कुछ दशकों पहले तक जहां बालों की समस्या को उम्र से संबंधित माना जाता था, वहीं वर्तमान में युवा आबादी में इसका जोखिम काफी तेजी से बढ़ता देखा जा रहा है। नेशनल हेल्थ सर्विस (एनएचएस) की एक रिपोर्ट के मुताबिक करीब 25 फीसदी युवा आबादी मेल पैटर्न बाल्डनेस (एमपीबी) का शिकार है, इसमें 20-25 की आयु तक पहुंचते-पहुंचते बालों के झड़ने और घनत्व कम होने की समस्या होने लग जाती है।
50 की आयु तक लगभग 50% पुरुषों को यह प्रभावित करता है। गौरतलब है कि सिर्फ पुरुष ही नहीं बड़ी संख्या में महिलाएं भी बालों की समस्या से परेशान हैं। अमेरिका में 50 फीसदी महिलाओं में बालों के झड़ने की समस्या का अनुमान है।
स्वास्थ्य विशेषज्ञ बताते हैं, कम उम्र में बढ़ती बालों की समस्या-गंजेपन के कई कारण हो सकते हैं, जिसमें लाइफस्टाइल-आहार में गड़बड़ी, अधिक तनाव, वातावरणीय समस्याएं प्रमुख हैं। गंजेपन की समस्या से परेशान लोग इसके लिए कई तरह के प्रयास करते रहते हैं, पर लाभ नहीं मिल पाता है। अध्ययन में शोधकर्ताओं ने मॉलिक्यूलर थेरपी के बारे में बताया है जिसे कारगर प्रभावों वाला माना जा रहा है।