चमगादड़ों में मौजूद होते हैं संक्रामक एजेंट
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क्या कहते हैं अध्ययनकर्ता?
शोधकर्ता कहते हैं कि चमगादड़ों को कई संक्रामक एजेंटों जैसे बैक्टीरिया, वायरस, कवक और अन्य परजीवियों का भंडार कहना गलत नहीं होगा। अध्ययनों में पाया गया है कि अन्य जानवरों और पक्षियों के मुकाबले चमगादड़ों के जूनोटिक वायरस से संक्रमित होने की अधिक संभावना होती है। चमगादड़ से जुड़े प्राथमिक जूनोटिक रोग हिस्टोप्लाज्मोसिस, साल्मोनेलोसिस, यर्सिनीओसिस जैसे मामले देखे जाते रहे हैं।
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