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Fiber: सिर्फ पेट ही नहीं आपके दिल के लिए भी जरूरी है फाइबर, क्या आपकी डाइट में है ये न्यूट्रिशन?

Mon, 29 Jun 2026 07:24 PM IST
अभिलाष श्रीवास्तव हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

अक्सर लोग मानते हैं कि फाइबर का काम सिर्फ कब्ज दूर करना और पाचन को बेहतर बनाना है, पर क्या आप जानते है कि इसकी कमी दिल की सेहत के लिए भी खतरनाक हो सकती है?
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डाइट में फाइबर बहुत जरूरी - फोटो : Amarujala.com/AI
खान-पान को ठीक रखना सेहत को ठीक रखने के लिए सबसे जरूरी माना जाता है। यही वजह है कि आहार विशेषज्ञ सभी लोगों को नियमित रूप से प्रोटीन, विटामिन्स और फाइबर वाली चीजों के सेवन की सलाह देते हैं। हालांकि चिंता वाली बात ये है कि हम सभी फास्ट फूड और प्रोसेस्ड चीजों के पीछे इतने भाग रहे हैं कि शरीर को जरूरी पोषक तत्वों की पूर्ति नहीं हो पा रही है। अध्ययनों से पता चलता है कि आहार में फाइबर वाली चीजों को शामिल करके संपूर्ण स्वास्थ्य में सुधार किया जा सकता है।

जब भी फाइबर का जिक्र होता है तो सबसे पहले दिमाग में ख्याल आता है कि इसका काम पाचन को ठीक रखना है। पर क्या आप जानते हैं कि शरीर में फाइबर की कमी सिर्फ पेट को ही नहीं, बल्कि दिल, रक्त वाहिकाओं, ब्लड शुगर और शरीर के वजन सभी पर असर डाल सकती है।
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डाइट में फाइबर वाली चीजें जरूरी - फोटो : Adobe Stock
हार्ट के लिए भी जरूरी है फाइबर

स्वास्थ्य विशेषज्ञ कहते हैं, फाइबर का सेवन दिल की सेहत को ठीक रखने के लिए भी बहुत जरूरी है।
 
  • फाइबर वाली चीजें एलडीएल यानी बैड कोलेस्ट्रॉल को कम करने में मदद करती है। इससे दिल की बीमारियों का खतरा कम होता है।
  • इसके अलावा ब्लड शुगर को नियंत्रित रखने, आंतों में गुड बैक्टीरिया को बढ़ाने में भी इससे मदद मिलती है।

जिन लोगों के भोजन में फाइबर की कमी होती है उन्हें कब्ज, गैस और पेट की समस्याओं के साथ-साथ मोटापा, हाई कोलेस्ट्रॉल और हृदय रोगों का खतरा भी ज्यादा रहता है।
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कोलेस्ट्रॉल की समस्या - फोटो : freepik.com
बैड कोलेस्ट्रॉल होता है कंट्रोल

अध्ययनों से पता चलता है कि घुलनशील फाइबर शरीर में बैड कोलेस्ट्रॉल को कम करने में मदद करता है।
 
  • यह आंतों में पित्त अम्लों से जुड़कर उन्हें शरीर से बाहर निकालने में सहायता करता है, जिससे शरीर को नया पित्त बनाने के लिए कोलेस्ट्रॉल का उपयोग करना पड़ता है। 
  • इससे रक्त में बैड कोलेस्ट्रॉल का स्तर कम हो सकता है। 
  • लंबे समय तक फाइबर की कमी से हाई कोलेस्ट्रॉल, धमनियों में प्लाक बनने और हृदय रोगों का खतरा बढ़ सकता है। 

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डायबिटीज को कैसे करें कंट्रोल? - फोटो : Adobe stock
शुगर-वेट लॉस में भी मददगार

फाइबर युक्त भोजन धीरे-धीरे पचता है और लंबे समय तक पेट भरा हुआ महसूस कराता है। इससे बार-बार भूख नहीं लगती और अनावश्यक खानपान कम होता है। यही कारण है कि फाइबर को वेट लॉस के लिए जरूरी माना जाता है। मोटापे की स्थिति डायबिटीज, हाई ब्लड प्रेशर और हृदय रोगों का जोखिम बढ़ा देती है।

इसी तरह फाइबर वाली चीजें भोजन से ग्लूकोज के अवशोषण की गति को धीमा करती हैं। इससे भोजन के बाद ब्लड शुगर अचानक नहीं बढ़ता। टाइप-2 डायबिटीज वाले लोगों में दिल की बीमारी का खतरा अधिक होता है।
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खान पान में करें सुधार - फोटो : Freepik.com
कैसे पूरी करें फाइबर की कमी?

विशेषज्ञ आमतौर पर सभी लोगों को प्रतिदिन 30-40 ग्राम फाइबर लेने की सलाह देते हैं। 
 
  • साबुत अनाज, ओट्स, दालें, राजमा-चना और लोबिया इसका अच्छा स्रोत है।
  • इसके अलावा सेब, नाशपाती, अमरूद, संतरा, गाजर, पालक, ब्रोकोली, अलसी के बीज और चिया सीड्स फाइबर भी इसके अच्छे स्रोत हैं।
  • फलों का जूस पीने के बजाय पूरा फल खाना अधिक लाभकारी होता है क्योंकि उसमें प्राकृतिक फाइबर बना रहता है।


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नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्टस के आधार पर तैयार किया गया है।

अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।
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