फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Navratri2019: पूजा में बंधने वाले कलावा से सेहत को होता है कितना लाभ, जानकर कभी नहीं उतारेंगे हाथ से

Sun, 29 Sep 2019 10:07 AM IST
अपराजिता शुक्ला लाइफस्टाइल डेस्क, अमर उजाला
विज्ञापन
1 of 5
नवरात्रि की पूजा हो या घर में होने वाली किसी भी साधारण पूजा-पाठ की बात हो, हिंदू धर्म में करवाए जाने वाले किसी भी पूजा पाठ में हाथों में कलावा पहने बिना कोई भी अनुष्ठान पूरा नहीं माना जाता है।  इसके पीछे सिर्फ धार्मिक कारण ही नहीं वैज्ञानिक कारण भी हैं। आइए जानते हैं कलावा पहनने के ऐसे ही 4 जबरदस्त फायदों के बारे में। जिनके बारे में जानने के बाद आप हाथ में बंधा कलावा पूरे साल नहीं उतारेंगे। 
विज्ञापन

2 of 5
कफ की समस्या
हाथ में बंधने वाले रक्षासूत्र को कलावा या मौली कहा जाता है। डॉक्टरों की मानें तो शरीर के कई अहम अंगों तक पहुंचने वाली नसें कलाई से होकर गुजरती हैं। जब आप कलाई पर मौली या कलावा बंधवाते हैं तो इससे उन नसों की क्रिया नियंत्रित होती हैं। जिसकी वजह से वात, पित्त और कफ की समस्या को नियत्रित किया जा सकता है।
 
विज्ञापन

3 of 5
रक्तचाप
शोधकर्ताओं ने भी लंबे समय तक शोध करने के बाद यह नतीजा निकाला है कि रक्षासूत्र के धागे को कलाई पर बांधते ही हाथों की नसें निंयत्रित होती हैं, जिसकी वजह से रक्तचाप जैसी समस्या भी नियत्रंण में रहती हैं। 

4 of 5
- फोटो : amar ujala
मधुमेह
पुरुषों और अविवाहित लड़कियों के दाएं हाथ में और विवाहित महिलाओं के बाएं हाथ में मौली या कलावा बांधा जाता है। हाथों पर कलावा बांधने से मधुमेह जैसा रोग भी नियत्रंण में रहता है। 
विज्ञापन
विज्ञापन

5 of 5
 हार्ट अटैक
कलावा हमारी सेहत के लिए कितना फायदेमंद है ये इस बात से भी जाना जा सकता है कि यह हमें लकवा और हार्ट अटैक जैसी परेशानी से भी बचा सकता है। 
 
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें