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बड़ा सवाल: क्या ओमिक्रॉन वैरिएंट बनेगा कोरोना के तीसरी लहर का कारण? जानिए क्या कहते हैं विशेषज्ञ

Sun, 12 Dec 2021 07:24 PM IST
Abhilash Srivastava हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
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कोरोना वायरस की तीसरी लहर का खतरा - फोटो : iStock
भारत सहित दुनिया के तमाम देशों में कोरोना के ओमिक्रॉन वैरिएंट का कहर देखने को मिल रहा है। अध्ययनों में कोरोना के सबसे संक्रामक माने जा रहे इस वैरिएंट में वैक्सीनेशन से शरीर में बनी प्रतिरक्षा को चकमा देने की भी क्षमता है। हालिया रिपोर्टस के मुताबिक भारत में रविवार तक ओमिक्रॉन वैरिएंट से संक्रमित कुल 37 की पुष्टि की जा चुकी है। कई रिपोर्टस में दावा किया जा रहा है कि जिस तेजी से साथ ओमिक्रॉन अपने पैर पसार रहा है, ऐसे में यह देश में तीसरी लहर का भी कारण बन सकता है। कोरोना के बढ़ते खतरे को देखते हुए स्वास्थ्य विशेषज्ञ को अलर्ट पर रखा गया है।

स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि जब तक ओमिक्रॉन वैरिएंट के बारे में अध्ययनों से पूरी तरह से पता नहीं चल जाता है, तब तक सभी लोगों को इससे बचाव को लेकर विशेष सावधानी बरतते रहने की आवश्यकता है। आइए आगे की स्लाइडों में जानते हैं, देश में तीसरी लहर को लेकर डब्ल्यूएचओ के विशेषज्ञों का क्या कहना है?
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तीसरी लहर का खतरा - फोटो : iStock
डब्ल्यूएचओ का क्या कहना है?
दक्षिण-पूर्व एशिया के लिए डब्ल्यूएचओ की क्षेत्रीय निदेशक डॉ पूनम खेत्रपाल ने ओमिक्रॉन वैरिएंट के कारण बढ़े कोरोना के खतरे को लेकर लोगों को आगाह किया है। डॉ पूनम कहती हैं, कोरोना से बचाव के नियमों में बरती गई थोड़ी सी भी लापरवाही गंभीर समस्याओं का कारण बन सकती है, ऐसे में सभी लोगों को मास्क, सोशल डिस्टेंसिंग और हैंड हाइजीन का विशेष ख्याल रखना चाहिए। 
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कोरोना का खतरा - फोटो : Twitter
क्या तीसरी लहर का बन सकता है कारण?

एक इंटरव्यू में पूछे गए सवाल- कि क्या कोरोना का यह नया वैरिएंट देश में तीसरी लहर को ट्रिगर करेगा? डॉ खेत्रपाल कहती हैं-
कोरोना के नए वैरिएंट का मतलब यह नहीं है कि चीजें बदतर होंगी, हालांकि निश्चित रूप से कुछ चीजों को लेकर फिलहाल अनिश्चित जरूर है। दुनियाभर में अभी भी महामारी चल रही है, कई देशों में संक्रमण के मामलों में तेज उछाल देखा जा रहा है जो निश्चित ही चिंता का कारण हो सकता है। अगर हमने बचाव के उपायों में लापरवाही बरती और इस वैरिएंट को बढ़ने का मौका दिया तो इसमें कोई बड़ी बात नहीं है कि यह तीसरी लहर का कारण बन सकता है।

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वैक्सीनेशन कराना सबसे आवश्यक - फोटो : पीटीआई
ओमिक्रॉन पर वैक्सीन की प्रभाविकता
वैक्सीनेशन की प्रभाविकता को लेकर किए गए एक सवाल के जवाब में डॉ पूनम खेत्रपाल कहती हैं, इसका पता लगाने के लिए अध्ययन अभी भी चल रहा है, हालांकि, अभी यह जरूर माना जा सकता है कि  मौजूदा टीके गंभीर बीमारी और मृत्यु के जोखिम को कम करमें में मदद कर सकते हैं। यह जानना अब भी महत्वपूर्ण बना हुआ है कि क्या टीके आपके संक्रमित होने की आशंका को कम कर सकते हैं? जिन लोगों को टीके की दोनों डोज मिल चुकी है, उन्हें फिलहाल अधिक सुरक्षित माना जा सकता है।
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कोरोना वायरस का बढ़ता खतरा - फोटो : iStock
तीसरी लहर को लेकर विशेषज्ञों की राय
वहीं दूसरी तरफ मीडिया से बातचीत में कर्नाटक राज्य कोविड-19 तकनीकी सलाहकार समिति (टीएसी) के अध्यक्ष डॉ एमके सुदर्शन कहते हैं, अब तक कोविड-19 पॉजिटिविटी रेट काफी कम देखने को मिल रहा है। राज्य में पिछले दिनों कोरोना की जांच को 60,000 से बढ़कर एक लाख तक कर दी गई है। अभी भी रोजाना की संक्रामता दर एक फीसदी से कम बनी हुई है, इस आधार पर कहा जा सकता है कि फिलहाल तीसरी लहर के संकेत नहीं हैं। अगर कोरोना से बचाव के उपायों को प्रयोग में सही से लाया गया तो तीसरी लहर को रोका जा सकता है।


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नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्टस से प्राप्त जानकारियों आधार पर तैयार किया गया है। 

अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।
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