टेस्टेस्टोरॉन की कमी की समस्या
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टेस्टेस्टोरॉन के बारे में जान लीजिए
टेस्टेस्टोरॉन पुरुषों में मुख्य रूप से अंडकोष में बनता है। ये कम मात्रा में महिलाओं भी पाया जाता है।
- किशोरावस्था के दौरान आवाज भारी होने, दाढ़ी-मूंछ आना, मांसपेशियों का विकास और प्रजनन क्षमता में इसकी भूमिका होती है।
- लेकिन इसका काम केवल यहीं तक सीमित नहीं है। रक्त कोशिकाओं के निर्माण, हड्डियों की मजबूती, ऊर्जा के स्तर के लिए भी ये जरूरी है।
टेस्टेस्टोरॉन की कमी क्यों होती है?
स्वास्थ्य विशेषज्ञ कहते हैं, टेस्टेस्टोरॉन की कमी के पीछे कई कारण हो सकते हैं। बढ़ती उम्र के साथ इसका स्तर धीरे-धीरे कम होने लगता है। मोटापा, टाइप-2 डायबिटीज, स्लीप एपनिया, लंबे समय तक तनाव और अत्यधिक शराब पीना का भी टेस्टेस्टोरॉन लेवल पर असर देखा जा सकता है।
शोध में पाया गया है कि अंडकोष की चोट, पिट्यूटरी ग्रंथि की बीमारी और कुछ आनुवंशिक विकार भी टेस्टेस्टोरॉन उत्पादन को प्रभावित कर सकते हैं।