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Omicron BA.2 Symptoms: सर्दी-बुखार के साथ इस लक्षण का मतलब हो गया है स्टील्थ ओमिक्रॉन का संक्रमण, ऐसे लोगों में खतरा अधिक

Sat, 12 Feb 2022 01:35 PM IST
अभिलाष श्रीवास्तव हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
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स्टील्थ ओमिक्रॉन के लक्षण क्या हैं? - फोटो : iStock
दुनियाभर से कोरोना के ओमिक्रॉन वैरिएंट के कम होते मामलों की खबरें राहत देने वाली हैं, हालांकि ओमिक्रॉन का सब-वैरिएंट बीए.2 (स्टील्थ ओमिक्रॉन) अब भी वैज्ञानिकों के लिए गंभीर चिंता का कारण बना हुआ है। विश्व स्वास्थ्य संगठन के अनुसार, BA.2 सब-वेरिएंट के वैश्विक स्तर पर फैलने की आशंका है, हालांकि यह स्पष्ट नहीं है कि क्या यह मूल ओमिक्रॉन वैरिएंट से संक्रमित लोगों में पुन: संक्रमण का कारण बनेगा? डब्ल्यूएचओ के कोविड-19 तकनीकी टेक्निकल टीम लीड मारिया वान केरखोव के अनुसार, बीए.2 सब-वेरिएंट, मूल ओमिक्रॉन वैरिएंट की तुलना में अधिक संक्रामक है, इसके कारण नए संक्रमण के मामलों में तेजी से उछाल देखने को मिल सकता है।

कुछ अध्ययनों में दावा किया जा रहा है कि यह सब-वैरिएंट, आरटीपीसीआर टेस्ट को भी चकमा दे सकता है। ब्रिटेन की स्वास्थ्य सेवा एजेंसी (यूकेएचएसए) के वैज्ञानिकों के मुताबिक ओमिक्रॉन बीए.2 में वह एक म्यूटेशन नहीं है जो कोविड-19 का पता लगाने में मदद करता है। इस बात को ध्यान में रखकर सभी लोगों को लगातार कोरोना से बचाव के उपाय करते रहना चाहिए। इस बीच हालिया अध्ययन में वैज्ञानिकों ने स्टील्थ ओमिक्रॉन के कुछ लक्षणों के बारे में बताया है, जिसके आधार पर इस वैरिएंट से संक्रमण का पता लगाया जा सकता है। आइए इस बारे में विस्तार से जानते हैं। 
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बढ़ रहे हैं ओमिक्रॉन सब वैरिएंट के मामले - फोटो : Pixabay
संक्रमितों को चक्कर आने की समस्या
हालिया रिपोर्ट में दक्षिण अफ्रीका में सबसे पहले कोरोना के ओमिक्रॉन वैरिएंट का पता लगाने वाली डॉ एंजेलिक कोएत्ज़ी बताती हैं, दुनिया के कई देशों से स्टील्थ ओमिक्रॉन के बढ़ते मामलों की खबरें सामने आ रही हैं। इस सब-वैरिएंट से संक्रमित लोगों को शुरुआती चरणों में ओमिक्रॉन के अन्य लक्षणों के साथ चक्कर आने की दिक्कतों का अनुभव हो रहा है। वैसे तो चक्कर आने के और भी कारण हो सकते हैं लेकिन अगर यह स्थिति लगातार बनी रहती है तो इस बारे में चिकित्सक से शीघ्र संपर्क करना चाहिए।
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सामान्य लक्षणों के साथ चक्कर आने की दिक्कत - फोटो : istock
ऐसी दिक्कतों को लेकर भी रहें अलर्ट
अध्ययनों से पता चलता है कि ओमिक्रॉन वैरिएंट से संक्रमण के लक्षण हल्के होते हैं, स्टील्थ ओमिक्रॉन  में भी लोगों में हल्के-मध्यम लक्षण ही देखे जा रहे हैं। डॉ एंजेलिक बताती हैं, चक्कर आने का साथ इसके सब-वैरिएंट से संक्रमण की स्थिति में लोगों को बहती नाक, गले में खरोंच जैसी दिक्कत, सिरदर्द, थकान, छींक आने, शरीर में दर्द, रात को पसीना आने, भूख न लगना और उल्टी जैसी दिक्कतों का भी अनुभव हो सकता है।

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ओमिक्रॉन रि-इंफेक्शन के मामले - फोटो : PTI
स्टील्थ ओमिक्रॉन बन सकता है रि-इंफेक्शन का कारण
ओमिक्रॉन के सब-वैरिएंट बीए.2 (स्टील्थ ओमिक्रॉन) को लेकर किए गए अध्ययनों में इसके कारण लोगों में रि-इंफेक्शन का खतरा बताया जा रहा है। रिपोर्ट में डब्ल्यूएचओ के कोविड-19 तकनीकी टेक्निकल टीम लीड मारिया जिक्र करते हैं, स्टील्थ ओमिक्रॉन को अधिक संक्रामक माना जा रहा है, हालांकि इसके कारण संक्रमितों में फिलहाल गंभीर रोग के मामलों का पता नहीं चलता है। डब्लूएचओ बीए.2 की निगरानी कर रहा है। वहीं डेनमार्क में शोधकर्ताओं का कहना है कि यह टीकाकरण करा चुके लोगों को भी संक्रमित कर सकता है, ऐसे में सभी लोगों को विशेष सावधानी बरतते रहने की सलाह दी जाती है। 
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ओमिक्रॉन बीए.2 के बढ़ते मामले - फोटो : iStock
क्या कहते हैं स्वास्थ्य विशेषज्ञ?
रिपोर्ट में डब्ल्यूएचओ के कोविड इंसीडेंट मैनेजर डॉ. आब्दी महमूद ने कहते हैं, इस बारे में जानने की कोशिश लगातार जारी है कि क्या जो लोग पहले ओमिक्रॉन बीए.1 से संक्रमित रह चुके हैं, उनमें स्टील्थ ओमिक्रॉन का खतरा है या नहीं? फिलहाल यूके में एक अध्ययन में पाया गया कि ओमिक्रॉन से संक्रमित दो-तिहाई लोगों को पहले भी कोरोना का संक्रमण रह चुका है। कोरोना के बढ़ते इस खतरे को लेकर सभी लोगों को व्यक्तिगत तौर पर सतर्कता बरतने की आवश्यकता है।


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नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्ट्स और स्वास्थ्य विशेषज्ञों की सुझाव के आधार पर तैयार किया गया है। 

अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।
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