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Coronavirus Origin: आखिर कहां से आया कोरोना वायरस, चीन संग गुत्थी सुलझाएंगे डब्ल्यूएचओ के विशेषज्ञ

Wed, 05 Aug 2020 11:14 AM IST
निलेश कुमार लाइफस्टाइल डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
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Coronavirus Origin - फोटो : Pixabay/Amar Ujala
देश-दुनिया को बुरी तरह प्रभावित करने वाला कोरोना वायरस का पहला मामला चीन में दिसंबर में आया था। इस वायरस की उत्पत्ति को लेकर वैज्ञानिक और शोधकर्ता कई तरह के दावे कर चुके हैं। हालांकि पूरी दुनिया इस बात को लेकर सहमत है कि इस वायरस की उत्पत्ति चीन में हुई है। वैज्ञानिक ये भी मानते आ रहे हैं कि यह बिल्कुल नए तरह का वायरस है, इसलिए इसका इलाज ढूंढ पाने में देर हुई। पिछले दिनों पेनसिल्वेनिया स्टेट यूनिवर्सिटी में हुए एक शोध अध्ययन में कहा गया है कि कोरोना वायरस 72 साल पहले ही चमगादड़ों में पनपा था और सालों बाद भी इसके नए रूप सामने आते रहे हैं। इन तमाम दावों के बीच एक बार फिर से डब्लयूएचओ के विशेषज्ञ कोरोना वायरस की उत्पत्ति का पता लगाएंगे।
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प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : Pixabay
  • हाल ही में विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) के दो विशेषज्ञों ने चीन का दौरा किया था। बीजिंग और संयुक्त राष्ट्र की स्वास्थ्य एजेंसी कोरोना वायरस के उद्गम का पता लगाने की योजना पर विचार कर रहे हैं। चीन के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता वांग वेनबिन ने मंगलवार को मीडिया को यह जानकारी दी थी। उन्होंने कहा कि डब्ल्यूएचओ के विशेषज्ञों ने अपने दो हफ्ते के प्रवास के दौरान वायरस के उद्गम का पता लगाने को सहयोग के लिए प्रारंभिक परामर्श किया। 
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प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : Pixabay
  • वांग ने बताया कि विशेषज्ञों का दो हफ्ते का प्रवास गत रविवार को समाप्त हुआ। उनकी बातचीत कोरोना वायरस का आबादी से संबंध, पर्यावरण से संबंध, वायरस के पशु से उद्गम और संक्रमण से संबंध को लेकर थी। विशेषज्ञों ने चीन के साथ आगे के वैज्ञानिक शोध की योजना पर भी बातचीत की है।

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प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : Pixabay
  • वांग के मुताबिक, दोनों पक्षों ने डब्ल्यूएचओ के अंतर्गत विश्व स्वास्थ्य सभा द्वारा कोरोना वायरस के उद्गम का पता लगाने के लिए वैश्विक प्रयास को लेकर पारित प्रस्ताव में चीन के योगदान की संभावित रूपरेखा पर बातचीत की। हालांकि इस पर कितनी जल्दी काम शुरू होगा, यह तय नहीं है। 
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सांकेतिक तस्वीर - फोटो : Pixabay
  • इससे पहले कोरोना वायरस को लेकर चीन के माइक्रोबायोलॉजिस्ट और प्रसिद्ध सर्जन प्रो. क्वॉक-युंग युन (Kwok-Yung Yuen) अपने देश पर ही आरोप लगा चुके हैं। उन्होंने कहा था कि वुहान(जिस शहर से कोरोना वायरस की शुरुआत हुई) के प्रशासन ने वायरस के फैलाव को छिपाए रखा और तमाम सबूतों को नष्ट कर दिया, ताकि सच्चाई दुनिया के सामने न आ सके।
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प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : Pixabay
  • मालूम हो कि इस वायरस का सबसे पहले पता पिछले साल के अंत में चीन के वुहान शहर में लगा था। इस वायरस के बारे में माना जा रहा है कि यह वुहान के के मांस बाजार से फैला। कुछ शोधों में भी यह कहा जा चुका है कि यह चमगादड़ से पहले किसी जानवर में और फिर उस जानवर से इंसानों में पहुंचा। माध्यम बने इस जानवर के पैंगोलिन होने की भी संभावना जताई जा चुकी है। 
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