Obesity And Chronic Kidney Disease Link: मोटापा केवल शरीर की बनावट में बदलाव नहीं है, बल्कि यह एक जटिल मेटाबॉलिक स्थिति है जो शरीर के हर महत्वपूर्ण अंग को प्रभावित करती है। जब शरीर में अतिरिक्त फैट जमा होती है, तो यह केवल त्वचा के नीचे ही नहीं, बल्कि आंतरिक अंगों के आसपास भी जमा होने लगती है, जिसे 'विसरल फैट' कहा जाता है।
विज्ञान के अनुसार, फैट कोशिकाएं सक्रिय रूप से ऐसे रसायन छोड़ती हैं, जो पूरे शरीर में क्रोनिक इन्फ्लेमेशन पैदा करते हैं। बढ़ा हुआ वजन हृदय पर अतिरिक्त दबाव डालता है क्योंकि उसे अधिक ऊतकों तक खून पंप करने के लिए मेहनत करनी पड़ती है, जिससे धीरे-धीरे हृदय की दीवारें मोटी होने लगती हैं और उसकी क्षमता प्रभावित होती है। यही कारण है कि विशेषज्ञ कहते हैं कि मोटापा दबे पांव शरीर में कई बीमारियों को घर करता है।