फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Covid-19: इस महीने 10 गुना तक बढ़ गए संक्रमण के केस, विशेषज्ञ से समझिए बढ़ते कोरोना मामलों का गुणा-गणित

Wed, 29 Mar 2023 03:24 PM IST
अभिलाष श्रीवास्तव हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
विज्ञापन
1 of 5
भारत में कोरोना वायरस का खतरा - फोटो : iStock
कोरोना का संक्रमण देश में तेज गति पकड़ रहा है। पिछले 24 घंटे में एक बार फिर से 1500 से अधिक मामले दर्ज किए गए। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय के सोमवार को अपडेट किए गए आंकड़ों के अनुसार, देश में 1,805 नए कोरोनोवायरस के मामले रिपोर्ट हुए हैं, इसके साथ ही देश में एक्टिव  मामलों की संख्या 134 दिनों के बाद पहली बार 10,000 के आंकड़े से ऊपर गई है।

पिछले 25 दिनों के डेटा का आकलन करें तो पता चलता है कि कोविड-19 के एक्टिव मामलों की संख्या में 10 गुना की वृद्धि हुई है। एक मार्च को जहां देश में कुल एक्टिव केस 198 थे, वहीं केवल 25 दिनों के भीतर 25 मार्च तक यह बढ़कर 1,956 हो गया है।

स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि जिस तरह का कोविड-19 का यह नया वैरिएंट है, वह निश्चित ही कई प्रकार से चिंताकरक है। नए वैरिएंट्स की इम्यून स्केप क्षमता इसे कम समय में अधिक लोगों को संक्रमित करने के योग्य बनाती है। XBB.1.16 वैरिएंट की प्रकृति को देखते हुए सवाल उठने लगे हैं कि क्या देश फिर से एक और संक्रमण की लहर की ओर बढ़ रहा है?
विज्ञापन

2 of 5
बढ़ रहे हैं संक्रमण के मामले - फोटो : iStock
मौसम में बदलाव के साथ बढ़ता रहा है संक्रमण

अमर उजाला से बातचीत में कोविड केयर एक्सपर्ट डॉ श्रेय श्रीवास्तव बताते हैं, पिछले तीन साल के ट्रेंड को देखें तो पता चलता है कि मौसम में बदलाव के साथ इन्फ्लुएंजा की ही तरह से कोरोना संक्रमण के मामले भी रफ्तार पकड़ लेते हैं। विशेष रूप से जनवरी-अप्रैल और सितंबर-नवंबर के बीच मौसम के परिवर्तन के साथ संक्रमण को बढ़ता हुआ देखा जा सकता है।

इसके अलावा कोरोना के मूल वायरस में हो रहे म्यूटेशन संक्रमण की गति को और भी बढ़ा देते है, यहां ध्यान देने वाली बात यह भी है कि इसके बाद संक्रमण की रफ्तार कम भी हो जाती है।
विज्ञापन

3 of 5
भारत में कोरोना संक्रमण का खतरा - फोटो : istock
क्या देश में आ सकती है संक्रमण की एक और लहर

जिस तरह से मार्च के महीने में कोरोना की रफ्तार बढ़ती हुई देखी गई है इससे सवाल खड़े होने शुरू हो गए हैं कि क्या हम संक्रमण की एक और लहर की तरफ बढ़ रहे हैं? डॉ श्रेय कहते हैं, फिलहाल इस तरह की आशंका बिल्कुल नजर नहीं आती है। देश में वैक्सीनेशन के साथ बूस्टर डोज की रेट काफी अच्छी है, इसके अलावा कम से कम एक बार बड़ी संख्या में लोग संक्रमित होकर ठीक भी हो चुके हैं, जिसके कारण हर्ड इम्युनिटी विकसित हो गई है।

यह कोरोना के खतरे से बचाने विशेषकर लोगों में गंभीर रोग के खतरे कम कम करने में मदद करती है। ऐसे में एक और लहर आ सकती है, इसकी आशंका बिल्कुल कम है।

4 of 5
कोरोना के नए वैरिएंट्स खतरनाक - फोटो : Pixabay
नए वैरिएंट्स से सावधानी बरतने की जरूरत

साल 2021 की शुरुआत में कोविड-19 की घातक और सबसे खतरनाक लहर आई थी, इसके लिए डेल्टा वैरिएंट को एक कारण माना जा रहा था। हालांकि, XBB.1.16 वैरिएंट की  प्रकृति के अध्ययन में पाया गया है कि भले ही यह डेल्टा वैरिएंट जितना खतरनाक नहीं है पर इसकी संक्रामकता दर काफी अधिक हो सकती है। इसके अलावा यह वैरिएंट कम समय में अधिक लोगों को संक्रमित करने की क्षमता रखता है जिसके कारण संक्रमण के मामलों में तेजी से वृद्धि हो सकती है। 

कोरोना के आ रहे सभी नए वैरिएंट्स की संक्रामकता दर अधिक देखी जा रही है।
विज्ञापन
विज्ञापन

5 of 5
जरूर लगवाएं बूस्टर डोज - फोटो : ANI
बचाव के उपाय और वैक्सीनेशन जरूरी

नए वैरिएंट्स के बढ़ते खतरे को देखते हुए स्वास्थ्य विशेषज्ञ सभी लोगों को जल्द से जल्द वैक्सीन की तीसरी खुराक लेने और कोरोना से बचाव के लिए सभी आवश्यक उपायों का पालन करते रहने की सलाह दे रहे हैं। जिन लोगों का टीकाकरण हो चुका है उनमें संक्रमण की स्थिति में गंभीर रोग का खतरा कम देखा जा रहा है।

विशेषज्ञों के मानना है कि एक बार मौसम के स्थिर होते ही कोरोना की रफ्तार में कमी आने की संभावना है, तब तक सभी लोगों को बचाव के उपायों का गंभीरता से पालन करते रहना जरूरी है।



--------------
नोट:
यह लेख मेडिकल रिपोर्ट्स और स्वास्थ्य विशेषज्ञों की सुझाव के आधार पर तैयार किया गया है। 

अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें