केरल में एक बार फिर से गंभीर निपाह संक्रमण का जोखिम बढ़ता हुआ देखा जा रहा है। हालिया रिपोर्ट के मुताबिक कोझिकोड मेडिकल कॉलेज में संक्रमण का इलाज करा रहे 14 वर्षीय एक लड़के की रविवार को मौत हो गई, नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ वायरोलॉजी पुणे ने इसकी पुष्टि की है। उसे सांस की दिक्कत के बाद वेंटिलेटर पर रखा गया था। मलप्पुरम निवासी इस बच्चे में शनिवार को संक्रमण की पुष्टि की गई थी।
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक रोगी के संपर्क में आए करीब 246 लोगों को सूचीबद्ध किया गया है, जिनमें से 63 में उच्च जोखिम माना जा रहा है। केरल में इस घातक संक्रामक रोग को देखते हुए स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने सभी लोगों को अलर्ट रहने और बचाव के उपाय करते रहने की सलाह दी है। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने कहा, केरल में प्रकोप की जांच और तकनीकी सहायता के लिए एक टीम तैनात की जाएगी जिससे संक्रमण को नियंत्रित किया जा सके।
इससे पहले पिछले साल अगस्त-अक्तूबर के महीने में भी केरल में निपाह संक्रमण के मामले रिपोर्ट किए थे। कोझिकोड जिला इससे सबसे ज्यादा प्रभावित माना जा रहा था। संक्रमण को देखते हुए जिले के शैक्षणिक संस्थानों को बंद करने के भी आदेश जारी किए गए थे।
आइए जानते हैं कि निपाह का संक्रमण क्यों खतरनाक माना जाता है, ये कैसे फैलता है और बचाव के लिए क्या उपाय किए जा सकते हैं?