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Male Health: इस हार्मोन में छिपा है पुरुषों की फिटनेस से लेकर फर्टिलिटी तक का राज, आपको है इसकी जानकारी?

Mon, 29 Jun 2026 07:32 PM IST
अभिलाष श्रीवास्तव हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

टेस्टेस्टोरॉन को अक्सर सिर्फ पुरुषों की मर्दानगी से जोड़कर देखा जाता है, जबकि सच यह है कि यह हार्मोन शरीर की ऊर्जा, मांसपेशियों की मजबूती, हड्डियों के स्वास्थ्य, मूड, याददाश्त, प्रजनन क्षमता और दिल की सेहत तक में अहम भूमिका निभाता है।
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टेस्टेस्टोरॉन के बारे में जानिए - फोटो : Amarujala.com/AI
टेस्टेस्टोरॉन का नाम सुनते ही आपके दिमाग में सबसे पहले क्या ख्याल आता है? अधिकतर लोगों का जवाब होगा- पुरुषों की मर्दानगी।

टेस्टोस्टेरोन मेल हार्मोन है। इसे अक्सर सिर्फ मर्दानगी से जोड़कर देखा जाता है, जबकि सच यह है कि यह हार्मोन शरीर की ऊर्जा, मांसपेशियों की मजबूती, हड्डियों, मूड, याददाश्त से लेकर प्रजनन क्षमता में अहम भूमिका निभाता है। उम्र बढ़ने के साथ इसका स्तर धीरे-धीरे कम होना सामान्य है, लेकिन जिस तरह से लोगों की जीवनशैली खराब होती जा रही है, नींद कम है और तनाव में रहते हैं इसने टेस्टेस्टोरॉन के स्तर को भी काफी प्रभावित किया है।

क्या आपको पहले की तरह ऊर्जा महसूस नहीं होती? सुबह उठते ही थकान लगती है, जिम में मेहनत करने के बावजूद मांसपेशियां नहीं बन रहीं? अगर हां तो कई बार इसका कारण शरीर में टेस्टेस्टोरॉन हार्मोन की कमी भी हो सकती है।
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टेस्टेस्टोरॉन की कमी की समस्या - फोटो : Freepik.com
टेस्टेस्टोरॉन के बारे में जान लीजिए

टेस्टेस्टोरॉन पुरुषों में मुख्य रूप से अंडकोष में बनता है। ये कम मात्रा में महिलाओं भी पाया जाता है।
  • किशोरावस्था के दौरान आवाज भारी होने, दाढ़ी-मूंछ आना, मांसपेशियों का विकास और प्रजनन क्षमता में इसकी भूमिका होती है।
  • लेकिन इसका काम केवल यहीं तक सीमित नहीं है। रक्त कोशिकाओं के निर्माण, हड्डियों की मजबूती, ऊर्जा के स्तर के लिए भी ये जरूरी है।


टेस्टेस्टोरॉन की कमी क्यों होती है?

स्वास्थ्य विशेषज्ञ कहते हैं, टेस्टेस्टोरॉन की कमी के पीछे कई कारण हो सकते हैं। बढ़ती उम्र के साथ इसका स्तर धीरे-धीरे कम होने लगता है।  मोटापा, टाइप-2 डायबिटीज, स्लीप एपनिया, लंबे समय तक तनाव और अत्यधिक शराब पीना का भी टेस्टेस्टोरॉन लेवल पर असर देखा जा सकता है। 

शोध में पाया गया है कि अंडकोष की चोट, पिट्यूटरी ग्रंथि की बीमारी और कुछ आनुवंशिक विकार भी टेस्टेस्टोरॉन उत्पादन को प्रभावित कर सकते हैं।
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थकान-कमजोरी की समस्या - फोटो : Freepik.com
कहीं आपमें भी तो कम नहीं है टेस्टेस्टोरॉन लेवल?

टेस्टेस्टोरॉन की कमी धीरे-धीरे विकसित होती है, इसलिए इसके शुरुआती संकेत अक्सर नजरअंदाज हो जाते हैं।
 
  • लगातार थकान महसूस होना, काम में रुचि कम होना, इरेक्टाइल डिस्फंक्शन, मूड खराब रहना और चिड़चिड़ापन इसका संकेत हो सकता है।
  • कई लोगों में मांसपेशियों की ताकत घटने लगती है। शरीर के बाल कम होना और हड्डियां कमजोर होना भी देखा जाता है। 
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लो टेस्टेस्टोरॉन की दिक्कत - फोटो : Adobe stock
टेस्टेस्टोरॉन बढ़ाने के लिए क्या करें?

संतुलित और पोषक आहार टेस्टेस्टोरॉन के स्तर को बनाए रखने में मदद कर सकता है।
 
  • पर्याप्त मात्रा में प्रोटीन, हेल्दी फैट, साबुत अनाज, हरी सब्जियां, फल, अंडे, मछली, दालें, नट्स और सीड्स का सेवन करें। 
  • जिंक, मैग्नीशियम और विटामिन डी जैसे पोषक तत्व हार्मोन निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। 
  • जो लोग रोजाना अच्छी नींद नहीं लेते हैं, उनमें हार्मोनल असंतुलन का खतरा रहता है, इसलिए रोज 7-9 घंटे की नींद जरूर लें। 
  • यदि लंबे समय से थकान, यौन इच्छा में कमी, इरेक्शन संबंधी समस्या या मांसपेशियों में कमजोरी है तो समय रहते डॉक्टर की सलाह जरूर लें।



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नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्टस के आधार पर तैयार किया गया है।

अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।
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