बढ़ रही है मस्तिष्क रोगों की संख्या
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न्यूरोकॉग्नेटिव विकारों के बारे में जानिए
स्वास्थ्य विशेषज्ञ कहते हैं, न्यूरोकॉग्नेटिव विकार, अंतर्निहित मस्तिष्क की समस्याओं के कारण अनुभूति-सोच में परिवर्तन की समस्या है। अध्ययन के नतीजे बताते हैं कि भारत में 59 वर्ष से अधिक उम्र के लोगों में कई अन्य देशों में इसी आयुवर्ग की तुलना में, कई प्रकार की मस्तिष्क स्वास्थ्य समस्याओं का खतरा अधिक हो सकता है।
तुलनात्मक रूप से देखा जाए तो ब्रिटेन में 60 वर्ष से अधिक उम्र के 14.5 मिलियन (1.45 करोड़) लोग डिमेंशिया के शिकार हैं, यानी कि ये दर लगभग 6.5% है। जबकि नवीनतम अध्ययन के अनुसार, भारत में डिमेंशिया दर लगभग 9.5% है।