फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Liver Disease: लिवर रोगों से बचे रहना है तो जान लें डॉक्टरों की ये सलाह, क्या खाएं और किन चीजों से करें परहेज?

Fri, 31 Oct 2025 07:26 PM IST
अभिलाष श्रीवास्तव हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

  •  फैटी लिवर, पूरे शरीर के लिए भी दिक्कतें बढ़ाने वाली स्थिति हो सकती है। समय पर इसका इलाज आवश्यक है, बिना इलाज की स्थितियों में लिवर फेलियर तक का भी खतरा हो सकता है।
विज्ञापन
1 of 5
लिवर रोगों का बढ़ता खतरा - फोटो : Adobe Stock Images
Liver Diseases: लिवर रोगों के मामले वैश्विक स्तर पर स्वास्थ्य विशेषज्ञों के लिए चिंता का कारण बने हुए हैं। भारतीयों में भी ये बीमारी तेजी से बढ़ती जा रही है। यहां बड़ी संख्या में युवाओं को फैटी लिवर रोग का शिकार पाया जा रहा है।

स्वास्थ्य विशेषज्ञ कहते हैं, खराब जीवनशैली, जंक फूड्स का अधिक सेवन, देर रात तक जागना, व्यायाम की कमी और शराब की आदत को इसका प्रमुख कारण माना जा रहा है। पहले जहां लिवर की बीमारी आमतौर पर 50 साल की उम्र में देखने को मिलती थी, वहीं अब 20 से कम आयु के युवा भी फैटी लिवर जैसी गंभीर बीमारियों का शिकार हो रहे हैं। 

डॉक्टर बताते हैं, लिवर हमारे शरीर का सबसे महत्वपूर्ण अंग है जो शरीर से विषाक्त पदार्थों को बाहर निकालने, पाचन क्रिया को ठीक रखने और ऊर्जा स्टोर करने का काम करता है। जब लिवर में चर्बी जमा होने लगती है तो उसे फैटी लिवर डिजीज कहा जाता है। समय रहते इसपर ध्यान न दिया जाए तो यह सिरोसिस या लिवर फेलियर जैसी गंभीर स्थिति में भी बदल सकता है।
विज्ञापन

2 of 5
फैटी लिवर की समस्या - फोटो : adobe stock images
फैटी लिवर का बढ़ता खतरा

स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार, फैटी लिवर केवल शराब पीने वालों को ही नहीं होता है। नॉन-अल्कोहलिक फैटी लिवर डिजीज के केस भी देश में तेजी से बढ़ रहे हैं जिसका मुख्य कारण असंतुलित खानपान और निष्क्रिय जीवनशैली और मोटापा को माना जा रहा है।

फैटी लिवर, पूरे शरीर के लिए भी दिक्कतें बढ़ाने वाली स्थिति हो सकती है। समय पर इसका इलाज आवश्यक है। अगर इसे अनदेखा कर दिया जाए तो गंभीर स्थितियों में लिवर फेलियर तक का भी खतरा हो सकता है।
विज्ञापन

3 of 5
पौष्टिक चीजों का करिए सेवन - फोटो : Freepik.com
क्या कहते हैं विशेषज्ञ?

डॉक्टर्स कहते हैं, स्वस्थ और पौष्टिक चीजों का सेवन न सिर्फ आपको लिवर से संबंधित इन रोगों से बचाने में सहायक है साथ ही जिन लोगों को फैटी लिवर की समस्या रही है उनको भी आहार में बदलाव से विशेष लाभ मिल सकता है।

वजन कम करने, कैलोरी की मात्रा में कमी, व्यायाम और स्वस्थ भोजन के संयोजन से भी इस तरह की दिक्कतों से बचाव किया जा सकता है। 
  • भोजन में फल और सब्जियों की मात्रा अधिक रखें। 
  • फाइबर की अधिकता वाली चीजें जैसे फलियां और साबुत अनाज को आहार में शामिल करें।
  • एडेड शुगर, नमक, रिफाइंड कार्बोहाइड्रेट और संतृप्त वसा वाली चीजों का सेवन कम करें।
  • लिवर की बीमारियों से बचाव के लिए शराब के सेवन से बिल्कुल दूरी बनाकर रखें।

4 of 5
कॉफी के फायदे लिवर के लिए - फोटो : Freepik.com
कॉफी पीने से मिलता है लाभ

फैटी लिवर, विशेषकर एनएएफएलडी की समस्या के शिकार लोगों को कॉफी से लाभ मिल सकता है, हालांकि इसका कम मात्रा में सेवन ही आपके लिए फायदेमंद हो सकता है। कॉफी, लिवर के असामान्य  एंजाइम को कम करने में मदद करती है।

अध्ययनों की समीक्षा में पाया गया कि नियमित रूप से कॉफी का सेवन एनएएफएलडी  के विकास के जोखिम को कम करने और पहले से ही इस रोग के शिकार लोगों में लिवर फाइब्रोसिस के खतरे से बचाने में मददगार हो सकती है।
विज्ञापन
विज्ञापन

5 of 5
शराब के नुकसान - फोटो : Freepik.com
लिवर को स्वस्थ रखने के लिए क्या न खाएं
  • तले हुए खाद्य पदार्थों में मौजूद ट्रांस फैट लिवर में चर्बी बढ़ाता है।
  • ज्यादा चीनी वाली चीजें जैसे मिठाई, सोडा, कोल्ड ड्रिंक लिवर में फैट जमा करते हैं।
  • इसी तरह जंक फूड और फास्ट फूड खाना भी नुकसानदायक है। इनमें अधिक सोडियम और प्रिजर्वेटिव होते हैं।
  • शराब का लिवर पर सीधा असर पड़ता है और इससे सिरोसिस का खतरा बढ़ाता है।



-------------------------------
नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्टस से एकत्रित जानकारियों के आधार पर तैयार किया गया है।

अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें