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Health Tips: मजबूत हड्डियों के लिए कैल्शियम के साथ जरूर लें ये विटामिन्स, वरना हो सकता है हार्ट अटैक का खतरा

Thu, 07 Aug 2025 01:48 PM IST
शिखर बरनवाल हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

Calcium and Vitamins For Bones: अक्सर कुछ लोग खुद से अपने लक्षणों के आधार पर कैल्सियम सप्लीमेंट्स लेना शुरू कर देते हैं। ध्यान रखें कि बिना एक्सपर्ट्स के सलाह से कैल्शियम लिया जाए तो ये हार्ट अटैक जैसी गंभीर बीमारियों का खतरा बढ़ा सकता है। आइए इस लेख में इसी के बारे में जानते हैं।
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सप्लीमेंट्स (प्रतिकात्मक तस्वीर) - फोटो : Freepik.com
Vitamins for Strong Bones: शरीर की हड्डियों को मजबूत रखने के लिए कैल्शियम सबसे जरूरी पोषक तत्वों में से एक होता है। हम सभी जानते हैं कि कैल्शियम की कमी से हड्डियां कमजोर हो जाती हैं और ऑस्टियोपोरोसिस जैसी बीमारियां हो सकती हैं। यही कारण है कि बहुत से लोग कैल्शियम सप्लीमेंट्स का सहारा लेते हैं। लेकिन, एक बात जिस पर अक्सर ध्यान नहीं दिया जाता, वह यह है कि कैल्शियम अकेले काम नहीं करता। अगर कैल्शियम को सही विटामिन्स का साथ न मिले, तो यह हड्डियों को मजबूत करने के बजाय, आपके दिल के लिए खतरा बन सकता है। 

जी हां, विशेषज्ञों के मुताबिक अगर शरीर में कैल्शियम का सही प्रबंधन न हो, तो यह धमनियों में जमा होकर हार्ट अटैक का जोखिम बढ़ा सकता है। इसलिए, अगर आप कैल्शियम सप्लीमेंट ले रहे हैं, तो यह जरूरी है कि आप कैल्शियम, विटामिन डी3 और विटामिन के2 को एक साथ लें। आइए इस लेख में इसी के बारे में विस्तार से जानते हैं।
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दवाएं - फोटो : Freepik.com
कैल्शियम और विटामिन डी3 का तालमेल
कैल्शियम बेशक हड्डियों की मजबूती के लिए आधार है, लेकिन यह खुद-ब-खुद हड्डियों का हिस्सा नहीं बन पाता है। यहां विटामिन डी3 की भूमिका बहुत महत्वपूर्ण हो जाती है। विटामिन डी3 का मुख्य काम हमारी आंतों में कैल्शियम को अवशोषित करना है। बिना पर्याप्त विटामिन डी3 के, आप कितना भी कैल्शियम सप्लीमेंट ले लें, वह ठीक से अवशोषित नहीं हो पाएगा और बिना उपयोग हुए ही शरीर से बाहर निकल जाएगा, जिससे हड्डियों को कोई फायदा नहीं मिलेगा। इसलिए, कैल्शियम सप्लीमेंट लेते समय विटामिन डी3 का साथ होना बहुत जरूरी है।
 
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दवाओं का अधिक इस्तेमाल - फोटो : Freepik.com
विटामिन के2 का अहम योगदान
अब मान लेते हैं कि आपने कैल्शियम के साथ विटामिन डी3 भी लेना शुरू कर दिया है। अब कैल्शियम आपकी आंतों में ठीक से एब्जॉर्ब होकर खून में मिल गया। लेकिन अब इस कैल्शियम को सही जगह, यानी आपकी हड्डियों और दांतों तक पहुंचाना है। यहीं पर विटामिन के2 की भूमिका शुरू होती है। विटामिन के2 का मुख्य काम अवशोषित हुए कैल्शियम को सही जगह पर पहुंचाना है। यह शरीर में उन प्रोटीनों को सक्रिय करता है जो कैल्शियम को हड्डियों तक निर्देशित करते हैं और सुनिश्चित करते हैं कि कैल्शियम वहीं जाकर जमा हो जहां उसकी जरूरत है। यह कैल्शियम के प्रबंधन में एक बड़ी भूमिका निभाता है।
 
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हार्ट अटैक - फोटो : Freepik.com
दिल पर कैसे पड़ता है खतरा?
अब सवाल यह उठता है कि किन परिस्थितियों में दिल के दौरे का खतरा बढ़ जाता है? अगर आप कैल्शियम और विटामिन डी3 पर्याप्त मात्रा में ले रहे हैं, लेकिन विटामिन के2 नहीं ले रहे और आपके शरीर में भी इस विटामिन की कमी भी हो, तो कैल्शियम अवशोषित होने के बाद धमनियों में जमा होने लगता है।

यह जमाव धमनियों को सख्त और संकीर्ण बना देता है, जिसे एथेरोस्क्लेरोसिस कहते हैं। इस स्थिति में, धमनियों से खून का प्रवाह बाधित हो जाता है, जिससे रक्तचाप बढ़ जाता है और भविष्य में हार्ट अटैक या स्ट्रोक का खतरा कई गुना बढ़ जाता है। इसलिए, सिर्फ हड्डियों के लिए ही नहीं, बल्कि दिल की सेहत के लिए भी विटामिन के2 बहुत जरूरी है।
 
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दवा - फोटो : Freepik.com
क्या करें?
मजबूत हड्डियों और स्वस्थ दिल के लिए कैल्शियम, विटामिन डी3 और विटामिन के2 का सही संतुलन बहुत जरूरी है। आजकल बाजार में ये तीनों एक साथ ही कॉम्बो सप्लीमेंट के रूप में उपलब्ध होते हैं। अगर आप सप्लीमेंट लेने का विचार कर रहे हैं, तो ऐसे कॉम्बो सप्लीमेंट को प्राथमिकता दे सकते हैं, लेकिन हमेशा किसी डॉक्टर या आहार विशेषज्ञ से सलाह जरूर लें। वे आपकी स्वास्थ्य स्थिति के अनुसार सही संतुलन और खुराक बता पाएंगे, जिससे आप सुरक्षित और स्वस्थ दोनों रह सकें।
 
नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्टस से एकत्रित जानकारियों के आधार पर तैयार किया गया है।

अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।
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