कैंसर, दुनियाभर में मृत्यु के प्रमुख कारणों में से एक है। भले ही तकनीकी और चिकित्सा क्षेत्र में आधुनिकता ने कैंसर के इलाज को पहले की तुलना में अब काफी आसान बना दिया है, पर अब भी इस रोग के कारण हर साल लाखों लोगों की मौत हो जाती है। महिलाओं में ब्रेस्ट और ओवेरियन कैंसर के साथ पुरुषों में प्रोस्टेट कैंसर के जोखिमों को सबसे अधिक माना जाता रहा है। स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने हालिया रिपोर्ट में लंग्स कैंसर (फेफड़ों के कैंसर) को बड़ी चिंता मानते हुए लोगों को इससे सावधानी बरतते रहने की सलाह दी है।
फेफड़े का कैंसर अमेरिका में दूसरा सबसे अधिक रिपोर्ट किया जाने वाला कैंसर है। साल 2020 में, अनुमानित रूप से 135,720 लोगों की इसके कारण जान गई है, आश्चर्यजनक रूप से यह आंकड़ा स्तन कैंसर, कोलन और प्रोस्टेट कैंसर से होने वाली मौतों से कहीं अधिक है। स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने भारत में भी लंग्स कैंसर के बढ़ते मामलों को लेकर चिंता जाहिर की है। डॉक्टरों का मानना है कि 2023 में अनुमानित 2.38 लाख से अधिक लोगों में इस कैंसर का निदान हो सकता है।
फेफड़ों के बढ़ते कैंसर की रोकथाम को लेकर वैज्ञानिकों ने गाइडलाइंस जारी की हैं, जिसे सभी लोगों को जानना बहुत आवश्यक है।