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मोटे लोग हो जाएं सावधान, हो सकता है कोरोना, ये हैं कारण

Tue, 18 May 2021 09:17 PM IST
तेजस्वी मेहता लाइफस्टाइल डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
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बीमारियों से लड़ने की क्षमता दिन-ब-दिन कम होती जाती है - फोटो : Social Media

Medically reviewed by Dr. Vishesh Akole
डॉ विशेष अकोले, जनरल फिजिशियन
संत रविदास हॉस्पिटल, इंदौर
डिग्री- एम.बी.बी.एस
अनुभव- 28 वर्ष

कोरोनाकाल में कई लोग घर बैठे मोटापे का शिकार हो रहे हैं क्योंकि जगह-जगह लॉकडाउन लगने से लोगों का घूमना-फिरना कम हो गया है, कसरत करने को लेकर भी कई लोग आलस्य करते हैं, ऐसे में मोटापा बढ़ता जाता है लेकिन मोटापे का बढ़ना कोई अच्छी बात नहीं है। मोटापा बढ़ना इसलिए भी अच्छा नहीं है क्योंकि यह रोग-प्रतिरोधक क्षमता को प्रभावित करता है। मोटे लोगों की बीमारियों से लड़ने की क्षमता दिन-ब-दिन कम होती जाती है इसलिए भी तंदरुस्त रहना बहुत आवश्यक है। अगली स्लाइड्स से जानते हैं किस तरह मोटापा रोग-प्रतिरोधक क्षमता को करता है प्रभावित। 

 

 

 

 

 

 
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रोग-प्रतिरोधक क्षमता प्रभावित नहीं होती है - फोटो : Britanica

सफेद कोशिकाएं होने लगती हैं कम
मोटे लोगों के मुकाबले पतले लोगों की रोग-प्रतिरोधक क्षमता अच्छी होती है उसके पीछे मुख्य कारण यह है कि मोटापे के कारण शरीर में सफेद कोशिकाएं बनने में दिक्कत आती है। जिन लोगों के शरीर में सफेद कोशिकाओं की संख्या कम होती है, उनमें खुद-ब-खुद रोग-प्रतिरोधक क्षमता कम होने लगती है इसलिए कहा जाता है कि मोटापा हर रोग की जड़ है। वहीं पतले लोगों में सफेद कोशिकाएं कम नहीं होती हैं, इस वजह से उनकी रोग-प्रतिरोधक क्षमता प्रभावित नहीं होती है। 

 

 

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रोग-प्रतिरोधक क्षमता कमजोर होती है - फोटो : Pixabay

रोग-प्रतिरोधक क्षमता कम होने के लक्षण
मोटे लोगों में चुस्ती-फुर्ती नहीं होती है। वे अक्सर आलस्य करते हैं क्योंकि उनके शरीर में हमेशा थकान बनी रहती है। कोई भी बीमारी के होने पर पतले लोगों की अपेक्षा मोटे लोगों को स्वस्थ होने में अधिक समय लगता है। गर्मी के मौसम में तो मोटापे से ग्रसित व्यक्ति थोड़ा-बहुत काम करके ही थकने लग जाते हैं। मौसम में थोड़ा सा बदलाव होते ही इन लोगों को सर्दी-जुकाम होने लगता है क्योंकि रोग-प्रतिरोधक क्षमता कमजोर होती है।

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आज ही से इनका सेवन बंद कर दें - फोटो : सोशल मीडिया

न करें इन चीजों का सेवन
मोटे लोगों को यदि रोग-प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाना है तो बहुत जरूरी है कि वे अपनी दिनचर्या व आहार में बदलाव करें। यदि आप मोटापे का शिकार हैं तो बहुत जरूरी है कि आज से ही आप चिप्स, पास्ता, सफेद आटा, फ्रेंच फ्राइज, सफेद आटा, डिब्बाबंद आहार, सोडा ड्रिंक,  लाल मीट आदि का सेवन न करें। इन चीजों का सेवन करने से रोग-प्रतिरोधक क्षमता कमजोर हो सकती है इसलिए आज ही से इनका सेवन बंद कर दें।

 

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आदतों में जल्द से जल्द सुधार करें - फोटो : Pixabay
इन आदतों में करें सुधार
मोटापे को एकदिन में तो कम नहीं किया जा सकता है इसलिए अपनी रोग-प्रतिरोधक क्षमता को अच्छा रखने के लिए बहुत जरूरी है कि अपनी कुछ आदतों में जल्द से जल्द सुधार करें जैसे देर रात जागना आपके लिए ठीक नहीं है, नींद को पूरा करें। नींद पूरी न होने पर भी रोग-प्रतिरोधक क्षमता प्रभावित होने लगती है। यदि आपको धूमपान या शराब के सेवन की आदत लगी हुई है तो इसको छोड़ दें क्योंंकि यह बहुत नुकसानदायक है।
नोट- यह लेख संत रविदास हॉस्पिटल के डॉक्टर विशेष अकोले से बातचीत के आधार पर तैयार किया गया है। डॉक्टर विशेष अकोले पिछले 28 सालों से प्रैक्टिस कर रहे हैं। उन्होंने अपनी डिग्री जी.एस मेडिकल कॉलेज एंड हॉस्पिटल, उत्तर प्रदेश से ली है।
अस्वीकरण- अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित अस्वीकरण- बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें। 

 

 
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