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XE Corona Variant: वैज्ञानिकों की चेतावनी- बड़ी समस्याएं पैदा कर सकता है यह नया वैरिएंट, जरूर जाननी चाहिए ये चार बातें

Wed, 06 Apr 2022 07:47 PM IST
अभिलाष श्रीवास्तव हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
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कोरोना के नए वैरिएंट्स का खतरा - फोटो : Pixabay
दुनिया के कई देशों में एक बार फिर से कोरोना वायरस संक्रमण के मामलों में बढ़ोतरी दर्ज की जा रही है। विशेषकर चीन और यूरोप के कई हिस्सों में रोजाना मामलों में तेज उछाल देखा जा रहा है। स्वास्थ्य विशेषज्ञों के मुताबिक इन देशों में अधिकतर मामले ओमिक्रॉन के सब-वैरिएंट BA.2 (स्टील्थ ओमिक्रॉन) के कारण सामने आ रहे हैं, जिसे ओमिक्रन के मूल वैरिएंट से अधिक संक्रामक माना जा रहा है। इसी बीच विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) के वैज्ञानिकों ने अपनी हालिया रिपोर्ट में कोरोना के एक नए उभरते खतरे XE वैरिएंट को लेकर लोगों को सचेत किया है। प्रारंभिक अध्ययनों में इसे अब तक का सबसे संक्रामक कोरोना वैरिएंट माना जा रहा है। 

डब्ल्यूएचओ ने अपनी रिपोर्ट में बताया है कि यूके के कई हिस्सों में इस बेहद संक्रामक वैरिएंट के मामले दर्ज किए गए हैं। शुरुआती संकेत बताते हैं कि यह स्टील्थ ओमिक्रॉन से भी 10 गुना अधिक संक्रामक हो सकता है। सभी देशों को कोरोना को लेकर विशेष सावधानी बरतने की आवश्यकता है, क्योंकि जिस तेजी से इसके फैलने की प्रकृति देखी गई है, यह चिंता बढ़ाने वाली है। आइए XE वैरिएंट के बारे में कुछ महत्वपूर्ण तथ्यों को जानते हैं।
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कोरोना संकट - फोटो : Pixabay
दो ओमिक्रॉन स्ट्रेन का संयोजन
डब्ल्यूएचओ की रिपोर्ट में नए XE वैरिएंट को 'हाइब्रिड वैरिएंट' के तौर पर सूचित किया गया है। यह ओमिक्रॉन BA.1 और BA.2 के संयोजन से तैयार हुआ वैरिएंट है। इस रीकॉम्बिनेंट वैरिएंट को बड़ी चुनौती के तौर पर देखा जा रहा है। इससे पहले भी वैरिएंट्स के संयोजन के मामले सामने आते रहे हैं। डेल्टा और ओमिक्रॉन के संयोजन से तैयार डेल्टाक्रॉन को भी अध्ययनों में अधिक संक्रामक और घातक पाया गया है। 
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XE वैरिएंट की संक्रामकता दर डेल्टा से अधिक - फोटो : Pixabay
कितना खतरनाक होता है दो वैरिएंट्स का संयोजन?
प्रारंभिक शोध में XE वैरिएंट को अधिक संक्रामक जरूर बताया जा रहा है, पर वैज्ञानिकों की मानें तो दो वैरिएंट्स का संयोजन चिंता की बात नहीं है। यूके हेल्थ सिक्योरिटी एजेंसी के मुख्य चिकित्सा सलाहकार डॉ सुसान हॉपकिंस कहते हैं, किसी भी कोरोना वायरस वैरिएंट्स के साथ दूसरे वैरिएंट के संयोजन से कोई बड़ी चिंता जैसी चीज नहीं है। यह क्रिया वायरस को स्वत: ही अपेक्षाकृत जल्दी मार देती है। हालांकि इसे हल्के में बिल्कुल नहीं लिया जाना चाहिए।

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कई देशों में बढ़े XE वैरिएंट के केस - फोटो : Pixabay
वैरिएंट ऑफ कंसर्न के तौर पर वर्गीकृत
डब्ल्यूएचओ ने अपनी रिपोर्ट में इस संभावित नए खतरे को 'वैरिएंट ऑफ कंसर्न' के तौर पर वर्गीकृत किया है। विशेषज्ञों का कहना है कि जब तक अध्ययनों में इस वैरिएंट की प्रकृति और संक्रामकता दर के बारे में विस्तार से नहीं पता चल जाता है, तब तक इसे ओमिक्रॉन के ही एक रूप की तरह देखा जा रहा है। सबसे पहले 19 जनवरी 2022 को XE वैरिएंट के मामले की पुष्टि हुई थी। अब तक यूके में इसके 650 से अधिक मामले रिपोर्ट किए जा चुके हैं। 
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मुसीबतों का कारण बन सकता है कोरोना का यह नया खतरा - फोटो : Pixabay
क्या बहुत अधिक होगी इसकी संक्रामता?
XE वैरिएंट की प्रकृति को जानने के लिए वैज्ञानिक अध्ययन कर रहे हैं। हालांकि शुरुआती शोध के आधार पर डॉ सुसान हॉपकिंस कहते हैं, इस नए वैरिएंट की ग्रोथ रेट अपेक्षाकृत अधिक देखी जा रही है। लेकिन यह कितनी तेजी से संक्रमण फैलाता है, इस बारे में जानने के लिए आगामी शोध परिणाम की प्रतीक्षा करनी होगी। इसकी संक्रामकता दर और गंभीरता के बारे में निष्कर्ष निकालने के लिए फिलहाल पर्याप्त सबूत नहीं हैं। 
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टीकाकरण बहुत आवश्यक - फोटो : Istock
वैक्सीन देगी आपको सुरक्षा
XE वैरिएंट की प्रकृति को देखते हुए वैज्ञानिक, वैक्सीनेशन पर जोर देने की सलाह दे रहे हैं। शोधकर्ताओं का कहना है कि इस वैरिएंट के संक्रमण से बचाव और इसे फैलने से रोकने में टीकाकरण एक बड़ा हथियार साबित हो सकता है। वैक्सीनेशन अभियान को तेज करके इसके प्रसार को नियंत्रित किया जा सकता है। दो टीकों वाली खुराक आपको गंभीर रोग से बचाने में काफी हद तक मदद कर सकती है। XE वैरिएंट के लिए क्या बूस्टर डोज की भी आवश्यकता है? इस बारे में आगे के शोध में ज्यादा स्पष्ट हो सकेगा। 


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स्रोत और संदर्भ
Weekly epidemiological update on COVID-19

अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।
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