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Alert: ब्रिटेन-अमेरिका में दहशत फैलाने वाली ये बीमारी अब भारत में भी पहुंची, मणिपुर में सामने आए 11 मामले

Fri, 01 Aug 2025 07:52 PM IST
अभिलाष श्रीवास्तव हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

  • विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) और यूनिसेफ के डेटा से पता चलता है कि यूरोपीय  देशों में खसरे के मामले तेजी से बढ़ते जा रहे हैं।
  • अब खसरा के मामले भारत में भी बढ़ते हुए देखे जा रहे हैं। खबरों के मुताबिक मणिपुर में खसरे का प्रकोप देखा जा रहा है, जहां कम से कम 11 लोगों को इसका शिकार पाया गया है। 
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खसरा रोग के बढ़ते मामलों को लेकर अलर्ट (सांकेतिक) - फोटो : Adobe stock photos
बीते एक साल के आंकड़े उठाकर देखें तो पता चलता है कि दुनियाभर में कई ऐसी बीमारियों का खतरा एक बार फिर से बढ़ने लगा है जिनके मामले एक समय में काफी कंट्रोल हो गए थे। खसरा (मीजल्स) रोग उनमें से एक है जो पिछले कुछ समय से कई यूरोपीय देशों के लिए गंभीर चिंता का कारण बना हुआ है।

विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) और यूनिसेफ के डेटा से पता चलता है कि पिछले 25 वर्षों में पहली बार ऐसा हुआ है कि यूरोपीय क्षेत्र में खसरे के सबसे ज्यादा मामले सामने आए। साल 2024 में यूरोपीय क्षेत्र में खसरे के 1.27 लाख मामले सामने आए जो 2023 में दर्ज मामलों की संख्या से दोगुना है। ये 1997 के बाद से इस क्षेत्र में देखी गई सबसे ज़्यादा संख्या है।

खसरा के मामले अब भारत में भी बढ़ते हुए देखे जा रहे हैं। खबरों के मुताबिक मणिपुर के सेनापति जिले में खसरे का प्रकोप देखा जा रहा है, जहां कम से कम 11 लोगों को इसका शिकार पाया गया है। अधिकारियों ने बताया कि इसी तरह के लक्षण दिखाने वाले 18 अन्य लोगों के सैंपल के नतीजे आने अभी बाकी हैं।

भारत में ये बीमारी पिछले एक-दो दशकों में काफी नियंत्रित देखी गई थी हालांकि इसके फिर से बढ़ते मामले विशेषज्ञों की चिंता बढ़ाने लगे हैं।
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भारत में खसरा के मामले (सांकेतिक तस्वीर) - फोटो : Freepik
मणिपुर में खसरा के मामले सामने आए

मणिपुर के स्वास्थ्य अधिकारियों ने सूचना दी है कि जिन 11 लोगों में खसरे का पता चला है उनमें से 10 मरीजों को टीके की एक भी खुराक नहीं मिली थी। अधिकारियों ने लोगों से टीका लगवाने का आग्रह करते हुए कहा कि इन इलाकों में किए गए एक त्वरित सर्वेक्षण में टीकाकरण में भारी अंतर का पता चला है, जो चिंताजनक है।

जिला प्रशासन ने संक्रमण के प्रसार को नियंत्रित करने और टीकाकरण को बढ़ावा देने के लिए एक बैठक बुलाई। अधिकारियों ने कहा, टीकाकरण के प्रति लोगों की हिचकिचाहट ने मौजूदा स्थिति में महत्वपूर्ण योगदान दिया है। सभी लोगों को इस बीमारी से बचाव के लिए वैक्सीनेशन पर विशेष जोर देने की आवश्यकता है।

(ये भी पढ़िए-  दुनियाभर में 3 करोड़ से ज्यादा बच्चों पर मंडरा रहा है खसरा रोग का खतरा)
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मीजल्स रोग के बढ़ते मामले - फोटो : Freepik.com
मामले इतने कम फिर क्यों है चिंता?

भारत में खसरे को लेकर चिंता इसलिए है क्योंकि हाल के महीनों में दुनिया के कई देशों में इस बीमारी का भयंकर प्रकोप देखा गया है। हालिया रिपोर्ट्स के मुताबिक अमेरिका में खसरे के मामले अप्रैल के दूसरे हफ्ते तक 700 से ऊपर पहुंच गए थे। बच्चे इस संक्रमण से सबसे ज्यादा प्रभावित देखे जा रहे हैं, कई रोगियों को अस्पतालों में भी भर्ती करने की जरूरत पड़ी है। 

बढ़ते खतरे को देखते हुए यूएस सेंटर फॉर डिजीज कंट्रोल एंड प्रिवेंशन (सीडीसी) ने लोगों का टीकाकरण कराने और संक्रमण बढ़ने की रफ्तार को कंट्रोल करने के लिए कई टीमों को तैनात किया है। अमेरिका में साल 2024 की तुलना में इस बार खसरा के मामले दोगुने से अधिक हैं।

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खसरा के टीकाकरण में आई कमी - फोटो : Freepik.com
वैक्सीनेशन में कमी ने बढ़ाई मुश्किलें

विश्व स्वास्थ्य संगठन और यूनिसेफ द्वारा जारी आंकड़े बताते हैं कि दुनियाभर में 3 करोड़ से ज्यादा बच्चों को पूरी तरह से एमएमआर वैक्सीन नहीं लगाया गया है वहीं 1.43 करोड़ बच्चों को वैक्सीन की  एक भी डोज नहीं लगी है। मीजल्स, मम्प्स और रूबेला (एमएमआर) वैक्सीनेशन को खसरे की रोकथाम के लिए सबसे प्रभावी माना जाता रहा है। 

अमेरिका के अलावा ब्रिटेन में भी इस बीमारी का प्रकोप देखा जा रहा है। ब्रिटेन को साल 2017 में, विश्व स्वास्थ्य संगठन ने मीजल्स फ्री घोषित कर दिया था, वहां इस रोग के मामले फिर तेजी से बढ़ने लगे हैं। 
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टीकाकरण बढ़ावा देने पर जोर - फोटो : Freepik.com
डरा रहे हैं आंकड़े

भारत कुछ दशकों पहले तक खसरा से सबसे ज्यादा प्रभावित देशों में से एक रहा था, हालांकि टीकाकरण को बढ़ावा देकर इस रोग के जोखिमों को पिछले वर्षों में काफी कम कर दिया गया था। आंकड़ों के मुताबिक साल 2017 से 2021 के बीच भारत में खसरे के मामलों में 62% की गिरावट आई, इस दौरान प्रति दस लाख जनसंख्या पर 10.4 से घटकर 4 मामले रह गए थे।

हालांकि कोरोना महामारी के दौरान राष्ट्रीय टीकाकरण अभियान पर भी असर देखा गया जिसमें बड़ी संख्या में बच्चे खसरे के टीके से चूक गए। लिहाजा देश के कई हिस्सों से पिछले दिनों बच्चों में खसरा के मामले बढ़ते हुए रिपोर्ट किए जा रहे हैं। इसको लेकर विशेषज्ञों की टीम ने अलर्ट किया है।


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नोट: यह लेख डॉक्टर्स का सलाह और मेडिकल रिपोर्टस से एकत्रित जानकारियों के आधार पर तैयार किया गया है। 

अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।
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