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सामने आया HIV AIDS का नया इलाज, अब जड़ से रोका जा सकता है इसका 'सेक्सुएल ट्रांसमिशन'

Sun, 05 May 2019 04:21 PM IST
पंखुड़ी सिंह लाइफस्टाइल डेस्क, अमर उजाला
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विज्ञान इतना आगे बढ़ चुका है कि उसके पास हर समस्या का हल है। फिर भी कुछ बीमारियां ऐसी थी जिनका कुछ समय पहले तक कोई इलाज नहीं था। जिनमें से एक है एड्स। कुछ महीनों पहले लंदन के चिकित्स्कों ने दावा किया था कि उन्होंने एचआईवी वायरस से पीड़ित एक मरीज का सफल इलाज किया है। इस बार एचआईवी को लेकर खबर उससे भी बड़ी है। 

 

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मेडिकल जर्नल लांसेट में प्रकाशित एक स्टडी के नतीजों से एड्स से खात्मे की उम्मीद जगी है। गे जोड़े को शामिल कर की गई इस स्टडी में पाया गया कि एंटीरेट्रोवायरल ड्रग्स के जरिए एचआईवी संक्रमित पुरुषों में वायरस को पूरी तरह खत्म करने देने से उनसे उनके पार्टनर के संक्रमित होने का खतरा नहीं था। 

 

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इस एंटीरेट्रोवायरल ड्रग्स की कामयाबी का मतलब है कि अगर एचआईवी संक्रमित हर शख्स का पूरा इलाज किया जाए, जिससे आगे कोई संक्रमण नहीं फैलेगा। यूरोप में करीब 1000 पुरुष जोड़ों, जिनमें एचआईवी संक्रमित पार्टनर के वायरस को खत्म करने का इलाज चल रहा था, ये पाया गया कि इलाज करा रहे पार्टनर से उसके एचआईवी-निगेटिव पार्टनर को बिना कंडोम के सेक्स से इंफेक्शन का कोई मामला सामने नहीं आया। 

 

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- फोटो : file photo
इससे पहले किये गए शोध में भी पाया जा चुका है कि हेट्रोसेक्सुअल जोड़ों, जिनमें एक पार्टनर एचआईवी-पॉजिटिव था, उनके ट्रीटमेंट के कारण दूसरा पार्टनर एचआईवी के 'सेक्सुअल ट्रांसमिशन' से सुरक्षित रहा।  

 
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यूनिवर्सिटी कॉलेज लंदन में प्रोफेसर और इस पेपर की लेखिका एलिसन रोजर्स ने कहा, ‘हमारे निष्कर्ष सबूत देते हैं कि एंटीरेट्रोवायलरल थेरेपी के साथ गे पुरुषों में एचआईवी संचरण का खतरा जीरो है।’ हालांकि आठ साल चली इस स्टडी के दौरान 15 आदमी एचआईवी से संक्रमित हुए। डीएनए टेस्टिंग से पता चला कि उन्हें ये संक्रमण इलाज करा रहे अपने पार्टनर से नहीं बल्कि दूसरे किसी शख्स से हुआ, जिसका इलाज नहीं चल रहा था। 
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