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जानना जरूरी: हाथों और उंगलियों में ऐसे लक्षण हो सकते हैं फेफड़ों के कैंसर के संकेत, जानिए कैसे करें बचाव?

Mon, 29 Nov 2021 05:35 PM IST
Abhilash Srivastava हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
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फेफड़ों के कैंसर के लक्षण - फोटो : iStock
जीवनशैली और आहार में गड़बड़ी के साथ वायु प्रदूषण के बढ़ते खतरे के कारण पिछले कुछ वर्षों में फेफड़ों के कैंसर के मामले काफी तेजी से बढ़ते हुए देखे गए हैं। फेफड़ों के कैंसर की स्थिति जानलेवा हो सकती है जिसके बारे में लोगों को विशेष सावधान रहने की आवश्यकता होती है। इस स्थिति में फेफड़ों या उसके आसपास कैंसर कोशिकाओं की असामान्य वृद्धि होने लगती है जो ट्यूमर का कारण बन सकती है। वैसे तो फेफड़े के कैंसर का ज्यादा खतरा उम्रदराज लोगों में अधिक होता है, हालांकि धूम्रपान, सेकेंड हैंड धूम्रपान, वायु प्रदूषण और जीवनशैली के गड़बड़ी जैसे कारकों के चलते कम उम्र के लोगों में भी इस समस्या को बढ़ते हुए देखा जा रहा है।

स्वास्थ्य विशेषज्ञों के मुताबिक वैसे तो फेफड़े का कैंसर ज्यादातर वायुमार्ग में विकसित होता है जो आसपास के अंगों को भी प्रभावित कर सकता है। यही कारण है समय रहते इसके लक्षणों की पहचान करके उपचार शुरू कर देने आवश्यक माना जाता है। फेफड़े के कैंसर की पहचान उंगलियों और हाथों में होने वाली समस्या के आधार पर भी किया जा सकता है, आइए आगे की स्लाइडों में इस बारे में जानते हैं। 
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फेफड़ों के कैंसर का खतरा - फोटो : Pixabay
फेफड़े के कैंसर के सामान्य लक्षण
स्वास्थ्य विशेषज्ञों के मुताबिक फेफड़े के कैंसर की स्थिति में आमतौर पर शुरुआती चरणों में कोई भी लक्षण नहीं दिखाई देते हैं। कैंसर की समस्या बढ़ने के साथ इसके लक्षण दिखाई देने शुरू होते हैं। रोगियों में अगर इस तरह के लक्षण दिखें तो उन्हें सावधान हो जाना चाहिए।
  • कई महीनों तक खांसी की समस्या बने रहना।
  • खांसी के साथ खून आना।
  • सांस लेने में कठिनाई।
  • छाती में दर्द।
  • समय के साथ आवाज बैठते जाना।
  • वजन का लगातार कम होते जाना।
  • हड्डियों, पसलियों और सिर में दर्द।
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उंगलियो पर दिख सकते हैं लक्षण - फोटो : iStock
हाथों-उंगलियों में इन समस्याओं के बारे में भी जानिए
स्वास्थ्य विशेषज्ञों के मुताबिक कैंसर की स्थिति में यदि ट्यूमर फेफड़ों के ऊपरी हिस्से पर स्थित है, तो यह रक्त वाहिकाओं और तंत्रिकाओं पर दबाव डाल सकता है। इस स्थिति में हाथ में दर्द और कमजोरी हो सकती है। इसके अलावा कुछ मरीजों इस तरह का अनुभव हो सकता है जैसे कि उनके हाथ और त्वचा में सुई चुभ रही हो। इसके अलावा फेफड़ों के कैंसर की प्रारंभिक स्थिति में उंगलियों को ऑक्सीजन न मिल पाने के कारण  उंगलियों के क्लब होने की समस्या हो सकती है। 

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फेफड़ों के कैंसर को कैसे ठीक करें? - फोटो : iStock
फेफड़ों के कैंसर का इलाज
स्वास्थ्य विशेषज्ञों के मुताबिक रोगी के स्वास्थ्य, कैंसर का प्रकार और अवस्था जैसे कारकों के आधार पर डॉक्टर उपचार की प्रक्रिया को प्रयोग में लाते हैं। कैंसर की स्थिति के आधार पर रेडिएशन थेरपी, कीमोथेरेपी और सर्जरी जैसी प्रक्रियाओं को प्रयोग में लाया जा सकता है। स्वास्थ्य विशेषज्ञों के मुताबिक कैंसर का जितनी जल्दी पता चल जाए उसका इलाज और ठीक होने की संभावना उतनी अधिक हो सकती है।
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प्रदूषम से बचाव बहुत आवश्यक - फोटो : Pixabay
फेफड़ों के कैंसर से बचाव
स्वास्थ्य विशेषज्ञों के मुताबिक कुछ आसान से उपायों को प्रयोग में लाकर फेफड़ों के कैंसर की समस्या से खुद को सुरक्षित किया जा सकता है। सभी लोगों को इन बातों को ध्यान में रखना चाहिए। 
  • धूम्रपान से बना लें दूरी।
  • वायु प्रदूषण से बचने के लिए मास्क पहन कर रखें।
  • विटामिन-सी से भरपूर खाद्य पदार्थों का सेवन अधिक से अधिक करें। 
  • सप्ताह में कम से कम 150 मिनट का व्यायाम जरूर करें।


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नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्टस से प्राप्त जानकारियों के आधार पर तैयार किया गया है। 

अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।
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