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Monkeypox Infection: पाकिस्तान और स्वीडन के बाद अब फिलीपींस में मिला मंकीपॉक्स का पहला मामला

Mon, 19 Aug 2024 01:49 PM IST
श्रुति गौड़ लाइफस्टाइल डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

स्वीडन और पाकिस्तान के बाद अब फिलीपींस में भी सोमवार को मंकीपॉक्स का केस मिला है। रिपोर्ट्स की मानें तो ये देश का पहला केस है। 
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मंकीपॉक्स - फोटो : freepik.com
Monkeypox Infection:  दुनिया के कई देशों में मंकीपॉक्स संक्रमण के मामले बढ़ते हुए रिपोर्ट किए जा रहे हैं, जिसकी वजह से एक बार फिर से विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ)  में हड़कंप का माहौल है। पाकिस्तान और स्वीडन के बाद अब फिलीपींस में मंकीपॉक्स का पहला केस मिलने से हड़कंप मच गया है।

हालांकि मरीज में एमपॉक्स का कौन सा वैरिएंट है, अभी इस बात की जानकारी सामने नहीं आ पाई है। स्वास्थ्य विभाग ने इस मामले में जानकारी देते हुए बताया कि ये पहला मरीज 33 वर्षीय है, जो फिलीपींस से बाहर गया ही नहीं। ऐसे में वहां का स्वास्थय विभाग इस मामले की जानकारी में जुट गया है।
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मंकीपॉक्स - फोटो : freepik.com
इन लक्षणों के बाद सामने आई रिपोर्ट

फिलीपींस डीओएच ने एक बयान जारी करके बताया कि, जो व्यक्ति मंकीपॉक्स से संक्रमित पाया गया है, उसे एक हफ्ते से काफी बुखार आ रहा था। बुखार के चार दिन बाद उसके चेहरे, पीठ, गर्दन, धड़, कमर के साथ-साथ हथेलियों और तलवों पर बड़े-बड़े दाने निकलने लगे। जब जांच की गई तो मंकीपॉक्स के संक्रमण का पता लगा। ऐसे में मरीज को आइसोलेट करके उसका इलाज शुरू कर दिया गया है। 
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मंकीपॉक्स के मामले - फोटो : freepik.com
WHO ने घोषित किया ग्लोबल हेल्थ इमरजेंसी घोषित

आपको बता दें कि कई अफ्रीकी देशों में बढ़ते संक्रमण के खतरे को देखते हुए विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) ने इसे ग्लोबल हेल्थ इमरजेंसी घोषित किया था। अब इस रोग के मामले एशियाई देशों में भी देखे जा रहे हैं। फिलीपींस से पहले पाकिस्तान में शुक्रवार (16 अगस्त) को मंकीपॉक्स के तीन केस मिले थे। तीनों मरीज UAE की यात्रा करके लौटे थे। 

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मंकीपॉक्स के मामले - फोटो : freepik.com
लापरवाही बन सकती है प्रसार का कारण

वहीं, स्वीडन में गुरुवार (15 अगस्त) को मंकीपॉक्स का मामला सामने आया था। अफ्रीका के बाद यह पहला मामला था। यहां के मरीज में मंकीपॉक्स का क्लेड आई वैरिएंट पाया गया, जो कि एक जानलेवा वैरिएंट है। ऐसे में ये बीमारी चिंता का विषय बनती जा रही है। अध्ययनों के मुताबिक एमपॉक्स अति संक्रामक और जानलेवा संक्रमण का कारण बन सकता है, थोड़ी सी भी लापरवाही इस संक्रमण के व्यापक प्रसार का कारण बन सकती है।
 
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मंकीपॉक्स - फोटो : X / @JPNadda
भारत में भी अलर्ट 

इस भयानक बीमारी के लक्षण वैसे तो फ्लू जैसे ही होते हैं, लेकिन जब ये बढ़ने लगती है तो शरीर पर मवाद वाले दाने पड़ने लगते हैं। विश्व स्वास्थ्य संगठन की रिपोर्ट के अनुसार इस साल अब तक अफ्रीकी देशों में एमपॉक्स के 14,000 से ज्यादा मामले दर्ज किए गए हैं, जिनमें 524 मौतें दर्ज की गई हैं, जो पिछले साल के आंकड़ों से कहीं ज्यादा हैं। इनमें से 96% से ज्यादा मामले और मौतें अकेले कांगो में हुई हैं। इसी के चलते भारत में भी इसके लिए अलर्ट घोषित कर दिया गया है। 
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मंकीपॉक्स - फोटो : istock
कैसे फैलता है एमपॉक्स

ये एक काफी भयानक रोग है। ये संक्रमित जानवर या वायरस से संक्रमित व्यक्ति के निकट संपर्क में आने से तेजी से फैलता है। संक्रमित व्यक्ति के घाव, खांसने-छीकनें से निकलने वाली ड्रॉपलेट्ल या अन्य तरल पदार्थों के संपर्क में आने से एक से दूसरे व्यक्ति में संक्रमण हो सकता है। ऐसे में इससे बचाव करने की काफी आवश्यकता है। 

नोट: यह लेख डॉक्टर्स का सलाह और मेडिकल रिपोर्टस से एकत्रित जानकारियों के आधार पर तैयार किया गया है। 

अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।
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