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सलाह: आहार में शामिल करें ओमेगा-3 युक्त ये पांच खाद्य पदार्थ, हृदय रहेगा स्वस्थ और बढ़ेगी इम्यूनिटी

Sat, 19 Jun 2021 06:45 PM IST
Abhilash Srivastava हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
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ओमेगा-3 फैटी एसिड के स्रोत (प्रतीकात्मक तस्वीर) - फोटो : iStock
Medically reviewed by-
हिमांशु राय
(आहार और पोषण विशेषज्ञ)
दिल्ली


कोरोना की विपरीत परिस्थितियों को देखते हुए मौजूदा समय में इम्यूनिटी मजबूत करना लोगों की प्राथमिकता बन चुकी है। रोजाना काढ़े के सेवन से लेकर व्यायाम करने तक, इम्यूनिटी बढ़ाने के लिए लोग तमाम तरह के उपायों को प्रयोग में ला रहे हैं। प्रतिरक्षा को बढ़ाने वाले पोषक तत्वों की बात करते समय अक्सर हम ओमेगा-3 को भूल जाते हैं, जबकि आहार विशेषज्ञ इसे स्वस्थ और संतुलित आहार का एक महत्वपूर्ण घटक मानते हैं। स्वास्थ्य विशेषज्ञों के मुताबिक ओमेगा-3 फैटी एसिड, शरीर को ऊर्जा देने के साथ अच्छी कैलोरी प्रदान करते हैं। इसके अलावा हृदय के कार्य को मजबूती देने के साथ यह फेफड़ों की क्षमता बढ़ाने, सूजन को कम करने और मनोवैज्ञानिक स्वास्थ्य में सुधार करने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।
आहार विशेषज्ञों के मुताबिक दैनिक आहार में ओमेगा-3 फैटी एसिड को शामिल करके हार्ट अटैक के खतरे को कम करने से लेकर इम्यूनिटी बढ़ाने तक में मदद मिल सकती है। सभी लोगों को ओमेगा-3 से भरपूर खाद्य पदार्थों को आहार में जरूर शामिल करना चाहिए।
इस लेख में हम ऐसे ही पांच खाद्य-पदार्थों के बारे में बता रहे हैं, जिनके सेवन से इस पोषक तत्व की पर्याप्त मात्रा प्राप्त की जा सकती है।
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ओमेगा-3 से भरपूर अखरोट - फोटो : iStock
रोजाना खाएं अखरोट
अखरोट, ओमेगा -3 फैटी एसिड से भरपूर होते हैं। हृदय को स्वस्थ रखने के साथ भूख को कम करने में अखरोट का सेवन बेहद फायदेमंद माना जाता है। अखरोट में मोनोअनसैचुरेटेड फैट भी पाया जाता है जो ब्लड शुगर के स्तर को कम करने के साथ कोलेस्ट्रॉल के स्तर में सुधार करता है। अखरोट को एंटी-इंफ्लामेटरी गुणों के लिए भी जाना जाता है जो सूजन को कम करने में मदद कर सकता है।
 
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अलसी के बीज काफी फायदेमंद - फोटो : iStock
अलसी के बीज
अलसी के बीज को भी ओमेगा-3 फैटी एसिड युक्त माना जाता है। अलसी के तेल का उपयोग अक्सर ओमेगा-3 सप्लीमेंट के रूप में किया जाता है। इसके अलावा अलसी के बीज को फाइबर, मैग्नीशियम और अन्य पोषक तत्वों का भी एक अच्छा स्रोत हैं। इन्ही गुणों को देखते हुए ये बीज शरीर में हाई कोलेस्ट्रॉल की मात्रा को कम करने के साथ मेटाबॉलिज्म प्रक्रियाओं के दौरान उत्पन्न होने वाले हानिकारक मुक्त कणों से आपकी रक्षा कर सकते हैं।

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सोयाबीन हैं प्रोटीन और अन्य पोषक तत्वों से भरपूर - फोटो : Social media
सोयाबीन के तमाम फायदे
आहार में सोयाबीन का विशेष महत्व है। सोयाबीन को फाइबर और प्रोटीन का अच्छा स्रोत माना जाता है। इसके अलावा इसमें  राइबोफ्लेविन, फोलेट, विटामिन के, मैग्नीशियम और पोटेशियम सहित अन्य पोषक तत्वों की भी अच्छी मात्रा उपलब्ध होती है। ओमेगा-3 के अलावा सोयाबीन में ओमेगा-6 फैटी एसिड भी बहुत अधिक होता है। शोधकर्ताओं के मुताबिक बहुत अधिक मात्रा में ओमेगा-6 के सेवन से इंफ्लामेशन का समस्या हो सकती है।
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ब्लूबेरी के सेवन के फायदे अनेक - फोटो : social media
ब्लूबेरी भी फायदेमंद
प्राकृतिक रूप से ओमेगा-3 प्राप्त करने के लिए ब्लूबेरी का सेवन भी फायदेमंद हो सकता है। कम कैलोरी होने के अलावा इसे एंटीऑक्सीडेंट से भरपूर माना जाता है। ब्लूबेरी में मौजूद एंटीऑक्सिडेंट, हृदय रोग के जोखिम कारकों को कम करने के साथ बैड कोलेस्ट्रॉल के स्तर और रक्तचाप को भी कम करने में सहायक होते हैं।
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ओमेगा -3 फैटी एसिड से भरपूर होती हैं मछलियां - फोटो : Pixabay
ओमेगा-3 फैटी एसिड के अन्य स्रोत
चिया सीड और कई तरह की मछलियों को भी ओमेगा -3 फैटी एसिड से भरपूर माना जाता है। सैल्मन और मैकेरल जैसी मछलियों से ओमेगा-3 की पर्याप्त मात्रा प्राप्त की जा सकती है। इसके अलवा कॉड लिवर ऑयल, सार्डिन और पालक जैसे खाद्य पदार्थों से भी ओमेगा-3 फैटी एसिड आसानी से प्राप्त किया जा सकता है। आहार विशेषज्ञों के मुताबिक सभी लोगों को रोजाना 250-500 मिलीग्राम की मात्रा में ओमेगा-3 फैटी एसिड का सेवन करना चाहिए। 

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नोट: यह लेख आहार और पोषण विशेषज्ञ हिमांशु राय के सुझावों के आधार पर तैयार किया गया है। हिमांशु राय दिल्ली के जाने-माने पोषण विशेषज्ञ हैं।

अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें। 
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