मंकीपॉक्स (एमपॉक्स) वैश्विक स्वास्थ्य आपातकाल है। विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) सहित दुनियाभर की स्वास्थ्य एजेंसियां सभी लोगों से इस संक्रामक रोग को लेकर बचाव के उपाय करते रहने की अपील कर रही हैं। अफ्रीकी देशों से शुरू हुआ ये संक्रमण यूएस-यूके सहित
अब भारत में भी पहुंच गया है। 8 सितंबर को यहां पहले संक्रमित का पता चला है।
विशेषज्ञ कहते हैं, वैसे तो संक्रमण को लेकर फिलहाल भारत में लोगों को ज्यादा चिंता करने या डरने की आवश्यकता नहीं है, हालांकि सुरक्षात्मक उपायों का ध्यान रखा जरूरी है। गौरतलब है कि संक्रमित व्यक्ति के निकट संपर्क में आने, यौन संबंध बनाने, शरीर के तरल पदार्थों के संपर्क के कारण ये संक्रमण हो सकता है। फिलहाल इसके उपचार के लिए कोई विशिष्ट दवा नहीं है। कुछ टीकों को मान्यता दी गई है और कुछ को लेकर शोध जारी है।
इस बीच मंकीपॉक्स से बचाव को लेकर वैज्ञानिकों ने एक टीके को अध्ययनों में विशेष प्रभावी पाया है। शोधकर्ताओं को उम्मीद है कि इससे संक्रमण के मामलों को नियंत्रित करने में मदद मिल सकती है।