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Health Tips: सेहत का आईना हैं आपके नाखून, इनके रंग में बदलाव दिखे तो तुरंत हो जाएं सावधान

Sun, 28 Sep 2025 08:13 PM IST
अभिलाष श्रीवास्तव हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

  •  नाखून हमारी सेहत का आईना हो सकते हैं। यही कारण है कि कई बार डॉक्टर भी बीमारियों का पता लगाने के लिए आपके नाखून देखते हैं। नाखूनों के रंग और बनावट में असामान्य बदलाव से शरीर की अंदरूनी स्थिति का पता लगाया जा सकता है।
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नाखूनों से मिलेगा सेहत का अंदाजा - फोटो : Adobe Stock
लाइफस्टाइल और खान-पान की गड़बड़ी के चलते हृदय रोग, डायबिटीज और कैंसर जैसी बीमारियां काफी आम हो गई है। आपके भी जानने वाले किसी न किसी व्यक्ति में ये बीमारियां जरूर होंगी। डॉक्टर कहते हैं, अगर जोखिमों को समझते हुए कम उम्र से ही बचाव कर लिए जाएं तो बीमारियों के खतरे को कम किया जा सकता है। इसके लिए दिनचर्या को ठीक रखने के साथ बीमारियों के लक्षणों पर गंभीरता से ध्यान देना भी जरूरी है।

अध्ययनों से पता चलता है कि अगर समय रहते रोगों की पहचान हो जाए तो इसका इलाज और ठीक होने की संभावना बढ़ जाती है।

डॉक्टर बताते हैं, हमारा शरीर स्वयं संकेत देता रहा है कि कहीं कोई बीमारी तो नहीं पनप रही है? हम सब रोज आईने में चेहरा देखते हैं, बालों पर ध्यान देते हैं, लेकिन अक्सर नाखूनों को नजरअंदाज कर देते हैं। असल में नाखून हमारी सेहत का आईना हो सकते हैं। यही कारण है कि कई बार डॉक्टर भी बीमारियों का पता लगाने के लिए आपके नाखून देखते हैं। नाखूनों के रंग और बनावट में असामान्य बदलाव से शरीर की अंदरूनी स्थिति का पता लगाया जा सकता है।
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नाखून देखकर जानिए सेहत का हाल - फोटो : Adobe stock
नाखून के रंग में बदलाव दिखे तो हो जाएं सावधान

नाखूनों का सामान्य रंग हल्का गुलाबी होता है। लेकिन जब यह पीले, सफेद, नीले, भूरे या हरे दिखने लगें, तो यह चेतावनी संकेत हो सकता है। उदाहरण के लिए, पीले नाखून फंगल इन्फेक्शन या थायरॉइड की बीमारी का संकेत दे सकते हैं, जबकि सफेद नाखून लिवर की समस्या की ओर इशारा करते हैं। इसी तरह नीले नाखून इस बात का संकेत हैं कि शरीर को पर्याप्त ऑक्सीजन नहीं मिल रही, जो हृदय और फेफड़ों से जुड़ी बीमारियों का संकेत हो सकता है।

अगर आपके नाखूनों का रंग अचानक बदल गया है तो इसे गंभीरता से लें और डॉक्टर की सलाह लें।
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नाखून देते हैं सेहत का अंदाजा - फोटो : freepik
क्या कहते हैं विशेषज्ञ?

वरिष्ठ चिकित्सक डॉ. प्रदीप कुमार शैलत ने अमर उजाला को बताया कि नाखूनों के रंग और आकार में हो रहे बदलाव पर पैनी नजर रखें। साथ ही पोषक तत्वों वाले खाद्य पदार्थ, जैसे- दूध, दही, पनीर, हरी सब्जियां, साबुत अनाज, दालें, मेवे और बीज का सेवन करें। अपने नाखूनों की समय-समय पर जांच करते रहें, ताकि समय रहते बीमारियों के लक्षण पकड़ में आ सकें।

आइए जानते हैं कि नाखूनों का रंग बदलना किन-किन बीमारियों का संकेत हो सकता है।

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नाखून के रंग में बदलाव - फोटो : Adobe
नाखूनों का रंग नीला या हरा होना

नाखूनों के रंग को देखकर यह पता लगाया जा सकता है कि शरीर स्वस्थ है या नहीं। नाखूनों का रंग हल्का गुलाबी दिखाई देना स्वास्थ्य की दृष्टि से एक अच्छी बात है। यह शरीर में रक्त संचार ठीक ढंग से होने का संकेत होता है।

अगर नाखूनों का रंग बदलकर हल्का काला और हरा हो गया है तो ऐसा बैक्टीरियल संक्रमण के कारण हो सकता है। 

नाखूनों को रंग अगर बदलकर नीला हो गया है तो यह खतरे की घंटी भी हो सकती है। नीला रंग दिखे तो यह खून में ऑक्सीजन की कमी, हृदय, या फेफड़े की बीमारी का संकेत हो सकता है। हालांकि नीले नाखून होने के कई और भी कारण हो सकते हैं, इसलिए इसकी जांच करवाकर सही कारणों का पता लगाना आवश्यक होता है।
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नाखून में दिखने वाले बदलाव - फोटो : Adobe Stock
नाखून का रंग सफेद या नीला होना

अगर नाखून ज्यादा सफेद दिखें तो यह शरीर में खून की कमी का लक्षण हो सकता है। इसके अलावा पीले दिखने वाला नाखून कई बार डायबिटीज का शुरूआती संकेत हो सकता है।  लंबे समय तक पीले नाखून बने रहना फेफड़ों के संक्रमण, क्रॉनिक ब्रोंकाइटिस या टीबी का लक्षण भी हो सकता है। इसके अलावा थायरॉइड और लिवर की बीमारी में भी नाखूनों का रंग पीला दिख सकता है।

कुछ लोगों के नाखून हल्के बैंगनी रंग के हो जाते हैं। यह रक्त प्रवाह में समस्या का संकेत हो सकता है। ब्लड सर्कुलेशन बिगड़ने से हाथ-पैर सुन्न होना, ठंड लगना और कमजोरी महसूस होना जैसे लक्षण भी दिखाई देते हैं।


 
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नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्टस से एकत्रित जानकारियों के आधार पर तैयार किया गया है। 

अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।
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