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विशेषज्ञ की चेतावनी: न दोहराएं दूसरी लहर वाली गलतियां वरना तीसरी लहर हो सकती है गंभीर, ऐसे बरतें सावधानी

Sat, 10 Jul 2021 12:17 PM IST
Abhilash Srivastava हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
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कोरोना वायरस से बचाव के तरीके (प्रतीकात्मक तस्वीर) - फोटो : iStock
Medically Reviewed by-
डॉ अनिल डोंगरे
कोविड ट्रेकिंग प्रभारी
इंदौर, मध्यप्रदेश


कोरोनावायरस की दूसरी लहर के दौरान देश में अफरा-तफरी का मंजर वर्षों तक भूला नहीं जा सकेगा। कोरोना संक्रमण की दूसरी लहर ने न केवल सामान्य जनजीवन को प्रभावित कर दिया, साथ ही इसमें उत्पन्न स्वास्थ्य स्थितियों ने चिकित्सा सुविधा और इसके बुनियादी ढांचे पर भी बुरा असर डाला। देश में फिलहाल दूसरी लहर थम गई है, लेकिन संभावित तीसरी लहर अब भी लोगों के लिए चिंता का कारण बनी हुी है। इन सबके बीच स्वास्थ्य विशेषज्ञ बार-बार कोरोना की तीसरी लहर से सुरक्षित रहने के उपायों को प्रयोग में लाने की अपील कर रहे हैं।
स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि सभी लोगों को दूसरी लहर की तबाही से सबक लेने की आवश्यकता है, हमें उन गलतियों को फिर से दोहराने से बचना चाहिए, जिसके कारण दूसरी लहर के दौरान तमाम तरह की स्वास्थ्य संबंधी जटिलताओं ने हमें घेर लिया था। 
जिस तरह से कोरोना वायरस में लगातार म्यूटेशन हो रहे हैं, यह तीसरी लहर को और गंभीर बना सकता है। म्यूटेटेड वायरस की संक्रामकता भी पहले से कहीं अधिक मानी जा रही है, ऐसे में हम सभी के लिए इससे बचाव ही एक आसान तरीका हो सकता है। कोरोना की तीसरी लहर से बचने के लिए दूसरी लहर में की गई गलतियों से सीख लेने की आवश्यकता है।
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कोरोना संक्रमण से खुद को रखें सुरक्षित (प्रतीकात्मक तस्वीर) - फोटो : Pixabay
कोविड से बचाव के उपायों में न बरतें लापरवाही
स्वास्थ्य विशेषज्ञों के मुताबिक कोविड-19 के मामले देश में भले ही कम हो रहे हों, लेकिन इसका यह बिल्कुल मतलब नहीं है कि आप कोविड से बचाव के उपायों को प्रयोग में लाना छोड़ दें। पहली लहर के बाद इसी गलती के कारण देश को दूसरी लहर का सामना करना पड़ा था। देश से जब तक कोरोना वायरस के मामले बिल्कुल खत्म नहीं हो जाते, सभी लोगों को नियमित रूप से बचाव के उपायों जैसे मास्क लगाना, सोशल डिस्टेंसिंग के नियमों का पालन करना और हाथों का साफ-सफाई का ध्यान रखना चाहिए। इसमें जरा सी भी लापरवाही भारी पड़ सकती है। 
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डबल मास्क पहनें (प्रतीकात्मक तस्वीर) - फोटो : iStock
तीसरी लहर से बचने के लिए डबल मास्किंग जरूरी
कोविड-19 की दूसरी लहर के कारण हुई तबाही के अनुभवों ने हमें सोशल डिस्टेंसिंग और डबल मास्किंग का सही मूल्य समझा दिया है। भीड़भाड़ वाले स्थान सबसे अधिक जोखिम वाले क्षेत्र होते हैं, यहां अनावश्यक रूप से जाने से बचें। इसके अलावा नियमित रूप से मास्क पहनना सबसे अनिवार्य है, डबल मास्क पहनना सबसे बेहतर उपाय हो सकता है। बार-बार हाथ धोएं और बहुत जरूरी होने पर ही बाहर जाएं। कोविड के मामलों की संख्या में कमी का मतलब यह नहीं है कि वायरस खत्म हो गया है।

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कोरोना टीकाकरण अवश्य कराएं - फोटो : पीटीआई
टीकाकरण अवश्य कराएं
स्वास्थ्य विशेषज्ञों के मुताबिक कोरोना की तीसरी से बचाव के लिए वैक्सीन को ही सबसे प्रभावी हथियार के तौर पर देखा जा रहा है। सभी लोगों को टीकाकरण अवश्य कराना चाहिए। तमाम अध्ययनों में वैक्सीन को वायरस से सुरक्षा देने में प्रभावी पाया गया है, हालांकि कुछ लोग अभी भी संशय में हैं। वैक्सीन, लगवाकर आप कोरोना के गंभीर संक्रमण और इसके कारण होने वाली मौत से सुरक्षित हो सकते हैं। दूसरी लहर के दौरान वैक्सीन की उपलब्धता इतनी अधिक नहीं थी, इसी वजह से वायरस का इतना आक्रमक रूप देखने को मिला। इस बार सभी लोगों को सबक लेकर जल्द से जल्द वैक्सीनेशन जरूर करा लेनी चाहिए।
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जब तक आवश्यक न हो, घर से बाहर न निकलें (प्रतीकात्मक तस्वीर) - फोटो : iStock
अनावश्यक यात्रा करने से बचें
हाल के दिनों में हिल स्टेशनों और प्रमुख यातायात के स्थानों पर भयंकर भीड़ की तस्वीरें आपने भी देखी होंगी। यह एक और तबाही की ओर संकेत हो सकता है। हमारे लिए यह समझना महत्वपूर्ण है कि सीमा प्रतिबंधों को हटाने का मतलब यह नहीं है कि आप स्वतंत्र रूप से यात्रा कर सकते हैं। हमेशा ध्यान रखें अभी केवल संक्रमण के मामलों में कमी आई है, कोरोना वायरस अब भी हमारे आसपास मौजूद है, इससे सावधान रहने की आवश्यकता है। ध्यान रखें, जब आवश्यक हो केवल तभी यात्रा की योजना बनाएं, अनावश्यक घर से बाहर निकलने से बचें।

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नोट: यह लेख इंदौर में कोविड ट्रैकिंग प्रभारी डॉ अनिल डोंगरे से बातचीत के आधार पर तैयार किया गया है।

अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें। 
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