टीकाकरण बढ़ावा देने पर जोर
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डरा रहे हैं आंकड़े
भारत कुछ दशकों पहले तक खसरा से सबसे ज्यादा प्रभावित देशों में से एक रहा था, हालांकि टीकाकरण को बढ़ावा देकर इस रोग के जोखिमों को पिछले वर्षों में काफी कम कर दिया गया था। आंकड़ों के मुताबिक साल 2017 से 2021 के बीच भारत में खसरे के मामलों में 62% की गिरावट आई, इस दौरान प्रति दस लाख जनसंख्या पर 10.4 से घटकर 4 मामले रह गए थे।
हालांकि कोरोना महामारी के दौरान राष्ट्रीय टीकाकरण अभियान पर भी असर देखा गया जिसमें बड़ी संख्या में बच्चे खसरे के टीके से चूक गए। लिहाजा देश के कई हिस्सों से पिछले दिनों बच्चों में खसरा के मामले बढ़ते हुए रिपोर्ट किए जा रहे हैं। इसको लेकर विशेषज्ञों की टीम ने अलर्ट किया है।
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