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Monsoon Diseases: जलजमाव और बाढ़ की वजह से बढ़ जाता है इन बीमारियों खतरा, जरूर बरतें ये सावधानियां

Thu, 07 Aug 2025 04:39 PM IST
शिखर बरनवाल हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

Precautions in Monsoon: मानसून के मौसम में कई बीमारियों का खतरा बढ़ जाता है। इस मौसम में कई जगहों पर बाढ़ भी आता है और जलजमाव भी होता है, ऐसे में कुछ विशेष सावधानियां बरतना बहुत जरूरी हो जाता है। आइए इस लेख में इसी के बारे में विस्तार से जानते हैं।
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मानसून में बाढ़ की वजह से होने वाली बीमारियां - फोटो : Adobe Stock
Flood Related Illnesses: भारत में मानसून आने से गर्मी से तो राहत मिलती है, लेकिन साथ ही ये मौसम कई तरह की स्वास्थ्य चुनौतियों को भी जन्म देता है। इस मौसम में अक्सर होने वाले जलजमाव और बाढ़ की स्थिति बीमारियों का वातावरण बनाते हैं। सड़कों पर जमा गंदा पानी, दूषित भोजन और पीने का पानी कई बीमारियों के रोगाणुओं का घर बन जाते हैं।

ये बीमारियां वेक्टर-जनित (जैसे मच्छर से फैलने वाली) और जल-जनित (दूषित पानी से फैलने वाली) हो सकती हैं, जो अगर समय पर नियंत्रित न हों तो गंभीर रूप ले सकती हैं। इसलिए, मानसून के दौरान विशेष सावधानी बरतनी बहुत जरूरी है। आइए इस लेख में जानते हैं कि बाढ़ और जलजमाव की वजह से किन बीमारियों का खतरा बना रहता है और उनसे बचाव का क्या उपाय है।
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मच्छरों से होने वाली बीमारियां - फोटो : Freepik.com
मच्छरों से फैलने वाली बीमारियां
जलजमाव और रुके हुए पानी में मच्छरों का प्रजनन तेजी से होता है, जिससे डेंगू, मलेरिया और चिकनगुनिया जैसी वेक्टर-जनित बीमारियों का खतरा बढ़ जाता है। ये बीमारियां तेज बुखार, सिर दर्द, जोड़ों में गंभीर दर्द और शरीर पर लाल चकत्ते (चिकनगुनिया और डेंगू के मामले में) जैसे लक्षण पैदा करती हैं।

इन बीमारियों से बचने के लिए अपने घर और आसपास पानी जमा न होने दें। कूलर, गमले और टायर जैसी जगहों से पानी को नियमित रूप से निकालते रहें। इसके अलावा, सोते समय मच्छरदानी का प्रयोग करें और पूरे शरीर को ढकने वाले कपड़े पहनें।

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पीने का पानी - फोटो : Adobe Stock
दूषित पानी और भोजन से फैलने वाली बीमारियां
बाढ़ और भारी बारिश के कारण पीने का पानी भी दूषित हो सकता है, जिससे टायफाइड, हैजा और पीलिया जैसी जल-जनित बीमारियों का प्रकोप बढ़ जाता है। ये बीमारियां उल्टी, दस्त, तेज बुखार और पेट दर्द जैसे लक्षण पैदा करती हैं।

इन बीमारियों से बचने के लिए सबसे जरूरी है कि आप केवल उबला हुआ या फिल्टर किया हुआ पानी ही पिएं। बाहर का खुला और स्ट्रीट फूड खाने से बचें और घर का बना ताजा भोजन ही करें। सब्जियों और फलों को अच्छी तरह धोकर ही इस्तेमाल करें।


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डॉक्टर - फोटो : Freepik.com
लेप्टोस्पायरोसिस का खतरा
बारिश और बाढ़ के पानी से फैलने वाली एक और गंभीर बीमारी लेप्टोस्पायरोसिस है। यह बीमारी 'लेप्टोस्पायरा' नामक बैक्टीरिया से फैलती है जो अक्सर जानवरों के मूत्र से दूषित पानी में पाया जाता है। अगर कोई व्यक्ति इस दूषित पानी में चलता है और उसके शरीर पर कोई घाव या कट हो, तो बैक्टीरिया शरीर में प्रवेश कर सकते हैं। इसके लक्षणों में तेज बुखार, सिर दर्द, मांसपेशियों में दर्द और आंखों का लाल होना शामिल है। इस बीमारी से बचने के लिए बाढ़ के पानी में चलने से बचें और यदि ऐसा करना जरूरी हो तो वाटरप्रूफ जूते पहनें।
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मच्छर - फोटो : Freepik.com
सावधानियां
डेंगू, मलेरिया, टाइफाइड और अन्य मानसूनी बीमारियों से बचने के लिए कुछ सामान्य सावधानियां बरतना बेहद जरूरी है। 
  • अपने घर और आसपास की साफ-सफाई का विशेष ध्यान रखें। 
  • इसके अलावा, अपने हाथों को नियमित रूप से साबुन से धोते रहें, खासकर खाने से पहले और शौच के बाद। 
  • किसी भी बीमारी के शुरुआती लक्षण दिखने पर तुरंत डॉक्टर से सलाह लें, क्योंकि समय पर इलाज से गंभीर परिणामों से बचा जा सकता है। 
  • अपनी और अपने परिवार की सेहत को सुरक्षित रखने के लिए इन सावधानियों को अपनाना बेहद जरूरी है।

नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्टस से एकत्रित जानकारियों के आधार पर तैयार किया गया है।

अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।
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