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Health Alert: दिल के मरीजों के लिए रामबाण मानी जाती है ये चीज, पर इसके अधिक सेवन से हो सकते हैं कई नुकसान

Tue, 25 Feb 2025 09:48 PM IST
अभिलाष श्रीवास्तव हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

ऑलिव ऑयल (जैतून का तेल) को स्वास्थ्य के लिए बेहद फायदेमंद माना जाता है। इसमें उच्च मात्रा में मोनोअनसैचुरेटेड फैटी एसिड, एंटीऑक्सीडेंट्स, और आवश्यक पोषक तत्व होते हैं। इतने सब फायदे होने के बाद भी क्या आप जानते हैं कि अगर आप इसका बहुत अधिक सेवन करने लगते हैं तो सेहत को कई प्रकार के नुकसान भी हो सकते हैं?
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हृदय रोगों का खतरा - फोटो : Freepik.com
जब भी बात हृदय को स्वस्थ रखने की होती है तो स्वास्थ्य विशेषज्ञ खान-पान में सुधार करने की सलाह देते हैं। जिन चीजों को हृदय को स्वस्थ बनाए रखने और ब्लड प्रेशर-कोलेस्ट्रॉल को कंट्रोल रखने के लिए सबसे फायदेमंद माना जाता है ऑलिव ऑयल उनमें से एक है।

ऑलिव ऑयल (जैतून का तेल) को स्वास्थ्य के लिए बेहद फायदेमंद माना जाता है। इसमें उच्च मात्रा में मोनोअनसैचुरेटेड फैटी एसिड, एंटीऑक्सीडेंट्स, और आवश्यक पोषक तत्व होते हैं, जो शरीर को कई प्रकार से लाभ प्रदान करते हैं।

हृदय स्वास्थ्य के लिए तो ये बहुत फायदेमंद माना जाता है क्योंकि ऑलिव ऑयल शरीर में बैड कोलेस्ट्रॉल को कम करने और गुड कोलेस्ट्रॉल  को बढ़ाने में मददगार है। इसमें ओमेगा-3 और ओमेगा-6 फैटी एसिड होते हैं, जो दिल को स्वस्थ रखते हैं।
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ऑलिव ऑयल का करिए सेवन - फोटो : Freepik.com
ऑलिव ऑयल के फायदे

ऑलिव ऑयल हृदय को तो स्वस्थ रखता ही है, ये वजन घटाने, त्वचा और बालों को हेल्दी रखने, पाचन तंत्र को ठीक रखने के साथ डायबिटीज कंट्रोल करने में भी सहायक है। यह एक हेल्दी फैट है, जो शरीर में मेटाबॉलिज्म दर को बढ़ाता है और ज्यादा भूख लगने से रोकता है जिससे आप वेट लॉस में लाभ पा सकते हैं। इतना ही नहीं इस ऑयल में मौजूद मोनोअनसैचुरेटेड फैटी एसिड और एंटीऑक्सीडेंट इंसुलिन की संवेदनशीलता को बढ़ाते हैं, जिससे टाइप-2 डायबिटीज का खतरा कम होता है।

इतने सब फायदे होने के बाद भी क्या आप जानते हैं कि अगर आप इसका बहुत अधिक सेवन करने लगते हैं तो सेहत को कई प्रकार के नुकसान भी हो सकते हैं?
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ऑलिव ऑयल के फायदे और नुकसान - फोटो : Freepik.com
ऑलिव ऑयल के अधिक सेवन से बचें

ऑलिव ऑयल का भोजन में ज्यादा इस्तेमाल करने से वजन बढ़ने और एलर्जी जैसी समस्याएं हो सकती हैं। स्वास्थ्य विशेषज्ञ कहते हैं ऑलिव ऑयल दिल, त्वचा, बाल, और पाचन के लिए फायदेमंद होता है, लेकिन इसका अधिक मात्रा में सेवन करने से वजन बढ़ने, पाचन तंत्र को प्रभावित करने और एलर्जी जैसी समस्याएं भी हो सकती हैं। इसके अलावा यह ब्लड शुगर और ब्लड प्रेशर पर भी असर डाल सकता है। 

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पाचन से संबंधित समस्याओं का खतरा - फोटो : Adobe Stock
ज्यादा सेवन हो सकता है नुकसानदायक

ऑलिव ऑयल में कैलोरी की मात्रा बहुत अधिक होती है। एक टेबलस्पून ऑलिव ऑयल में लगभग 120 कैलोरी होती है। इसका अधिक सेवन करने से वजन बढ़ सकता है, जिससे कई अन्य समस्याएं भी होती हैं। इसका ज्यादा सेवन पाचन तंत्र को प्रभावित कर सकता है इससे डायरिया, अपच और पेट दर्द जैसी समस्याएं होती हैं। जिन लोगों को पाचन की समस्या है, उन्हें सीमित मात्रा में इसका सेवन करना चाहिए। 
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डायबिटीज में क्या खाएं क्या नहीं? - फोटो : Freepik.com
डायबिटीज के मरीज ध्यान दें

ऑलिव ऑयल, रक्त शर्करा को कम करने में मदद करता है, लेकिन मधुमेह के मरीज यदि बिना डॉक्टर की सलाह के इसका ज्यादा मात्रा में सेवन करते हैं तो उन्हें हाइपोग्लाइसीमिया (लो ब्लड शुगर) की समस्या हो सकती है। जिन लोगों को पहले से ही लो शुगर की दिक्कत हो उनके लिए इसकी अधिक मात्रा और भी समस्याएं बढ़ाने वाली हो सकती है।
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ऑलिव ऑयल के फायदे - फोटो : Freepik.com
क्या कहते हैं विशेषज्ञ 

आहार विशेषज्ञ नेहा पठानिया कहती हैं, ऑलिव ऑयल के अधिक सेवन से खुजली और रैशेज हो सकते हैं। अगर आप इसका इस्तेमाल पहली बार कर रहे हैं, तो कम मात्रा में करें प्रतिदिन 1 से 2 टेबलस्पून ऑलिव ऑयल का सेवन करना चाहिए। 

अमेरिकी खाद्य एवं औषधि प्रशासन (एफडीए) हृदय रोग के जोखिम को कम करने के लिए प्रतिदिन 1.5 चम्मच जैतून का तेल लेने की सलाह देता है। स्वास्थ्य विशेषज्ञ कहते हैं, इस तेल का सेवन आपके लिए तभी लाभकारी है जब इसका संयमित मात्रा में सेवन किया जाए, इसलिए आपको अधिक मात्रा में ऑलिव ऑयल का सेवन नहीं करना चाहिए।



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नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्टस से एकत्रित जानकारियों के आधार पर तैयार किया गया है। 

अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।
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