जब भी कोई व्यक्ति बीमार पड़ता है, तो वो डॉक्टर के पास ही जाता है, क्योंकि डॉक्टर ही लोगों को छोटी ही नहीं कई गंभीर और खतरनाक बीमारियों से भी बचाते हैं। डॉक्टर को यूं ही भगवान के समान दर्जा नहीं दिया जाता है, उसके पीछे उनकी मेहनत साफ नजर आती है। एक व्यक्ति जब किसी भी बीमारी का शिकार होता है, उसके साथ कोई दुर्घटना होती है या फिर किसी गंभीर बीमारी की चपेट में लोग आते हैं आदि। ऐसे मुश्किल भरे वक्त में डॉक्टर ही उन्हें ठीक करते हैं और एक नई जिंदगी देने का काम करते हैं। वहीं, इस बार कोरोना काल में तो डॉक्टर्स की महत्वता को हर किसी ने पहचाना। दुनिया ने देखा कि कैसे डॉक्टर्स ने दिन-रात काम करके मरीजों की जान बचाई। डॉक्टर्स के सम्मान में ही हर साल 1 जुलाई को राष्ट्रीय डॉक्टर दिवस मनाया जाता है। तो चलिए इस दिन के इतिहास और महत्व के बारे में जानते हैं।