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Health Tips: बार-बार लगता है पेशाब, कहीं शरीर में इस पोषक तत्व की कमी तो नहीं?

Mon, 19 May 2025 06:54 PM IST
शिखर बरनवाल हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

दिनभर में अगर आपको 7-8 बार से अधिक बार पेशाब लगता है तो ये किसी बीमारी का संकेत हो सकता है। कई बार पोटेशियम की कमी से भी ये समस्या हो सकती है। आइए इस लेख में इसी के बारे में जानते हैं।
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बार बार पेशाब आना - फोटो : Adobe Stock
बार-बार पेशाब लगना, जिसे चिकित्सकीय भाषा में पॉलीयूरिया कहा जाता है, एक ऐसी समस्या है जिससे अक्सर लोग परेशान रहते हैं। यह स्थिति दिन-रात किसी भी समय हो सकती है और कई बार गंभीर स्वास्थ्य समस्याओं का संकेत हो सकती है। बार-बार पेशाब जाना आमतौर पर डायबिटीज और यूटीआई का लक्षण हो सकता है।

एक्सपर्ट्स के मुताबिक जरूरी नहीं है कि हर बार यूटीआई की वजह से बार-बार पेशाब जाना पड़े, कई बार यह शरीर में किसी पोषक तत्व की कमी से भी हो सकता है। एक रिपोर्ट के मुताबिक पोटेशियम की कमी से भी पॉलीयूरिया की समस्या हो सकती है। आइए इस समस्या के पीछे पोटेशियम की कमी के संबंध, इसके लक्षणों और समाधान के बारे में विस्तार से जानते हैं।
 
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कोशिका - फोटो : Adobe
पॉलीयूरिया और पोटेशियम की कमी का संबंध
पोटेशियम एक आवश्यक इलेक्ट्रोलाइट है, जो शरीर की कोशिकाओं, मांसपेशियों और तंत्रिकाओं के सुचारू कार्य के लिए जरूरी है। यह किडनी के माध्यम से तरल पदार्थ और इलेक्ट्रोलाइट संतुलन को नियंत्रित करता है।


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किडनी - फोटो : Freepik.com
जब शरीर में पोटेशियम का स्तर कम होता है, जिसे हाइपोकैलिमिया कहते हैं, तो किडनी की कार्यक्षमता प्रभावित हो सकती है। इससे बार-बार पेशाब लगने की समस्या हो सकती है, क्योंकि किडनी अतिरिक्त तरल पदार्थ को बाहर निकालने में असंतुलन पैदा करती है।

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केला - फोटो : Freepik.com
स्वास्थ्य विशेषज्ञ के अनुसार, पोटेशियम की कमी से पॉलीयूरिया के साथ-साथ झुनझुनी, सुन्नता और मांसपेशियों में कमजोरी जैसे लक्षण भी दिख सकते हैं। बता दें कि लंबे समय तक हाइपोकैलिमिया किडनी समस्याओं को बढ़ा सकता है, जिसका असर आपके संपूर्ण स्वास्थ्य पर पड़ता है। ऐसे में आप पोटेशियम युक्त आहार को अपनी डाइट में शामिल कर सकते हैं। केला, आलू, पालक, और एवोकाडो जैसे खाद्य पदार्थ पोटेशियम की कमी को पूरा करने में मदद कर सकते हैं।
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यूटीआई - फोटो : Adobe Stock
पॉलीयूरिया के अन्य कारण
हालांकि, पोटेशियम की कमी पॉलीयूरिया का एक कारण हो सकती है, लेकिन यह डायबिटीज, यूरिनरी ट्रैक्ट इंफेक्शन (UTI), कैफीन या शराब का अत्यधिक सेवन, और हाइपरटेंशन जैसी अन्य स्थितियों से भी हो सकता है।

नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्टस से एकत्रित जानकारियों के आधार पर तैयार किया गया है।

अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।

 
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