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कोरोना अलर्ट: ठीक हो चुके लोगों में 6 महीने बाद मौत का ज्यादा खतरा, अध्ययन में सामने आई चौंकाने वाली बातें

Mon, 26 Apr 2021 04:00 PM IST
प्रकाश चंद जोशी हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
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Coronavirus Mumbai - फोटो : PTI
इन दिनों चारों तरफ सिर्फ और सिर्फ एक ही चीज की चर्चा है और वो है कोरोना वायरस महामारी, जो काफी ज्यादा संख्या में लोगों को संक्रमित कर रही है। कहीं अस्पताल की कमी है, तो कहीं ऑक्सीजन की। ऐसे में लोगों के इलाज होने पर भी भारी संकट मंडरा रहा है। हालांकि, कोरोना को मात देकर लोग घर भी आ रहे हैं। लेकिन हाल ही में सामने आए एक अध्ययन ने हर किसी को हैरान कर दिया है और ये शोध कोरोना वायरस से ठीक हो चुके लोगों को लेकर है। तो चलिए जानते हैं इसके बारे में विस्तार से।
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कोरोना जांच के लिए सैंपल लेता स्वास्थ्य कर्मी - फोटो : अमर उजाला
दरअसल, इस अध्ययन में कहा गया है कि कोरोना वायरस से ठीक हो चुके लोगों में इस वायरस का पता चलने के बाद के छह महीनों में मौत का जोखिम ज्यादा रहता है। इनमें वो लोग भी हो सकते हैं, जिन्हें कोविड-19 हुआ हो। लेकिन उन्हें अस्पताल में भर्ती न होना पड़ा हो।
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महाराष्ट्र में कोरोना - फोटो : पीटीआई
नेचर पत्रिका में प्रकाशित एक शोध में अध्ययनकर्ताओं ने बताया है कि आने वाले सालों में दुनिया की आबादी पर इस बीमारी से बड़ा बोझ पड़ने वाला है। अमेरिका में वाशिंगटन विश्वविद्यालय में स्कूल ऑफ मेडिसिन के अध्ययनकर्ताओं ने कोविड-19 से संबंधित विभिन्न बीमारियों की एक सूची उपलब्ध कराई है और इसमें इस महामारी के कारण होने वाली परेशानियों की एक बड़ी तस्वीर सामने आई है।

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coronavirus - फोटो : अमर उजाला
इस अध्ययन में लगभग 87 हजार कोरोना मरीज और लगभग 50 लाख अन्य मरीजों को शामिल किया गया, जो इस बीमारी से ठीक हो चुके थे।
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कोरोना स्वास्थ्यकर्मी - फोटो : पीटीआई
अध्ययन के वरिष्ठ लेखक और मेडिसिन के सहायक प्रोफेसर जियाद अल अली कहते हैं कि, 'हमारे अध्ययन में ये सामने आया कि रोग का पता लगने के छह महीने बाद भी कोविड-19 के मामूली मामलों में मौत का जोखिम कम नहीं है और बीमारी गंभीरता के साथ ही बढ़ती जाती है।'
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प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : iStock
यही नहीं, वे आगे कहते हैं कि, 'उन मरीजों की जांच करते हुए डॉक्टरों को निश्चित रूप से सजग रहना चाहिए, जो कोरोना वायरस से संक्रमित हो चुके हैं। इन मरीजों को एकीकृत, बहुविषयक देखभाल की जरूरत होगी।'
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सांकेतिक तस्वीर - फोटो : पीटीआई
वहीं, शोधकर्ताओं ने पाया कि कोरोना वायरस के शुरुआती संक्रमण से ठीक होने के बाद बीमारी के पहले 30 दिनों के बाद कोरोना से ठीक हुए लोगों में अगले 6 महीनों तक आम आबादी के मुकाबले मौत का जोखिम 60 प्रतिश्त तक ज्यादा होता है। शोधकर्ताओं ने इसको लेकर कहा कि, 6 महीने की सीमा तक कोरोना से ठीक हुए सभी लोगों में प्रति 1 हजार मरीजों पर अधिक मौत के आठ मामले सामने आते हैं।

स्रोत और संदर्भ:
https://www.nature.com/articles/s41586-021-03553-9

अस्वीकरण नोट: यह लेख 'नेचर पत्रिका में प्रकाशित एक स्टडी के आधार पर तैयार किया गया है। लेख में शामिल सूचना व तथ्य आपकी जागरूकता और जानकारी बढ़ाने के लिए साझा किए गए हैं। किसी भी तरह की बीमारी के लक्षण हों अथवा आप किसी रोग से ग्रसित हों तो अपने डॉक्टर से सलाह जरूर लें।
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