फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

कोरोना: ओमिक्रोन पर बड़ा खुलासा, हो जाएं सावधान, जरा सी लापरवाही से हो सकता है संक्रमण

Wed, 26 Jan 2022 03:46 PM IST
शिवानी अवस्थी हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
विज्ञापन
1 of 5
ओमिक्राॅन की सक्रियता पर अध्ययन - फोटो : iStock
दुनियाभर में कोरोना वायरस के ओमिक्राॅन वैरिएंट को लेकर चिंता बढ़ रही है। ओमिक्राॅन वैरिएंट को लेकर हुए एक नए अध्ययन की रिपोर्ट में पता चला है कि प्लास्टिक और त्वचा पर ओमिक्राॅन कोरोना के अन्य वैरिएंट की तुलना में अधिक लंबी अवधि तक जीवित रह सकता है। अध्ययन के मुताबिक, ओमिक्राॅन वैरिएंट त्वचा पर 21 घंटे तक जीवित रह सकता है। वहीं प्लास्टिक की सतह पर ओमिक्राॅन आठ दिन से अधिक समय तक जीवित रहने में सक्षम है। ऐसे में कोरोना के अन्य वैरिएंट अल्फा, बीटा, गामा और डेल्टा की तुलना में ओमिक्राॅन तेजी से फैल सकता है। यह अध्ययन जापान के क्योटो प्रीफेक्चुरल यूनिवर्सिटी ऑफ मेडिसिन के शोधकर्ताओं की टीम ने किया है। हालांकि इस अध्ययन की अभी समीक्षा बाकि है। जापान के शोधकर्ताओं का ये रिचर्स प्री-प्रिंट में प्रकाशित किया गया। इस शोध में सार्स-सीओवी-2 वुहान स्ट्रेन और सभी वैरिएंट्स (वीओसी) के बीच वायरल पर्यावरणीय स्थिरता में अंतर का विश्लेषण किया गया।  
विज्ञापन

2 of 5
ओमिक्राॅन की सक्रियता पर अध्ययन - फोटो : iStock
ओमिक्राॅन की सक्रियता पर शोध

शोध के निष्कर्षों के मुताबिक, अल्फा, बीटा, डेल्टा और ओमिक्राॅन वैरिएंट वुहान स्ट्रेन की तुलना में दो गुना अधिक लंबे समय कर प्लास्टिक और त्वचा की सतह पर जीवित रह सकते हैं।ऐसे में संक्रमण के ट्रांसमिशन और वायरस के प्रसार का खतरा अधिक बढ़ सकता है। अध्ययन में यह भी पाया गया कि अन्य वैरिएंट की तुलना में ओमिक्राॅन में सबसे अधिक पर्यावरणीय स्थिरता है। यह ओमिक्राॅन का डेल्टा वैरिएंट की जगह लेने और तेजी से फैलने की एक बड़ी वजह भी है। 
विज्ञापन

3 of 5
ओमिक्राॅन की सक्रियता पर अध्ययन - फोटो : istock
प्लास्टिक पर कितने दिन जीवित रह सकता है ओमिक्राॅन

-शोधकर्ताओं की टीम ने इस अध्ययन के निष्कर्षों के आधार पर दावा किया है कि एक प्लास्टिक (पाॅलीस्टाइरीन) की तरह पर ओमिक्राॅन लगभग 8 दिन यानी 193.5 घंटे तक जीवित रह सकता है। 

-वहीं मूल स्ट्रेन 56 घंटे और गामा वैरिएंट 59.3 घंटे तक ही प्लास्टिक पर जीवित रहता है। यानी इन दोनों की तुलना में ओमिक्राॅन तीन गुना से भी अधिक समय कर अस्तित्व में रह सकता है। 

-डेल्टा वैरिएंट प्लास्टिक पर 114 घंटे और बीटा 156.6 तक जीवित रहने की क्षमता रखता है। ओमिक्राॅन की तुलना में यह भी कम समय तक जीवित रहते हैं।

-ओमिक्राॅन वैरिएंट की क्षमता के करीब केवल अल्फा वैरिएंट ही है, जो प्लास्टिक की सतह पर 191.3 घंटे तक दिखाई दे सकता है। 

4 of 5
ओमिक्राॅन की सक्रियता पर अध्ययन - फोटो : iStock
त्वचा पर कितने घंटे सक्रिय रहते हैं कोविड वैरिएंट 

त्वचा की सतह पर संक्रमण के सक्रिय रहने की क्षमता के मामले में भी ओमिक्राॅन अधिक ताकतवर है। ओमिक्राॅन त्वचा पर 21.1 घंटे तक जीवित रह सकता है। जबकि वुहान का मूल संक्रमण 8.6 घंटों तक सक्रिय रह सकता है। 

वहीं गामा वैरिएंट 11 घंटे और डेल्टा वैरिएंट 16.8 घंटे तक रह सकता है। ओमिक्राॅन की क्षमता इनसे बहुत अधिक है हालंकि अल्फा 19.6 घंटे और बीटा 19.1 घंटे तक त्वचा के अपने अस्तित्व को बनाए रख सकता है। 

 
विज्ञापन
विज्ञापन

5 of 5
ओमिक्राॅन की सक्रियता पर अध्ययन - फोटो : Pexels.com
हैंड सैनिटाइजर के इस्तेमाल से निष्क्रिय होते हैं वैरिएंट

अध्ययन से यह भी पता चला है कि अल्फा, बीटा, डेल्टा और ओमिक्रॉन वेरिएंट में इथेनॉल प्रतिरोध में भले ही मामूली वृद्धि देखी गई हो, लेकिन त्वचा पर सभी वैरिएंट अल्कोहल-आधारित हैंड सैनिटाइजर के इस्तेमाल के बाद 15 सेकंड में पूरी तरह से निष्क्रिय हो जाते हैं। 

ऐसे में शोधकर्ताओं ने सलाह दी है कि विश्न स्वास्थ्य संगठन के निर्देशानुसार हाथों की स्वच्छता के लिए कीटाणुनाशक के इस्तेमाल की आदत बनी रहे ताकि वायरस को नियंत्रित किया जा सके।  
------------

स्रोत और संदर्भ

Differences in environmental stability among SARS-CoV-2 variants of concern: Omicron has higher stability



अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।
 
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें