फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

अध्ययन में दावा: हृदय रोगों और स्ट्रोक के खतरे से बचाएगी सुबह की यह आदत, सभी लोगों के लिए जरूरी

Sun, 20 Nov 2022 01:25 PM IST
अभिलाष श्रीवास्तव हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
विज्ञापन
1 of 5
हृदय रोगों से बचाव कैसे किया जाए? - फोटो : istock
हृदय रोगों और स्ट्रोक का जोखिम वैश्विक स्तर पर तेजी से बढ़ता जा रहा है। आश्चर्यजनक रूप से कम उम्र में भी लोग न सिर्फ इस गंभीर बीमारी के शिकार हो रहे हैं, बल्कि मौत का आंकड़ा भी काफी बढ़ गया है। स्वास्थ्य विशेषज्ञ सभी लोगों को हृदय रोगों के जोखिमों को कम करने वाले उपाय करते रहने की सलाह देते हैं। लाइफस्टाइल और आहार संबंधी गड़बड़ी को हृदय रोगों का प्रमुख कारक माना जाता है, इसे ध्यान में रखते हुए विशेषज्ञ कहते हैं, नियमित व्यायाम की आदत आपके जोखिमों को काफी हद तक कम करने में मददगार हो सकती है। वहीं सुबह के समय व्यायाम करने की आदत को हालिया अध्ययन में हृदय रोगों और स्ट्रोक के खतरे से बचाने में कारगर पाया गया है। 

यूरोपियन जर्नल ऑफ प्रिवेंटिव कार्डियोलॉजी में प्रकाशित एक हालिया शोध में वैज्ञानिकों ने पाया कि सुबह की शारीरिक गतिविधि हृदय रोग और स्ट्रोक के खतरे को काफी हद तक कम कर सकती है।

वैज्ञानिकों का कहना है कि निश्चित तौर पर हृदय संबंधी जटिलताओं को कम करने और संपूर्ण स्वास्थ्य लाभ के लिए व्यायाम करना सबसे कारगर विकल्प माना जाता रहा है, पर सुबह के व्यायाम को इस अध्ययन में इन जानलेवा समस्याओं से आपको बचाने में भी फायदेमंद पाया गया है। आइए इस अधययन के बारे में आगे विस्तार से जानते हैं।
विज्ञापन

2 of 5
व्यायाम से हृदय स्वास्थ्य में लाभ - फोटो : Pixabay
व्यायाम से हृदय स्वास्थ्य में लाभ

इस अध्ययन के लिए शोधकर्ताओं की टीम ने यूके बायोबैंक के डेटा का इस्तेमाल किया गया। इसमें 42 से 78 वर्ष की आयु के 86,657 प्रतिभागियों के डेटा को शामिल किया गया, ये सभी बेसलाइन पर हृदय रोग से मुक्त थे। अध्ययन में शामिल प्रतिभागियों में से 58% महिलाएं थीं।

छह से आठ वर्षों तक किए गए फॉलोअप के दौरान 2,911 प्रतिभागियों में कोरोनरी आर्टरी डिजीज और 796 में स्ट्रोक की समस्या देखी गई। इन दोनों समस्याओं के कारणों के बारे में जानने के लिए शोधकर्ताओं ने कई स्तर पर पूछताछ और प्रतिभागियों की दैनिक गतिविधियों का अध्ययन किया।
विज्ञापन

3 of 5
हार्ट अटैक के बढ़ते जोखिम से बचाव के तरीके - फोटो : istock
अध्ययन में क्या पता चला?

अध्ययन के परिणाम में शोधकर्ताओं ने पाया कि 24 घंटे की अवधि में जो प्रतिभागी सुबह 8 से 11 बजे के बीच शारीरिक तौर पर अधिक सक्रिय थे या इस समय जिन लोगों ने नियमित व्यायाम-योग का पालन किया उनमें हृदय रोग और स्ट्रोक दोनों का खतरा कम पाया गया। अध्ययन में शामिल जिन प्रतिभागियों में हृदय रोगों या स्ट्रोक का जोखिम देखा गया, उनमें से अधिकतर शारीरिक रूप से निष्क्रिय रहते थे। 

4 of 5
व्यायाम से होने वाले स्वास्थ्य लाभ - फोटो : istock
रोजाना जरूर करें व्यायाम

उम्र और लिंग जैसे कारकों के आधार पर प्राप्त निष्कर्ष बताते हैं कि जिन प्रतिभागियों में सुबह के समय शारीरिक सक्रियता अधिक थी, उनमें कोरोनरी आर्टरी डिजीज 11-16 फीसदी कम पाया गया। इसके अलावा ऐसे लोगों में स्ट्रोक का जोखिम 17 भी कम पाया गया। शोधकर्ताओं ने बताया कि सुबह 8-11 के बीच व्यायाम की गतिविधियां शरीर के लिए विशेष लाभकारी हो सकती हैं, इससे तंत्रिकाओं और धमनियों से संबंधित विकारों के विकसित होने का खतरा कम होता है। सभी लोगों को इसे दिनचर्या का हिस्सा जरूर बनानी चाहिए।
विज्ञापन
विज्ञापन

5 of 5
रोजाना सुबह जरूर करें व्यायाम - फोटो : iStock
क्या है शोधकर्ता की सलाह?

नीदरलैंड के लीडेन यूनिवर्सिटी मेडिकल सेंटर में प्रोफेसर और अध्ययन की लेखिका प्रो. सुश्री गली अल्बालक कहती हैं, यह सत्यापित है कि व्यायाम हृदय स्वास्थ्य के लिए अच्छा है। हमारा अध्ययन इंगित करता है कि सुबह की गतिविधि सबसे अधिक फायदेमंद हो सकती है। सभी उम्र के लोगों को हृदय रोगों और इसकी गंभीर जटिलताओं से बचाव करने के लिए नियमित रूप से सुबह के समय व्यायाम करने की आदत जरूर बनानी चाहिए। कम उम्र से ही इसे दिनचर्या का हिस्सा बनाना विशेष लाभप्रद हो सकता है।



---------------
स्रोत और संदर्भ

Setting your clock: associations between timing of objective physical activity and cardiovascular disease risk in the general population 

अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें