Medically Reviewed by-
डॉ अनिल डोंगरे
कोविड ट्रेकिंग प्रभारी
इंदौर, मध्यप्रदेश
कोरोनावायरस की दूसरी लहर के दौरान देश में अफरा-तफरी का मंजर वर्षों तक भूला नहीं जा सकेगा। कोरोना संक्रमण की दूसरी लहर ने न केवल सामान्य जनजीवन को प्रभावित कर दिया, साथ ही इसमें उत्पन्न स्वास्थ्य स्थितियों ने चिकित्सा सुविधा और इसके बुनियादी ढांचे पर भी बुरा असर डाला। देश में फिलहाल दूसरी लहर थम गई है, लेकिन संभावित तीसरी लहर अब भी लोगों के लिए चिंता का कारण बनी हुी है। इन सबके बीच स्वास्थ्य विशेषज्ञ बार-बार कोरोना की तीसरी लहर से सुरक्षित रहने के उपायों को प्रयोग में लाने की अपील कर रहे हैं।
स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि सभी लोगों को दूसरी लहर की तबाही से सबक लेने की आवश्यकता है, हमें उन गलतियों को फिर से दोहराने से बचना चाहिए, जिसके कारण दूसरी लहर के दौरान तमाम तरह की स्वास्थ्य संबंधी जटिलताओं ने हमें घेर लिया था।
जिस तरह से कोरोना वायरस में लगातार म्यूटेशन हो रहे हैं, यह तीसरी लहर को और गंभीर बना सकता है। म्यूटेटेड वायरस की संक्रामकता भी पहले से कहीं अधिक मानी जा रही है, ऐसे में हम सभी के लिए इससे बचाव ही एक आसान तरीका हो सकता है। कोरोना की तीसरी लहर से बचने के लिए दूसरी लहर में की गई गलतियों से सीख लेने की आवश्यकता है।