बच्चों का टीकाकरण
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खसरा से वंचित रह गए लाखों बच्चे
स्वास्थ्य विशेषज्ञ कहते हैं, बच्चों को शुरुआती टीके न मिलने से भविष्य में उनमें कई संक्रामक बीमारियों का जोखिम हो सकता है। इस साल की शुरुआत में आई कई रिपोर्टस में चिंता जताई जा रही थी कि कोरोना महामारी के दौरान बढ़े स्वास्थ्य दबाव के चलते बच्चों में टीकाकरण काफी प्रभावित हुआ था, जिसके कारण भारत, अमेरिका सहित कई देशों में बच्चों में खसरा रोग के मामले काफी तेजी से बढ़ते जा रहे हैं।
डब्ल्यूएचओ और यूएस सेंटर फॉर डिजीज कंट्रोल एंड प्रिवेंशन (सीडीसी) की एक
रिपोर्ट के अनुसार, साल 2023 में भारत में खसरा-नियंत्रित टीके की पहली खुराक (एमसीवी1) न लगवाने वाले बच्चों की संख्या 16 लाख के करीब थी। इससे पहले 2022 में भारत में अनुमानित 11 लाख बच्चे खसरे के टीके की अपनी महत्वपूर्ण पहली खुराक लेने से चूक गए। यह भारत को उन 10 देशों में शामिल करता है जहां ऐसे बच्चों की संख्या सबसे अधिक है जिन्हें पहला टीका नहीं मिला।
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