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Covid-19: कोरोना के अब तक के सबसे म्यूटेटेड वैरिएंट का पता चला, वैज्ञानिकों का अलर्ट- अभी टला नहीं है खतरा

Sun, 30 Jul 2023 12:49 PM IST
अभिलाष श्रीवास्तव हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
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कोरोना के सबसे म्यूटेटेड वैरिएंट के बारे में पता चला - फोटो : iStock
वैश्विक स्तर पर कोरोना संक्रमण का खतरा पिछले तीन साल से अधिक समय से बना हुआ है। इस दौरान कई वैरिएंट्स सामने आए जिसमें से कुछ बेहद संक्रामक जबकि कुछ गंभीर रोगकारक थे। वैसे तो दुनिया के कई देशों में फिलहाल कोरोना की स्थिति काफी नियंत्रित है, फिर भी कुछ हिस्सों में ओमिक्रॉन वैरिएंट्स के मामले रिपोर्ट किए जा रहे हैं।

हालिया रिपोर्ट्स के मुताबिक ओमिक्रॉन के वैरिएंट्स के कारण अमेरिका का कई हिस्सों में पिछले दिनों कोविड-19 के कारण अस्पतालों में भर्ती लोगों की संख्या में 10 फीसदी तक की बढ़ोतरी दर्ज की गई है। स्वास्थ्य विशेषज्ञ कहते हैं, कोरोना के जोखिमों को लेकर लोगों को अलर्ट रहने की आवश्यकता है, वैरिएंट्स में लगातार म्यूटेशन जारी है।

इस बीच वैज्ञानिकों ने एक रिपोर्ट में चौंकाने वाली जानकारी शेयर की है। वैज्ञानिकों ने इंडोनेशिया में कोविड के एक ऐसे वैरिएंट का पता लगाया है जो अब तक के वैरिएंट्स का सबसे अधिक म्यूटेटड वर्जन माना जा रहा है। शोधकर्ताओं ने बताया यह डेल्टा वैरिएंट का मार्फड वर्जन है। 
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कोरोना का सबसे म्यूटेटेड वैरिएंट - फोटो : Pixabay
113 से अधिक म्यूटेशन वाला वैरिएंट

रिपोर्ट्स में साझा की गई जानकारियों के मुताबिक जर्काता में रोगी के स्वाब सैंपल से इस वैरिएंट का पता चला है, इसमें 113 यूनिक म्यूटेशंस हैं, इसमें से 37 म्यूटेशन इसके स्पाइक प्रोटीन की प्रभावित कर रहे हैं। यहां जानना जरूरी है कि स्पाइक प्रोटीन, वायरस को मनुष्यों में फैलने में सक्षम बनाता है और कोविड-19 वैक्सीन को भी टारगेट करने में इसकी भूमिका होती है। 

अब तक ओमिक्रॉन वेरिएंट में सबसे अधिक 50 म्यूटेशंस के बारे में पता चला था, इसके विपरीत इसमें 113 म्यूटेशंस हैं जो वैज्ञानिकों की चिंता बढ़ाने वाले हो सकते हैं। 
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कोरोना का नया वैरिएंट खतरनाक - फोटो : pixabay
टीके की प्रभावकारिता भी हो सकती है कम

रिपोर्ट्स के मुताबिक इस वैरिएंट में देखे गए अत्यधिक म्यूटेशन इसे प्रतिरक्षा और टीके की प्रभावकारिता को कम करने वाला बनाते हैं। इस वैरिएंट के बारे में अभी ज्यादा जानकारी उपलब्ध नहीं है।

वारविक यूनिवर्सिटी के वायरोलॉजिस्ट प्रोफेसर लॉरेंस यंग ने बताया कि फिलहाल यह समझा नहीं जा सका है कि यह स्ट्रेन दूसरों को संक्रमित कर सकता है या नहीं? हमें कोरोना को हल्के में लेने की गलती नहीं करनी चाहिए, जिस प्रकार से वायरस में लगातार म्यूटेशंस जारी हैं, उसके चलते यह मान लेना बिल्कुल सही नहीं है कि कोरोना संक्रमण का जोखिम कम या खत्म हो गया है। 

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कोरोना के वैरिएंट्स में म्यूटेशन - फोटो : iStock
क्या कहते हैं वैज्ञानिक?

प्रोफेसर लॉरेंस यंग कहते हैं, वायरस में जारी म्यूटेशन इस बात को लेकर भी जोखिमों को बढ़ाने वाला है कि हम भविष्य में और भी संक्रामक और घातक कोरोना वैरिएंट का सामना कर सकते हैं। इससे कमजोर प्रतिरक्षा प्रणाली वाले लोगों में गंभीर संक्रमण और इसके दीर्घकालिक दुष्प्रभावों का जोखिम भी अधिक हो सकता है। हालांकि, यह ध्यान रखना महत्वपूर्ण है कि कोई वैरिएंट चिंता का विषय तभी बनता है जब वह तेजी से फैलता है। अभी तक, यह स्पष्ट नहीं है कि इस नए स्ट्रेन में दूसरों को व्यापक रूप से संक्रमित करने की क्षमता है या नहीं?
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म्यूटेटेड कोविड वैरिएंट्स - फोटो : pixabay
गंभीर रोग विकसित होने का जोखिम

स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने चिंता जताई है कि नए वैरिएंट्स में देखे जा रहे म्यूटेशन इसे अधिक प्रभावी तरीके से लोगों के शरीर में बनी प्रतिरक्षा प्रणाली को बाधित करने के योग्य बनाती है। चूंकि यह नया वैरिएंट डेल्टा का म्यूटेटेड वर्जन है ऐसे में आशंका है कि इससे गंभीर रोगों के विकसित होने का भी खतरा हो सकता है। गौरतलब है कि 2021 में सामने आया कोविड का डेल्टा वैरिएंट दुनियाभर में बड़ी संख्या में लोगों में संक्रमण का कारण बना था, इसके कारण मृत्युदर भी अधिक देखी गई थी। 

रिपोर्ट्स के मुताबिक इंडोनेशिया में देखे गए नए वैरिएंट के बारे में विस्तार से समझने के लिए शोध जारी है।


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स्रोत और संदर्भ:
Scientists discover the 'most mutated Covid variant ever' lurking in a patient in Indonesia

अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।
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