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सावधान: महिलाओं को ज्यादा होती है माइग्रेन की समस्या, जानिए इसके कारण और बचाव के तरीके

Fri, 16 Jul 2021 05:43 PM IST
Abhilash Srivastava हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
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माइग्रेन के कारण सिरदर्द की समस्या (प्रतीकात्मक तस्वीर) - फोटो : Social media
Medically Reviewed by Dr. Rajan Gandhi
डॉ. राजन गांधी

जनरल फिजिशियन, चाइल्डकेयर हॉस्पिटल, उजाला सिग्नस हॉस्पिटल
डिग्री- एम.बी.बी.एस, डिप्लोमा सी.एच

आमतौर पर ज्यादा काम, तनाव या कुछ अन्य स्थितियों के कारण सिरदर्द की समस्या होना सामान्य सी बात है। पर हर सिरदर्द को सामान्य मान लेना सही नहीं है, कुछ प्रकार के सिरदर्द माइग्रेन का कारण भी हो सकते हैं। माइग्रेन एक विशेष प्रकार की समस्या है जिसमें लोगों को गंभीर सिरदर्द के साथ कुछ अन्य लक्षणों जैसे मतली-उल्टी, प्रकाश और ध्वनि के प्रति संवेदनशीलता जैसी समस्याएं भी हो सकती हैं। माइग्रेन की समस्या, किसी भी उम्र में हो सकती है, इसलिए सभी लोगों को इसके लक्षणों के बारे में जानकर सावधान रहने की आवश्यक है। 
डॉक्टरों के मुताबिक माइग्रेन के कारण लोगों का सामान्य जीवन प्रभावित हो सकता है। कुछ लोगों को माइग्रेन की समस्या अक्सर होती रह सकती है। साल 2018 में हुए एक अध्ययन में शोधकर्ताओं ने पाया कि संयुक्त राज्य अमेरिका में 15 फीसदी से ज्यादा वयस्क माइग्रेन की समस्या के शिकार हैं। वहीं 2015 के आंकड़ों में पाया गया कि 19 फीसदी महिलाएं जबकि 9 फीसदी पुरुषों में इस समस्या के होने का खतरा रहता है। कुछ लोगों को आनुवांशिक रूप से भी यह समस्या हो सकती है। आइए इस लेख में माइग्रेन की समस्या के बारे में विस्तार से समझते हैं।
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माइग्रेन में सिर में होता है तेजी से दर्द - फोटो : Social media
माइग्रेन के क्या लक्षण होते हैं?
डॉक्टरों के मुताबिक माइग्रेन की समस्या कई चरणों में हो सकती है, इसी के आधार पर इसके लक्षण भी अलग-अलग होते हैं। सामान्यतौर पर लोगों को माइग्रेन में इस तरह की दिक्कतों का अनुभव हो सकता है।
  • सिरदर्द जो धीरे-धीरे बढ़ता जाता है। कई लोगों में दर्द की समस्या सिर के साथ आंखों के आसपास भी हो सकती है।
  • दर्द के कारण नियमित कार्यों को करने में असमर्थता।
  • प्रकाश और ध्वनि के प्रति संवेदनशीलता में वृद्धि। अंधेरे और शांत कमरे में लेटने से राहत मिलती है।
  • जी मिचलाना- उल्टी महसूस होना।
  • चक्कर आना या बेहोशी महसूस करना
माइग्रेन का दर्द सबसे अधिक माथे के क्षेत्र को प्रभावित करता है। इसके अलावा यह सिर के एक तरफ या दोनों तरफ शिफ्ट हो सकता है। इस तरह की समस्या 3-4 घंटे में ठीक हो जाती है। कुछ लोगों में यह कुछ दिनों तक भी बनी रह सकती है।
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कई कारणों से ट्रिगर हो सकती है माइग्रेन की समस्या - फोटो : iStock
क्यों होती है माइग्रेन की समस्या?
डॉक्टर कहते हैं, माइग्रेन की समस्या लोगों में अलग-अलग कारणों से हो सकती है। वैसे तो इसे आनुवांशिक माना जाता है पर कुछ और स्थितियां हैं जो माइग्रेन को ट्रिगर कर सकती हैं। 
स्वास्थ्य विशेषज्ञों के मुताबिक महिलाओं में मासिक धर्म के समय होने वाले हार्मोनल परिवर्तन के कारण भी माइग्रेन का खतरा बढ़ जाता है। इसके अलावा तनाव, अवसाद, चिंता और उत्तेजना जैसी स्थितियां भी माइग्रेन को बढ़ावा दे सकती हैं। कई अध्ययनों में पाया गया है कि जो लोग शराब, कैफीन, चॉकलेट आदि का सेवन अधिक करते हैं, उनमें भी माइग्रेन का खतरा अधिक हो सकता है।
सबसे खास बात कई प्रकार के पर्यावरणीय कारक जैसे टिमटिमाती स्क्रीन, तेज गंध, तेज आवाज, तापमान में बदलाव और तेज रोशनी भी माइग्रेन का कारण बन सकती है।

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अंधेरे कमरे में चले जाने से कम हो सकता है दर्द - फोटो : social media
माइग्रेन का इलाज क्या है?
डॉक्टर कहते हैं कि वैसे तो माइग्रेन की समस्या को ठीक करने के लिए कोई विशेष इलाज नहीं है, फिऱ भी रोगी को कुछ प्रकार की दर्द निवारक या उल्टी को रोकने वाली दवाइयां दी जाती है, जिससे उन्हें राहत मिल सकती है। कई लोगों को शांत और अंधेरे कमरे में सोने से भी इस समस्या में राहत मिल जाती है। डॉक्टर कहते हैं कि माइग्रेन के समय किसी भी प्रकार के स्क्रीन जैसे फोन या लैपटॉप का इस्तेमाल नहीं करना चाहिए, इससे दर्द बढ़ सकता है।
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सिरदर्द को दूर करने वाले उपायों को प्रयोग में लाएं - फोटो : getty images
माइग्रेन से बचाव कैसे कर सकते हैं?
डॉक्टरों के मुताबिक जिन लोगों को माइग्रेन का समस्या होती रहती है उन्हें इसके ट्रिगर करने वाले कराकों की पहचान कर उनसे दूर रहने की कोशिश करनी चाहिए। पर्याप्त नींद लेने, तनाव को कम करने, ढेर सारा पानी पीना पीने जैसी आदतों को प्रयोग में लाकर माइग्रेन से बचा जा सकता है। नियमित रूप से व्यायाम करके भी आप इस समस्या से काफी हद तक सुरक्षित रह सकते हैं। यदि आपको माइग्रेन के समय में कुछ भी आसामान्य सी समस्या हो तो इस बारे में डॉक्टर से सलाह जरूर ले लें।



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नोट: डॉ. राजन गांधी अत्यधिक योग्य और अनुभवी जनरल फिजिशियन हैं। इन्होंने कानपुर के जीएसवीएम मेडिकल कॉलेज से अपना एमबीबीएस पूरा किया है। इसके बाद इन्होंने सीएच में डिप्लोमा पूरा किया। फिलहाल यह उजाला सिग्नस कुलवंती अस्पताल, कानपुर में मेडिकल डायरेक्टर और सीनियर कंसल्टेंट फिजिशियन के तौर पर काम कर रहे हैं। डॉ. राजन गांधी को इस क्षेत्र में 25 साल का अनुभव है। 

अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित अस्वीकरण- बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें। 
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