अकेलेपन का बढ़ता खतरा
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युवा पीढ़ी अकेलेपन का सबसे ज्यादा शिकार
पॉल डेली कहते हैं, 25 वर्ष तक की युवा पीढ़ी इस अकेलेपन की लत की सबसे बड़ा शिकार है। इसकी एक बड़ी वजह यह है कि यह पीढ़ी ऐसे माहौल में पली-बढ़ी है जहां लगातार ऑनलाइन रहना एक अनिवार्यता बन गया है। दूसरी तरफ, टेक कंपनियां खासकर सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म में ऐसा एल्गोरिदम इस्तेमाल करती हैं, जिससे लोग इससे बाहर ही नहीं आ पाते। वह अपने आसपास के लोगों और समाज से कटकर अकेलेपन के शिकार होते जाते हैं।
70% से अधिक युवा फोमो यानी पीछे रह जाने के डर से देर रात तक स्क्रीन स्क्रॉल करते रहते हैं। न्यूरोसाइंस के मुताबिक, नोटिफिकेशन और लाइक्स दिमाग में डोपामाइन नामक हार्मोन रिलीज करते हैं, जो जुए या नशीले पदार्थों की लत की तरह ही होता है।
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स्रोत:
Loneliness Is More Dangerous Than Smoking 15 Cigarettes A Day
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