फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Obesity: साल 2050 तक हर तीसरे भारतीय में मोटापे का संकट, आप इससे बचे रहने के लिए क्या करें?

Tue, 18 Aug 2026 03:33 PM IST
अभिलाष श्रीवास्तव हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

भारत में मोटापे की समस्या तेजी से बढ़ रही है। 2022 के लैंसेट अध्ययन के मुताबिक, भारत में करीब 4.4 करोड़ महिलाएं और 2.6 करोड़ पुरुष मोटापे से ग्रस्त थे। अगर यही रफ्तार जारी रही तो 2050 तक देश की लगभग एक-तिहाई आबादी मोटापे की शिकार हो सकती है।
विज्ञापन
1 of 4
भारतियों में बढ़ते मोटापे की समस्या - फोटो : Amarujala.com/AI
मोटापा अब सिर्फ शरीर का वजन बढ़ने की बात नहीं रह गया है। यह धीरे-धीरे ऐसी स्वास्थ्य समस्या बनता जा रहा है, जिसकी चिंता पूरी दुनिया कर रही है। भारत भी इससे अछूता नहीं है। खराब जीवनशैली, घंटों बैठे रहना, जंक फूड्स और कोल्ड ड्रिंक के अलावा शारीरिक गतिविधि की कमी ने लोगों में वजन बढ़ने के साथ कई बीमारियों का खतरा भी बढ़ा दिया है।

भारत में मोटापे की तस्वीर कितनी तेजी से बदल रही है, इसका अंदाजा आंकड़ों से लगाया जा सकता है।

साल 2022 में प्रकाशित लैंसेट के एक अध्ययन के मुताबिक, भारत में करीब 4.4 करोड़ महिलाएं और 2.6 करोड़ पुरुष मोटापे की समस्या से जूझ रहे थे। चिंता की बात यह है कि मोटापे की मौजूदा रफ्तार अगर इसी तरह जारी रही तो आने वाले वर्षों में यह संख्या और तेजी से बढ़ सकती है।

मोटापे की समस्या अब सिर्फ बड़ों तक सीमित नहीं है। बच्चे और किशोर भी इसकी चपेट में आ रहे हैं। मेडिकल रिपोर्टों के मुताबिक, मोटापे से प्रभावित बच्चों की संख्या के मामले में भारत दुनिया में दूसरे स्थान पर है। अनुमान है कि देश में करीब 8.4 प्रतिशत बच्चे मोटापे से प्रभावित हैं। बचपन में बढ़ता वजन आगे चलकर डायबिटीज, हाई ब्लड प्रेशर, हृदय रोग और दूसरी स्वास्थ्य समस्याओं का खतरा बढ़ा सकता है।
विज्ञापन

2 of 4
बच्चों में अधिक वजन की समस्या - फोटो : Adobe Stock
मोटापा बनता जा रहा है बड़ा खतरा

इसी बढ़ती चिंता के बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी लगातार लोगों को मोटापा नियंत्रित करने की दिशा में प्रयास करने की सलाह देते रहे है।  लेकिन सवाल यह है कि आखिर भारत में मोटापा इतनी तेजी से क्यों बढ़ रहा है? क्या इसके पीछे सिर्फ ज्यादा खाना और व्यायाम की जिम्मेदार है या हमारी रोजमर्रा की पूरी जीवनशैली इसमें भूमिका निभा रही है? और अगर वजन लगातार बढ़ रहा है तो उसे नियंत्रित करने के लिए शुरुआत कहां से की जाए?

स्वास्थ्य विशेषज्ञ कहते हैं, अच्छी बात यह है कि वजन को कंट्रोल करने के लिए हमेशा किसी कठिन डाइट या घंटों जिम में पसीना बहाने की जरूरत नहीं है। खाने की प्लेट में थोड़ा बदलाव, रोज की शारीरिक गतिविधि बढ़ाना, मीठे पेय और पैकेज्ड फूड को कम करना और तनाव को मैनेज करने जैसे छोटे कदम भी बड़ा फर्क डाल सकते हैं।

तो आइए समझते हैं कि मोटापे की बढ़ती समस्या से बचने के लिए खाने-पीने और जीवनशैली में किन बातों का ध्यान रखना चाहिए और किन गलतियों से दूरी बनानी जरूरी है?
विज्ञापन

3 of 4
मोटापा कैसे कंट्रोल करें? - फोटो : Adobe stock
वजन नियंत्रित रखने के लिए क्या करें?
 
  • खाने में अलग-अलग तरह के फल, सब्जियां, साबुत अनाज, दालें, अंडे और स्वस्थ वसा वाली चीजें शामिल करें। सिर्फ खाना कम करने के बजाय खाने की गुणवत्ता पर ध्यान देना ज्यादा जरूरी है।
  • दिनभर पर्याप्त पानी पीते रहें। हालांकि पानी की जरूरत हर व्यक्ति में अलग हो सकती है, इसलिए मौसम और शारीरिक गतिविधि के हिसाब से पर्याप्त मात्रा में पानी पीना चाहिए।
  • हफ्ते कम से कम 150 मिनट व्यायाम का लक्ष्य रखें। तेज चलना, साइकिलिंग, तैराकी जैसे गतिविधियां भी वजन को नियंत्रित रखने में मदद कर सकती है। 
  • चिप्स- इंस्टेंट फूड, मिठाइयां और दूसरे अल्ट्रा-प्रोसेस्ड खाद्य पदार्थों में अक्सर कैलोरी, नमक-चीनी अधिक हो सकती है। इन्हें रोज की आदत बनाने के बजाय सीमित मात्रा में लेना बेहतर है।
विज्ञापन

4 of 4
चीनी से मोटापे का खतरा - फोटो : Freepik.com
किन चीजों से बचें?
 
  • वजन घटाने के लिए डाइटिंग करना हर व्यक्ति के लिए सही नहीं है। लंबे समय तक खाना छोड़ने से कमजोरी, ज्यादा भूख लगने या बाद में जरूरत से ज्यादा खाने जैसी परेशानी हो सकती है। किसी खास तरह की फास्टिंग करनी हो तो विशेषज्ञ से सलाह लेना बेहतर है।
  • सोडा, मीठे पैकेज्ड जूस, एनर्जी ड्रिंक और दूसरे शुगर वाले पेय अतिरिक्त कैलोरी दे सकते हैं। इसलिए इन्हें कम करना वजन नियंत्रित करने की दिशा में अच्छा कदम हो सकता है।
  • लगातार तनाव रहने पर कुछ लोगों में ज्यादा खाने या मीठा और ज्यादा कैलोरी वाला खाना खाने की आदत बढ़ सकती है।
  • नींद खराब होने से भी वजन नियंत्रित करना मुश्किल हो सकता है। इसलिए तनाव को कंट्रोल करना, पर्याप्त नींद लेना जरूरी है।

--------------
स्रोत:
Burden of Obesity in India: Need for Policy Changes to Attain Highest Possible Level of Health and Well‐Being


अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें