Air Pollution: दुनियाभर में बढ़ता वायु प्रदूषण सेहत को गंभीर रूप से क्षति पहुंचाता दिख रहा है। जिस हवा में हम रोजाना सांस लेते हैं, उसमें कई प्रकार के हानिकारक गैस, रसायनों का स्तर बढ़ गया है। कई मेडिकल रिपोर्ट्स से साफ होता है कि वायु प्रदूषण के लंबे समय तक संपर्क में रहने वाले लोगों में तमाम तरह की क्रॉनिक बीमारियों का जोखिम अधिक हो सकता है।
स्वास्थ्य विशेषज्ञ कहते हैं, प्रदूषित हवा में मौजूद हानिकारक कण (PM2.5) हृदय रोग, फेफड़ों की बीमारी से लेकर कैंसर तक के खतरे को बढ़ाने वाले हो सकते हैं। जहरीली गैसें और धुआं का असर हमारी आंखों की सेहत पर भी देखा जा रहा है। इसके कारण आंखों में जलन, लालिमा, सूजन और सूखापन जैसी समस्याएं पहले की तुलना में काफी बढ़ गई हैं।
लगातार प्रदूषित हवा के संपर्क में रहने से आंखों की सतह पर मौजूद नमी कम होने लगती है और कॉर्निया पर भी असर पड़ सकता है। यह स्थिति लंबे समय में दृष्टि पर नकारात्मक प्रभाव डाल सकती है और गंभीर स्थितियों में अंधेपन का खतरा भी बढ़ा सकती है।
स्वास्थ्य विशेषज्ञ कहते हैं, बच्चों के लिए यह खतरा और भी ज्यादा है। छोटे बच्चों की आंखें बहुत संवेदनशील होती हैं और प्रदूषण के छोटे-छोटे कण भी उनकी आंखों को नुकसान पहुंचा सकते हैं।