलेगी सुरक्षा - फोटो : Pixabay
क्या वैक्सीन की दोनों डोज ले चुके लोगों को भी है खतरा?
डॉ जतिन बताते हैं, कई अध्ययनों में दावा किया जा रहा है कि समय के साथ वैक्सीन से बनीं एंटीबॉडीज का स्तर कम होने लगता है। जो लोग पहले से ही इम्यूनोकंप्रोमाइज्ड हैं उन्हें एक और डोज देकर बूस्ट करने की जरूरत हो सकती है। जिन लोगों को दोनों डोज लग चुकी है, उनमें संक्रमण का खतरा तो हो सकता है लेकिन इसके गंभीर लक्षणों से उन्हें सुरक्षित माना जा सकता है। 


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नोट: यह लेख स्वास्थ्य विशेषज्ञों द्वारा साक्षा किए गए जानकारियों के आधार पर तैयार किया गया है। 

अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।
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