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कोरोना: लॉन्च हुई डीआरडीओ की नई दवा, जानिए यह कितनी कारगर और कैसे करती है काम?

Tue, 18 May 2021 08:48 PM IST
सोनू शर्मा हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
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डीआरडीओ की नई दवा (2-डीजी) - फोटो : ANI
देश में कोरोना संक्रमण के दैनिक मामलों में थोड़ी कमी तो आई है, लेकिन अभी भी संक्रमण के कारण जान गंवाने वालों की संख्या कम नहीं हो रही है। इस बीच रक्षा अनुसंधान और विकास संगठन यानी डीआरडीओ ने जो कोरोना रोधी दवा बनाई है, मंगलवार को उसे लॉन्च कर दिया गया। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और स्वास्थ्य मंत्री डॉ. हर्षवर्धन डीआरडीओ के मुख्यालय में आयोजित एक कार्यक्रम में इस दवा को लॉन्च किया। इस दवा को कोरोना संक्रमित मरीजों की जान बचाने में कारगर माना जा रहा है। आइए जानते हैं इस दवा के बारे में सबकुछ...   
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प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : Pixabay/Amar Ujala
मिल चुकी है इस दवा को मंजूरी 
  • देश के ड्रग्स कंट्रोलर की ओर से डीआरडीओ द्वारा बनाई गई कोरोना की इस दवा को आपातकालीन इस्तेमाल के लिए हाल ही में मंजूरी दी गई है। इस दवा को एक लैब की सहायता से बनाया गया है, जिसका नाम 2-डीऑक्सी-डी-ग्लूकोज (2-डीजी) रखा गया है। 
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प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : iStock
इस दवा से क्या फायदा? 
  • डीआरडीओ की ओर से यह दावा किया गया है कि यह दवा (2-डीजी) कोरोना मरीजों के अस्पताल में रहने के समय को कम करती है और ऑक्सीजन लेवल को भी सही रखती है। दावे के मुताबिक, जिन कोरोना मरीजों पर इसका ट्रायल किया गया, उनमें तेजी से रिकवरी देखी गई और साथ ही मरीजों की ऑक्सीजन पर निर्भरता भी कम हो गई। 

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प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : Pixabay
पिछले साल शुरू हुआ था इस दवा का ट्रायल 
  • पिछले साल डीआरडीओ ने इस दवा के चिकित्सकीय प्रयोग के लिए पहल की थी। अप्रैल 2020 में इंस्टीट्यूट ऑफ न्यूक्लियर मेडिसिन एंड अलाइड साइंसेस (आईएनएमएएस) और डीआरडीओ ने सेंटर फॉर सेल्यूलर एंड मॉलिक्यूलर बायोलॉजी (सीसीएमबी) के साथ मिलकर प्रयोग किया था और ये पाया था कि यह दवा कोरोना संक्रमण को बढ़ने से रोकती है। 
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प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : Pixabay/Amar Ujala
  • पहले चरण के ट्रायल के नतीजों के आधार पर ही देश के दवा नियंत्रक ने 2-डीजी के दूसरे चरण के क्लिनिकल ट्रायल के लिए मई 2020 में मंजूरी दी थी। इसमें कोरोना के 110 मरीजों पर इस दवा का ट्रायल किया गया और उनपर यह सुरक्षित पाई गई। फिर नवंबर 2020 में इसके तीसरे चरण के ट्रायल को मंजूरी मिली, जिसके बाद दिसंबर 2020 से मार्च 2021 के बीच 220 कोरोना मरीजों पर यह ट्रायल किया गया। 
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प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : iStock
कैसे काम करती है यह दवा? 
  • डीआरडीओ के मुताबिक, जब कोरोना संक्रमित मरीज को यह दवा दी जाती है, तो यह शरीर में प्रवेश करते ही वायरस द्वारा संक्रमित कोशिकाओं के अंदर जाकर जमा हो जाती है और वायरस सिंथेसिस और एनर्जी प्रोडक्शन को रोककर वायरस को बढ़ने से रोकती है। 
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प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : Pixabay
कैसे ले सकते हैं यह दवा? 
  • डीआरडीओ के मुताबिक, यह दवा एक पाउडर के रूप में सैशे में आती है, जिसे पानी में घोलकर कोरोना मरीजों को दिया जा सकता है। ऑक्सीजन की कमी के चलते गंभीर स्थिति का सामना कर रहे कोरोना मरीजों के लिए यह दवा बेहद कारगर साबित हो सकती है। 
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प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : Pixabay
आसान है इस दवा को बनाना 
  • डीआरडीओ के मुताबिक, ये दवा एक जेनेरिक मॉलिक्यूल है और ग्लूकोज का ही एक अनुरूप है। ऐसे में इसे बड़ी तादाद में आसानी से निर्मित किया जा सकता है। भारत में इस कोरोना रोधी दवा का निर्माण डॉ. रेड्डीज लैबोरेट्रीज करेगी। 
स्रोत एवं संदर्भ: 
DCGI approves anti-COVID drug developed by DRDO for emergency use 
https://pib.gov.in/PressReleasePage.aspx?PRID=1717007 



अस्वीकरण नोट: यह लेख सरकारी वेबसाइट pib.gov.in पर प्रकाशित जानकारी के आधार पर तैयार किया गया है। लेख में शामिल सूचना व तथ्य आपकी जागरूकता और जानकारी बढ़ाने के लिए साझा किए गए हैं। किसी भी तरह की बीमारी के लक्षण हों अथवा आप किसी रोग से ग्रसित हों तो अपने डॉक्टर से सलाह जरूर लें।  
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