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Liver Disease: दुनियाभर में लिवर रोगों से 18% मौतें अकेले भारत से, क्यों बढ़ती जा रही है ये 'साइलेंट महामारी'?

Thu, 17 Jul 2025 05:17 PM IST
अभिलाष श्रीवास्तव हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

  •  भारत में हर साल लिवर की बीमारी से 2.68 लाख से अधिक मौतें दर्ज की जाती हैं, जो दुनियाभर में लिवर से संबंधित सभी मौतों का 18 प्रतिशत से अधिक है। इस बढ़ती समस्या का एक बड़ा कारण समय पर बीमारी के लक्षणों की पहचान और इलाज न हो पाना है।
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लिवर की बीमारियों का खतरा - फोटो : Freepik.com
Liver Problem: दुनियाभर में लिवर से संबंधित बीमारियों का जोखिम तेजी से बढ़ता जा रहा है। बच्चों से लेकर बुजुर्ग तक सभी को इसका शिकार पाया जा रहा है। भारतीय आबादी में भी लिवर की बढ़ती समस्याओं के कारण स्वास्थ्य सेवाओं पर अतिरिक्त दबाव बढ़ गया है।

डॉक्टर कहते हैं, आहार और खान-पान में गड़बड़ी ने इन बीमारियों के जोखिमों को काफी बढ़ा दिया है। आलम ये है कि दुनियाभर में लिवर रोगों से होने वाली मौतों में से 18% अकेले भारत से रिपोर्ट किए जा रहे हैं।

भारत में, लिवर रोग एक गंभीर जन स्वास्थ्य चिंता का विषय है, जिसमें नॉन-अल्कोहलिक फैटी लिवर डिजीज (एनएएफएलडी) और कई अन्य प्रकार के क्रोनिक लिवर रोग प्रमुख हैं। असली गेम-चेंजर नॉन-अल्कोहलिक फैटी लिवर डिजीज है, जो साइलेंटली एक बड़ी आबादी को अपनी चपेट में ले चुका है।  एम्स के एक अध्ययन में बताया गया है कि लगभग 38% भारतीय आबादी फैटी लिवर से प्रभावित है, जिसमें बच्चे भी शामिल हैं।
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लिवर की समस्याएं - फोटो : adobe stock images
भारत में लिवर की बीमारियों का बढ़ता खतरा

स्वास्थ्य विशेषज्ञ कहते हैं, लिवर हमारे शरीर का 'साइलेंट हीरो' है, जो हमारे शरीर में हर दिन 500 से ज्यादा काम करता है जिनमें टॉक्सिन्स को बाहर निकालना, पाचन में मदद करना और शरीर को ऊर्जा प्रदान करना है। लेकिन दुख की बात ये है भारत में लिवर की बीमारियां खामोश महामारी का रूप लेती जा रही हैं।

आंकड़े बताते हैं कि भारत में हर साल लिवर की बीमारी से 2.68 लाख से अधिक मौतें दर्ज की जाती हैं, जो दुनियाभर में लिवर से संबंधित सभी मौतों का 18 प्रतिशत से अधिक है। इस बढ़ती समस्या का एक बड़ा कारण समय पर बीमारी के लक्षणों की पहचान और इलाज न हो पाना है।  
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लिवर से संबंधित गंभीर दिक्कतें - फोटो : Freepik.com
क्यों बढ़ रही हैं लिवर की बीमारियां?

अमर उजाला से बातचीत में दिल्ली स्थित अस्पताल में गैस्ट्रोएंटेरोलॉजिस्ट विभाग के डॉक्टर राजीव सिंह बताते हैं, भारत में 11% लिवर की बीमारियों का मुख्य कारण शराब है, जो लिवर सिरोसिस और लिवर फेलियर जैसी गंभीर समस्याओं को बढ़ा रही है।

इसके अलावा इंडियन जर्नल ऑफ क्लिनिकल रिसर्च में छपे एक अध्ययन के अनुसार मोटापा और टाइप-2 डायबिटीज वाले 60% से अधिक लोगों में लिवर की दिक्कतों का खतरा अधिक हो सकता है। ऐसे लोगों में फैटी लिवर डिजीज का जोखिम अधिक देखा जाता रहा है। 

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खान-पान में गड़बड़ी का सेहत पर असर - फोटो : Freepik.com
लिवर की बढ़ती बीमारियों का कारण

लिवर की बढ़ती बीमारी के कारणों पर ध्यान आकृष्ट कराते हुए डॉक्टर राजीव बताते हैं रोजमर्रा के खान-पान में गड़बड़ी इस बीमारी की प्रमुख वजह है। अत्यधिक फैट, फ्राईड फूड और प्रोसेस्ड चीजें लिवर में फैट जमा करती हैं।तैलीय और जंक फूड्स के अधिक सेवन के कारण लिवर की कार्यक्षमता प्रभावित होती है।

वहीं काम के लंबे घंटे, सुस्त दिनचर्या और हेपेटाइटिस जैसे संक्रमण भी लिवर की सेहत पर गंभीर असर डाल रही हैं। इन सबको लेकर कम उम्र से ही सावधान हो जाने की जरूरत है।
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लिवर की समस्याएं - फोटो : Freepik.com
लिवर को स्वस्थ रखने के लिए क्या करें?

स्वास्थ्य विशेषज्ञ कहते हैं, कुछ आसान सी बातों पर ध्यान देकर आप लिवर की सेहत को ठीक रख सकते हैं।  
  • संतुलित और फाइबर युक्त भोजन लें। थाली में सब्जियां, फल और हेल्दी फैट्स वाली चीजें शामिल करें।
  • शराब और तंबाकू-धूम्रपान से दूरी बनाए रखना बहुत जरूरी है। 
  • हर दिन कम से कम 30 मिनट व्यायाम करें। फिजिकल एक्टिविटी लिवर में फैट को जमने से रोकती है।
  • हेपेटाइटिस संक्रमण से बचने के लिए टीकाकरण सबसे आसान और प्रभावी तरीका है।
  • डॉक्टर की सलाह पर नियमित अंतराल पर ब्लड टेस्ट और लिवर फंक्शन टेस्ट कराएं, ताकि लिवर की सेहत का अंदाजा लग सके। 


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नोट: यह लेख डॉक्टर्स का सलाह और मेडिकल रिपोर्टस से एकत्रित जानकारियों के आधार पर तैयार किया गया है। 

अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।
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