मानसिक स्वास्थ्य और हृदय रोग
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मानसिक स्वास्थ्य का दिल से कनेक्शन
मौजूदा समय में मानसिक तौर पर तंदरुस्त रहना एक बहुत महत्वपूर्ण उपलब्धि है। तनाव और मानसिक अशांति वाले माहौल में अपने दिमाग को स्वस्थ रखना एक बड़ी चुनौती होती है। दफ्तर से लेकर निजी जिंदगी तक के विभिन्न नकारात्मक अनुभव आपके दिमाग पर बुरा असर डाल सकते हैं और इसका भी असर पड़ता है दिल पर। इसलिए दफ्तर हो या घर, तनाव या स्ट्रेस को दिमाग पर हावी न होने दें। खुश रहने के लिए छोटी छोटी वजहें तलाशें। रिसर्च यह साबित कर चुकी है अगर तनाव, स्ट्रेस और नेगेटिव विचारों पर समय रहते काबू न किया जाए तो हार्ट की रिदम बिगड़ने, ब्लड प्रेशर के बढ़ने जैसी स्थितियां बन सकती हैं, जो जानलेवा हो सकती हैं।
इन सबके अलावा जन्मगत ह्रदय विकार, अनुवांशिक हृदय रोग, मोटापा, फेफड़ों, पेट, दांत, लिवर आदि से जुड़ी समस्याएं भी दिल के रोगों या हार्ट अटैक तक का कारण बन सकती हैं।
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