फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Health Tips: खराब लाइफस्टाइल से बढ़ रहा कैंसर का खतरा, इस तरह की आदत है, तो आप भी हो सकते हैं शिकार

Fri, 30 Sep 2022 12:15 PM IST
अभिलाष श्रीवास्तव हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
विज्ञापन
1 of 5
कैंसर के बढ़ते खतरे से बचाव - फोटो : istock
कैंसर का खतरा वैश्विक स्तर पर बढ़ता हुआ रिपोर्ट किया जा रहा है। कई प्रकार के कैंसर के कारण हर साल करोड़ों की मौत हो जाती है। विशेषज्ञों का मानना है कि दुनियाभर में होने वाली हर छह में से एक मौत का कारण कैंसर है। डॉक्टर्स कहते हैं, शरीर के कई अंगों में कैंसर कोशिकाएं विकसित हो सकती हैं। अपने जोखिम कारकों को समझते हुए सभी लोगों को इस घातक रोग से बचाव के लगातार उपाय करते रहना चाहिए।

विशेषतौर पर कैंसर के लक्षणों पर ध्यान देते रहना आवश्यक है जिससे सही समय पर स्थिति की पहचान करके इलाज प्राप्त किया जा सके। प्रारंभिक चरणों में रोग के निदान और इलाज से जान बचने की संभावना बढ़ जाती है।

स्वास्थ्य विशेषज्ञ बताते हैं, लाइफस्टाइल की गड़बड़ी भी कैंसर के बढ़ते प्रमुख कारणों में से एक है। हमारी दिनचर्या की कई आदतें प्रत्यक्ष-अप्रत्यक्ष तौर पर कैंसर का कारण बन सकती हैं, इस बारे में सभी लोगों को जानते हुए बचाव के उपाय करते रहना चाहिए। कैंसर के खतरे से बचे रहने के लिए बचाव के उपायों को प्रयोग में लाते रहना बहुत लाभकारी और आवश्यक माना जाता है। आइए जानते हैं कि लाइफस्टाइल में किस प्रकार की आदतों के कारण कैंसर के विकसित होने का खतरा हो सकता है?
विज्ञापन

2 of 5
कैंसर बढ़ाने वाले खाद्य पदार्थ - फोटो : iStock
आहार की गड़बड़ी

पेन मेडिसिन की एक रिपोर्ट के अनुसार हम जिस तरह के आहार का सेवन करते हैं, शरीर पर उसका सीधा प्रभाव होता है। कुछ प्रकार के खाद्य पदार्थों को अध्ययनों में कैंसर का खतरा बढ़ाने वाला पाया गया है। रेड मीट या प्रोसेस्ड मीट जैसे आहार का अधिक सेवन कैंसर के जोखिमों को बढ़ा सकता है। स्वास्थ्य विशेषज्ञ कहते हैं, इस प्रकार के चीजों के सेवन से बचाना चाहिए। इसके अलावा अधिक मात्रा में फैट, प्रोटीन, नमक और एडेड शुगर या शुगर ड्रिंक्स के सेवन से भी कैंसर के कारकों के बढ़ने का खतरा रहता है। सभी लोगों को आहार को लेकर विशेष सावधानी बरतनी चाहिए।
विज्ञापन

3 of 5
धुम्रपान से कई प्रकार के रोगों का खतरा - फोटो : Pixabay
तंबाकू उत्पादों के कारण कैंसर का खतरा

अध्ययनों में पाया गया है कि तम्बाकू के कारण कैंसर के विकसित होने और मौत का खतरा अधिक होता है। अनुमान के मुताबिक हर साल लगभग 4.50 लाख मौतें तंबाकू के कारण होने वाले कैंसर से हो जाती हैं। फेफड़ों का कैंसर सबसे तेजी से बढ़ता कैंसर का एक प्रकार है। तंबाकू को इस प्रकार के करीब 80-90 फीसदी मामलों के लिए प्रमुख कारक माना जाता है। तंबाकू सेवन करने से  मुंह, गले, अन्नप्रणाली, पेट, अग्न्याशय, किडनी और सर्वाइकल कैंसर हो सकता है।

4 of 5
शराब से कैंसर का खतरा - फोटो : istock
शराब के सेवन से जोखिम

तंबाकू की तरह, शराब के सेवन की आदत भी आपमें कैंसर के जोखिम को काफी बढ़ा सकती है। लगातार शराब के सेवन की आदत शरीर के तंत्र को कमजोर करके कैंसर के जोखिम को बढ़ा देती है। शराब के सेवन के कारण लिवर के कैंसर का जोखिम सबसे अधिक देखा गया है। महिलाओं में सबसे अधिक देखे जा रहे  स्तन कैंसर के मामलों के लिए भी शराब के सेवन की आदत को प्रमुख कारणों में से एक माना जाता रहा है। स्वास्थ्य विशषज्ञ सभी लोगों को शराब के सेवन से दूरी बनाकर रखने की सलाह देते हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन

5 of 5
मोटापे से होने वाले जोखिम - फोटो : iStock
बढ़ता मोटापा भी बड़ा खतरा

शोधकर्ताओं ने पाया है कि शरीर में फैट का असामान्य रूप से एकत्रित होते रहना कैंसर के उच्च जोखिम कारकों में से एक है। मोटापा ग्रस्त लोगों में कैंसर का जोखिम अन्य की तुलना में अधिक देखा गया है। अन्नप्रणाली, अग्न्याशय, बृहदान्त्र, मलाशय, स्तन, किडनी और पित्ताशय के कैंसर के विकसित होने के लिए मोटापे को एक बड़े कारक के तौर पर माना जाता रहा है। स्वास्थ्य विशेषज्ञ सभी लोगों को मोटापे को नियंत्रित करने की सलाह देते हैं।



----------------
नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्ट्स और स्वास्थ्य विशेषज्ञों की सुझाव के आधार पर तैयार किया गया है। 

अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें