संक्रमण से बचाव के उपाय करते रहना जरूरी
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क्या कहते हैं शोधकर्ता?
सेंटर फॉर सेल्युलर एंड मॉलिक्यूलर बायोलॉजी (सीसीएमबी) के निदेशक विनय.के.नंदीकूरी ने एक रिपोर्ट में कहा, वैक्सीनेशन की रफ्तार और प्राकृतिक संक्रमण के कारण भारत में 'हर्ड इम्युनिटी' विकसित हो चुकी है, ऐसे में BF.7 वैरिएंट के कारण यहां चीन जैसे गंभीर हालात बनने की आशंका नहीं है। यह वैरिएंट निश्चित ही उन लोगों को भी संक्रमित करता देखा जा रहा है जिनका वैक्सीनेशन हो चुका है पर संक्रमण की गंभीरता उतनी नहीं है, जितनी डेल्टा के साथ हुआ करती थी।
नए वैरिएंट्स की प्रकृति और संक्रामकता दर थोड़ी चिंता जरूर बढ़ाती है, पर अगर कोविड से बचाव के उपायों पर गंभीरता से ध्यान दिया जाए तो संक्रमण के जोखिम को काफी हद तक कम किया जा सकता है।
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नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्ट्स और स्वास्थ्य विशेषज्ञों की सुझाव के आधार पर तैयार किया गया है।
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