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अध्ययन में दावा: रेमेडिसविर की तरह कोरोना संक्रमितों के लिए प्रभावी हो सकती है यह दवा

Mon, 26 Apr 2021 04:10 PM IST
Abhilash Srivastava हेल्थ डेस्क, अमर उजाला
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दवाइयों की प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : Pixabay
कोरोनावायरस का संक्रमण लगातार बढ़ता जा रहा है। फरवरी से भारत में आई दूसरी लहर में संक्रमितों के साथ मृत्युदर में भी इजाफा देखने को मिल रहा है। डॉक्टरों की पूरी कोशिश है कि किसी भी तरह से संक्रमितों की जान बचाई जा सके। इसी के चलते देश में कुछ दवाइयों की मांग और कालाबाजारी के भी मामले सामने आए हैं। रेमेडिसविर और फेवीफ्लू जैसी दवाइयों की मांग तेजी से बढ़ी है। इस बीच शाधकर्ताओं ने एक अध्ययन में बताया है कि सांस के रोगियों को दी जाने वाली एक दवा, कोरोना संक्रमितों के लिए भी फायदेमंद साबित हो सकती है।
आइए जानते हैं विशेषज्ञों को शोध में किस तरह के परिणाम देखने को मिले हैं और कौन सी दवा कोरोना संक्रमितों की जान बचाने में फायदेमंद साबित हो सकती है। 

 
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ऑक्सफोर्ड विश्वविद्यालय में किया गया शोध - फोटो : pixabay
ऑक्सफोर्ड विश्वविद्यालय के शोधकर्ताओं द्वारा किए गए एक अध्ययन के अनुसार अस्थमा जैसी सांस के रोगियों के इलाज के लिए दी जाने वाली दवा ग्लूकोकॉर्टिकोइड्स, कोविड-19 के रोगियों को तेजी से ठीक करने में सहायक हो सकती है। इस अध्ययन में शोधकर्ताओं ने पाया है कि जो लोग इस दवा के पहले से सेवन कर रहे हैं उनमें कोविड का प्रभाव भी कम देखा जा रहा है।
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प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : iStock
लैंसेट जर्नल में प्रकाशित अध्ययन में शोधकर्ताओं ने बताया है कि ग्लूकोकॉर्टिकोइड्स को सांस के माध्यम से रोगी को दिए जाने से कोविड में भी लाभ मिल सकता है। इतना ही नहीं इसका उपयोग रोगियों के अस्पताल में भर्ती होने के जोखिम को भी कम कर देता है। इसी तरह चीन, इटली और अन्य देशों ने अपने अध्ययनों में बताया था कि अस्थमा और क्रॉनिक ऑब्सट्रक्टिव पल्मोनरी डिजीज (सीओपीडी) से पीड़ित रोगियों के अस्पताल में भर्ती होने की संभावना कम हो सकती है। ऐसा इसलिए है क्योंकि इन रोगियों को पहले से ही इनहेलर के माध्यम से यह दवा लेने की सलाह दी जाती रही है। 

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अस्थमा के रोगियों को दी जाती रही है यह दवा - फोटो : Pixels
लैंसेट के इस अध्ययन में ब्रिटेन के 146 प्रतिभागियों को शामिल किया गया था। इनमें से आधे लोगों इनहेलर्स के माध्यम से को यह दवा को लेने के लिए कहा गया।  शोधकर्ताओं की टीम ने पाया कि थोड़े समय के लिए ही बाइडोनाइड लेने वाले लोगों में कोविड के लक्षणों में भी सुधार देखा गया। इतना ही नहीं यह गंभीर रूप से कोविड से पीड़ितों के इलाज में भी  फायदेमंद हो सकता है।
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दवा (प्रतीकात्मक तस्वीर) - फोटो : PTI
इसके अतिरिक्त विशेषज्ञों ने यह भी पाया कि कोविड के जिन रोगियों ने बाइडोनाइड लिया उनमें अन्य लोगों की तुलना में बुखार की भी शिकायत कम देखी गई। इसके अलावा ऐसे रोगियों में 14 दिनों के भीतर कोविड के लक्षणों में भी बेहतर सुधार देखा गया। इस अध्ययन के आधार पर कहा जा सकता है कि कोविड-19 के दौरान अस्थमा के रोगियों को दी जाने वाली कुछ दवाएं फायदेमंद हो सकती हैं।

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स्रोत और संदर्भ: 
Inhaled budesonide in the treatment of early COVID-19 (STOIC): a phase 2, open-label, randomised controlled trial
https://www.thelancet.com/journals/lanres/article/PIIS2213-2600(21)00160-0/fulltext#%20

अस्वीकरण नोट:  यह लेख द लैंसेट जर्नल में प्रकाशित स्टडी के आधार पर तैयार किया गया है। लेख में शामिल सूचना व तथ्य आपकी जागरूकता और जानकारी बढ़ाने के लिए साझा किए गए हैं। किसी भी तरह की बीमारी के लक्षण हों अथवा आप किसी रोग से ग्रसित हों तो अपने डॉक्टर से सलाह जरूर लें। अध्ययन में बताई गई किसी भी दवा या उपचार के लिए अमर उजाला दावा नहीं करता है, आपके लिए डॉक्टर से सलाह लेना जरूरी है।
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